Prime Minister Modi's Bastar visit: 30 के बाद फिर 3 अक्‍टूबर को आएंगे पीएम मोदी, छत्‍तीगसढ़ से देश को देंगे बड़ी सौगात, दौरे की तैयारी तेज

Prime Minister Modi's Bastar visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 30‍ सितंबर के बाद एक और दौरा प्रस्‍तावित है। मोदी 3 अक्‍टूबर को जगदलपुर आ सकते हैं। इसकी तैयारी शुरू हो चुकी है।

Update: 2023-09-26 15:30 GMT

Prime Minister Modi's Bastar visit: रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 सितंबर को बिलासपुर के दौरे पर आ रहे हैं। पीएम मोदी बिलासपुर में भाजपा की परिवर्तन यात्रा के समापन के अवसर पर आयोजित जनसभा को संबोधित करेंगे। इसके ठीक 3 दिन बाद फिर प्रधानमंत्री का छत्‍तीसगढ़ दौरा प्रस्‍तावित है। यह दौरा छत्‍तीसगढ़ ही नहीं देश के लिए भी खास होगा, क्‍योंकि मोदी 03 अक्‍टूबर को छत्‍तीसगढ़ देश को बड़ी सौगात देंगे। पीएम मोदी के इस प्रस्‍तावित दौरे को लेकर तैयारी तेज हो गई है। प्रशासन के साथ ही पार्टी के नेता भी तैयारी में जुट गए हैं।

03 अक्‍टूबर को मोदी का जगदलपुर दौरा प्रस्‍तावित है। मोदी वहां सरकारी कार्यक्रम के साथ ही बीजेपी की जनसभा को भी संबोधित करेंगे। मोदी की जगदलपुर में प्रस्‍तावित जनसभा की तैयारी का आज प्रदेश प्रभारी ओम माथुर ने जायजा लिया। बताया जा रहा है कि जगदलपुर में कार्यक्रम के दौरान नगरनार में बनकर तैयार एनएमडीसी के स्‍टली प्‍लांट को प्रधानमंत्री मोदी राष्‍ट्र को समर्पित कर सकते हैं। एनएमडीसी प्रबंधन और बस्‍तर जिला प्रशासन ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। नगरनार (Nagarnar Steel Plant) में बना एनएमडीसी (NMDC) का स्‍टील प्‍लांट देश के सबसे बड़े स्‍टील प्‍लांटों में शामिल है।

Prime Minister Modi's Bastar visit बता दें कि पहले फेज में ही नगरनार से 3 मीलियन टन स्टील का उत्पादन होगा। 23 हजार आठ सौ करोड़ की लागत से तैयार नगरनार स्टील प्लांट में पांच हजार रेगुलर अधिकारी, कर्मचारी होंगे। इनके लिए नगरनार में प्लांट के पास स्टील सिटी बनकर तैयार हो गई है। इसके अलावा कई सहायक उद्योग प्रारंभ होंगे। मोटे तौर पर मानना है कि प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष करीब 30 हजार लोगों को इसमें रोजगार मिलेगा। इससे बस्तर की पहचान बदलेगी। अभी नक्सलवाद से बस्तर की पहचान होती है। मगर अब देश के औद्योगिक नक्शे पर बस्तर उभरेगा। जाहिर है, छत्तीसगढ़ में अब दो भिलाई होगा। “माँ दंतेश्वरी” ब्लास्ट फर्नेस (blast furnaces) की कमीशनिंग संयंत्र के प्रचालन की तैयारी में एक महत्वपूर्ण कदम है। एनएमडीसी के अफसरों के अनुसार शुरूआत में 1700 टन कोक, 985 टन सिंटर, 270 टन लौह अयस्क और 245 टन फलक्स को लोड करके ब्लास्ट फर्नेस का प्रचालन प्रारंभ किया गया।

दो-दो बार हुआ भूमिपूजन

नगरनार स्टील प्लांट (Nagarnar Steel Plant) का दो-दो बार भूमिपूजन हुआ है। पहली बार 23 सितंबर 2003 को तत्कालीन उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आड़वाणी (Lal Krishna Advani) ने इसकी आधारशीला रखी थी। तब यह रोमेल्ट तकनीकी पर आधारित एक लाख टन सालाना उत्पादन क्षमता वाला प्‍लांट था। तकनीकी का हस्तांतरण नहीं होने और बस्‍तर के लोगों की तरफ से भिलाई स्टील प्लांट के समान एकीकृत इस्पात संयंत्र लगाने की मांग किए जाने पर तीन सितंबर 2008 को तत्कालीन केंद्रीय इस्पात मंत्री रामविलास पासवान (Ram Vilas Paswan) ने दूसरी बार इस संयंत्र की आधारशिला रखी।

डीमर्जर को लेकर विवाद, राज्‍य सरकार ने दिया खरीदने का प्रस्‍तावन

नगरनार स्‍टील प्‍लांट के डीमर्जर (निजीकरण) को लेकर विवाद की स्थिति बनती रही है। इस प्‍लांट के डीमर्जर के विरोध में बस्‍त में बड़ा आंदोलन हुआ। इधर, राज्‍य सरकार ने दिसंबर 2020 में विधानसभा में एक संकल्प पारित किया। इसमें कहा गया कि यदि केंद्र सरकार इस संयंत्र का निजीकरण करेगी तो उसे राज्य सरकार खरीदेगी। राज्‍य सरकार के संकल्‍प में केंद्र सरकार से आग्रह किया गया था कि बस्तर और प्रदेश की जनभावना को ध्यान में रखते हुए डीमर्जर की प्रक्रिया को निरस्त कर दें। एनएमडीसी आयरन एंड स्टील प्लांट को एनएमडीसी लिमिटेड से अक्तूबर, 2022 में एनएमडीसी स्टील लिमिटेड के रूप में डीमर्ज किया गया है।

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