Bhiar News: लैंगिक संवेदनशीलता, पॉश अधिनियम-2013 और शी-बॉक्स पोर्टल के संचालन पर राज्यस्तरीय कार्यशाला का आयोजन
जीविका द्वारा लैंगिक समानता को बढ़ावा देने तथा कार्यस्थल को सुरक्षित एवं सम्मानजनक बनाने के उद्देश्य से लैंगिक संवेदनशीलता, POSH अधिनियम-2013 एवं SHe-Box पोर्टल के संचालन विषय पर जीविका की आंतरिक समिति (Internal Committee) के सभी सदस्यों हेतु एक दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
पटना। 20 फरवरी, 2026 जीविका द्वारा लैंगिक समानता को बढ़ावा देने तथा कार्यस्थल को सुरक्षित एवं सम्मानजनक बनाने के उद्देश्य से लैंगिक संवेदनशीलता, POSH अधिनियम-2013 एवं SHe-Box पोर्टल के संचालन विषय पर जीविका की आंतरिक समिति (Internal Committee) के सभी सदस्यों हेतु एक दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन आज बापू टावर, पटना में शुक्रवार को किया गया।
इस अवसर पर राज्यस्तरीय कार्यशाला के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए ग्रामीण विकास विभाग, बिहार सरकार के प्रधान सचिव पंकज कुमार ने कहा कि महिला सशक्तीकरण और सुरक्षित कार्यस्थल की दिशा में बिहार सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयास समाज में व्यापक बदलाव ला रहे हैं। महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ उनके सम्मान और सुरक्षा को सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना इस दिशा में एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी पहल है, जिसके माध्यम से पहली बार व्यापक स्तर पर महिलाओं को आर्थिक एवं सामाजिक सुरक्षा की गारंटी दी गई है। उन्होंने कहा कि जब समाज के विभिन्न वर्गों के बीच आपसी संवाद और सहभागिता बढ़ती है, तब सामाजिक बदलाव संभव होता है। यही लोकतंत्र की वास्तविक कसौटी है, जहाँ न्याय और समानता को व्यवहार में स्वीकार किया जाता है।
इसके साथ ही पंकज ने आज़ादी से पहले और बाद के सामाजिक आंदोलनों का उल्लेख करते हुए कहा कि महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा को लेकर देश में समय-समय पर निर्णायक पहल की गई है। पॉश अधिनियम, 2013 के कारण आज कार्यस्थलों और सार्वजनिक स्थलों पर महिलाओं के प्रति संवेदनशीलता और जागरूकता बढ़ी है। उन्होंने कार्यस्थल पर महिलाओं के सम्मान में सामूहिकता के प्रयास पर भी बल दिया।
मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, जीविका, हिमांशु शर्मा ने कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में कहा कि कार्यस्थल पर महिलाएँ विभिन्न स्तरों पर अलग-अलग प्रकार की चुनौतियों और समस्याओं का सामना करती हैं। POSH अधिनियम 2013 को सही एवं प्रभावी रूप से समझना और उसका पालन सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों को जमीनी स्तर तक प्रभावी रूप से पहुँचाया जाना चाहिए। साथ ही, कर्मचारियों के लिए स्पष्ट “Do’s and Don’ts” की सूची तैयार की जानी चाहिए, जिससे सभी कर्मी अपने आचरण के प्रति सजग रहें। प्रत्येक कर्मचारी को अपने पद की गरिमा बनाए रखते हुए सुरक्षित, सम्मानजनक और समानतापूर्ण कार्यस्थल संस्कृति को निचले स्तर तक प्रसारित करने की जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
इस अवसर पर जीविका की अपर कार्यपालक पदाधिकारी अभिलाषा कुमारी शर्मा ने उपस्थित पदाधिकारियों, आंतरिक समिति के सदस्यों एवं अन्य प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कार्यस्थल पर लैंगिक सम्मान, समानता एवं सुरक्षा की आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी संस्था की प्रगति केवल योजनाओं और कार्यक्रमों से नहीं, बल्कि उसके कार्यस्थल के वातावरण से निर्धारित होती है। एक सुरक्षित, सम्मानजनक एवं संवेदनशील कार्यस्थल न केवल कर्मचारियों के आत्मविश्वास और कार्यक्षमता को बढ़ाता है, बल्कि संस्थागत विकास की मजबूत आधारशिला भी बनता है।
उन्होंने कहा कि कार्यस्थल पर महिलाओं के प्रति सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करना तथा किसी भी प्रकार के लैंगिक भेदभाव, उत्पीड़न या असहज वातावरण को समाप्त करना प्रत्येक संस्था की नैतिक एवं कानूनी जिम्मेदारी है। इस संदर्भ में उन्होंने कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम, 2013 (POSH अधिनियम) के प्रभावी क्रियान्वयन की महत्ता पर जोर देते हुए कहा कि यह अधिनियम केवल एक कानूनी प्रावधान नहीं, बल्कि सुरक्षित और समान अवसर प्रदान करने वाले कार्यस्थल के निर्माण का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने आगे कहा कि जीविका अपने मानव संसाधन को लैंगिक रूप से संवेदनशील बनाने, जागरूकता बढ़ाने तथा संस्थान में सम्मानजनक कार्य संस्कृति विकसित करने हेतु निरंतर प्रयासरत है।
इस कार्यक्रम के अंतर्गत POSH अधिनियम-2013 के प्रावधानों, आंतरिक शिकायत समिति की भूमिका एवं जिम्मेदारियों, शिकायत निवारण की प्रक्रिया तथा अनुपालन संबंधी महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। जेंडर स्पेशलिस्ट गुंजन बिहारी एवं नोडल ऑफिसर अंकिता कश्यप द्वारा व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से विषयों की बारीक जानकारी दी गई।
इस अवसर पर जीविका के निदेशक, राम निरंजन सिंह, निदेशक (उद्यम), विनय कुमार राय सहित विभाग के वरीय पदाधिकारी, परियोजना प्रबंधक, आंतरिक समिति के सदस्य एवं बड़ी संख्या में प्रतिभागी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन प्रतिभागियों को सुरक्षित, समान और सम्मानजनक कार्यस्थल के निर्माण हेतु सक्रिय भूमिका निभाने के आह्वान के साथ किया गया।