Bihar News : प्रार्थना के दौरान अचानक चीखने-चिल्लाने लगीं छात्राएं, फिर बेहोश होकर गिर पड़ी, स्कूल में मची अफरा-तफरी

Bihar News : बिहार के भभुआ जिले के कुडनू मिडिल स्कूल में उस समय हड़कंप मच गया, जब सुबह की प्रार्थना के दौरान एक-एक कर 6 छात्राएं अचानक बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ीं. स्कूल परिसर में अचानक हुई इस घटना से बच्चों और शिक्षकों के बीच भगदड़ जैसी स्थिति बन गई.

Update: 2026-02-10 12:07 GMT

Bihar News : प्रार्थना के दौरान अचानक चीखने-चिल्लाने लगीं छात्राएं, फिर बेहोश होकर गिर पड़ी, स्कूल में मची अफरा-तफरी

Bihar School Fainting News : कैमूर : कैमूर जिले के चांद प्रखंड स्थित कुडनू मिडिल स्कूल में आज मंगलवार की सुबह प्रार्थना के दौरान अचानक चीख-पुकार मच गई. रोज की तरह बच्चे हाथ जोड़कर प्रार्थना कर रहे थे तभी अचानक लाइन में खड़ी 6 छात्राएं एक-एक कर जमीन पर गिरने लगीं बच्चियों को इस हाल में देख स्कूल स्टाफ के हाथ-पांव फूल गए क्लास में मौजूद बाकी बच्चे डर के मारे इधर-उधर भागने लगे जिससे पूरे स्कूल परिसर में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई. शिक्षकों ने तुरंत दौड़कर छात्राओं को संभाला और उनके चेहरे पर पानी छिड़का, लेकिन बच्चियों की हालत देख हर कोई दहशत में आ गया जैसे ही गांव वालों को इस बात की खबर मिली कुछ ही मिनटों में स्कूल के बाहर सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई.

अंधविश्वास का अफवाह 

स्कूल पहुँचते ही ग्रामीणों के बीच डर का माहौल बन गया. छात्राओं को बेसुध पड़ा देख महिलाओं ने रोना शुरू कर दिया जिससे हालात और बिगड़ गया यहाँ डॉक्टरी इलाज के बजाय अंधविश्वास दिखने लगा. भीड़ में मौजूद कुछ लोगों ने शोर मचाया कि स्कूल में किसी भूत-प्रेत का साया है उनका कहना था कि कुछ दिनों से यहाँ बच्चों की तबीयत लगातार बिगड़ रही है अंधविश्वास का असर इतना ज्यादा था कि लोग बच्चियों को अस्पताल ले जाने के लिए तैयार नहीं थे ग्रामीण अड़ गए कि पहले ओझा को बुलाकर झाड़-फूंक कराई जाए इसी जिद के चक्कर में करीब एक घंटे तक बीमार छात्राओं को स्कूल में ही रोक कर रखा गया, जिससे उनके इलाज में देरी हुई.

समय रहते एक्शन में आया प्रशासन टला बड़ा हादसा

छात्राओं की बिगड़ती हालत और ग्रामीणों की जिद को देखते हुए चांद थाना प्रभारी के साथ शिक्षा विभाग के बड़े अधिकारी तुरंत स्कूल पहुंचे. वहां का नजारा देख अधिकारी भी हैरान रह गए क्योंकि लोग बच्चियों को अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़-फूंक कराने पर अड़े थे. अधिकारियों ने तुरंत मोर्चा संभाला और ग्रामीणों को समझाया कि यह कोई जादू-टोना नहीं बल्कि उमस और शारीरिक कमजोरी का मामला है प्रशासन ने साफ कहा कि देरी करना मासूमों के लिए खतरनाक हो सकता है. काफी देर तक चली गहमागहमी और समझाइश के बाद ग्रामीण शांत हुए. इसके बाद प्रशासन ने तुरंत एम्बुलेंस बुलवाकर सभी छात्राओं को अस्पताल भिजवाया.

इलाज के बाद डॉक्टरों ने दी राहत भरी खबर

बेहोश हुई सभी छात्राओं को आनन-फानन में चांद के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया जहां डॉक्टरों ने तुरंत उनका इलाज शुरू किया. समय पर डॉक्टरी इलाज मिलने से कुछ ही देर में सभी बच्चियों की हालत सुधर गई और उन्हें होश आ गया. डॉक्टरों ने इस घटना की  वजह बताते हुए कहा कि यह कोई जादू-टोना नहीं बल्कि खाली पेट स्कूल आना शरीर में पानी की कमी और तेज गर्मी और उमस का नतीजा है जिला शिक्षा पदाधिकारी राजन कुमार ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि अब सभी बच्चे खतरे से बाहर हैं. साथ ही उन्होंने स्कूल प्रबंधन को सख्त हिदायत दी है कि प्रार्थना सभा को ज्यादा लंबा न खींचें और बच्चों के लिए पीने का पानी और छाया का पुख्ता इंतजाम रखें ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो.

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