India EU FTA : भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच मदर ऑफ ऑल डील्स, 18 साल का इंतजार हुआ खत्म
India EU FTA : आखिर वो दिन आ ही गया जिसका इंतजार 18 साल से था, यूरोपीय यूनियन और भारत के बीच मुक्त व्यापार समझौता हो गया जिसका नाम मदर ऑफ ऑल डील्स रखा गया है इसके लिए पिछले 18 साल से बात चल रही थी
India EU FTA : भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच मदर ऑफ ऑल डील्स, 18 साल का इंतजार हुआ खत्म
India EU FTA : नई दिल्ली : आखिर वो दिन आ ही गया जिसका इंतजार 18 साल से था, यूरोपीय यूनियन और भारत के बीच मुक्त व्यापार समझौता हो गया जिसका नाम मदर ऑफ ऑल डील्स रखा गया है इसके लिए पिछले 18 साल से बात चल रही थी वो आखिर अब हो गई वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने जानकारी देते हुए बताया की इस समझौते पर मुहर लग गई है, और आज इसका औपचारिक घोषणा हो जायेगा
वर्तमान में EU के निर्यात बाजार में भारत की भागीदारी मात्र 0.8 प्रतिशत है लेकिन फिर भी यह यह समझौता यूरोप के लिए बहुत महत्वपूर्ण है अभी कुछ सालो में भारत यूरोप के बिजनेस डील्स में काफी बदलाव देखने को मिला है साल 2019 EU के साथ भारत का ट्रेड सरप्लस 3 अरब डॉलर था जो की अभी 2025 में 15 अरब डॉलर घाटे में बदल गया है इस समझौता से भारत की चीन पर निर्भरता कम होगी और वैश्विक आपूर्ति में तेजी आएगी यूरोप अब अपनी जरूरतों के लिए एक देश पर निर्भर नही रहना चाहता
भारत को मिलेगा बड़ा बाजार
इस व्यापार समझौते से भारत के ज्यादा श्रम उपयोग वाले जैसे कपड़ा और फुटवियर जैसी इंडस्ट्री के अलावा इलेक्ट्रॉनिक्स, मशीनरी और केमिकल इंडस्ट्री से जुड़े लोगो को एक बड़ा बाजार मिलेगा साल २०२५ में भारत और यूरोप के बीच 136 अरब डॉलर का व्यापार हुआ था जिसमे से भारत ने यूरोप से 60.7 अरब डॉलर का आयात किया था और वही भारत से 75.9 अरब डॉलर का सामान यूरोप में निर्यात किया था ग्लोबल ट्रेड रिसर्च संस्थापक अजय श्रीवास्तव ने बताया की
यूरोप को भारत से होने वाले निर्यात में जूते, टायर, दवाइयां, ऑटो पार्ट्स, स्मार्टफोन, वस्त्र, प्रोसेस्ड फ्यूल और हीरे आदि शामिल हैं, ये सब आयात यूरोप पहले दुसरे देशो के साथ करता था, और बहुत से यूरोप की कंपनिया दुसरे देशो में शिफ्ट भी कर चुके थे, और जो सामान यूरोप में भारत आया इनमे से, लेटेस्ट चिकित्सा उपकरण और मेटल स्क्रैप मशीनरी, विमान, प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक आइट्म्स, रसायन आदि शामिल हैं.
इस व्यापार समझौते से अब भारत के श्रम-प्रधान क्षेत्रों के उत्पादो पर टेक्स शुल्क कम होंगे या समाप्त होने की उम्मीद है और इसके साथ ही यूरोप को भी अपने सामान के लिए भारत में बड़ा बाजार मिलेगा
यूरोप के साथ इस व्यापार समझौते से UE से आने वाली गाडियों पर आयात शुल्क 110 से कम करके 40 प्रतिशत करने की तैयारी है, मिली जानकारी के अनुसार 16 लाख से अधिक की कारो पर यह नया शुल्क लागू होगा आने वाले समय में इसे 10 प्रतिशत तक करने का अनुमान है, हालाकि ब्रिटेन समझौते की तरह यूरोप से गाड़ी आयात की सीमा तय होगी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार भारत ने यूरोप से एक साल में 2 लाख ईंधन वाली गाड़ियां आयात करने के लिए राजी हुआ है अग्रीमेंट सामने आने के बाद इसमें बदलाव भी किये जा सकते है कार के मामले में भारत दुनिया में तीसरा सबसे बड़ा बाजार है और सुरक्षा के मामला में नम्बर वन है भारत में पूरी तरह से तैयार कारों पर आयात शुल्क 70 प्रतिशत से 110 परसेंट तक है आयात टेक्स में कमी से यूरोप की कार निर्माताओ को भारत में अपने आयातित मॉडलों की कीमत बनाये रखने में मदद मिलेगी