नियुक्ति बिग ब्रेकिंग : GAD ने नियुक्ति को लेकर जारी किया अफसरों को कड़ा निर्देश…. प्रोबेशन पीरियड के संशोधित नियमों पर ही जारी करें नियुक्ति आदेश…… पढ़िये क्या लिखा है आदेश में
रायपुर 10 मार्च 2021। छत्तीसगढ़ में नियुक्ति के लिए 3 साल का प्रोबेशन राज्य सरकार ने जारी किया है, बावजूद कई अधिकारी राज्य सरकार के नियमों को ठेंगा दिखाने से नहीं चूक रहे हैं। राज्य सरकार के पास ये खबरें आयी है कि 3 साल के बजाय कई विभागों से 2 साल के प्रोबेशन पीरियड का ही निर्देश जारी किया जा रहा है…। उन अधिकारियों को GAD ने फटकार लगाते हुए कड़ा निर्देश जारी किया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने दो टूक कहा है कि अगर कोई अधिकारी अब 3 साल के प्रोबेशन के बजाय 2 साल के प्रोबेशन के साथ नियुक्ति आदेश जारी करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी। आदेश पढ़ने के लिए इस लिंक को क्लिक करें
दरअसल पिछले साल ही राज्य सरकार ने प्रदेश में 3 साल के प्रोबेशन पीरियड का आदेश लागू किया था। सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागों, राजस्व मंडल, कमिश्नर, कलेक्टर व जिला पंचायत सीईओ को जारी कर इस फैसले की जानकारी भी दे दी थी, जिसमें स्पष्ट कहा गया था कि किसी भी सीधी भर्ती के पदों में परिवीक्षा अवधि अब 3 साल की होगी। आदेश पढ़ने के लिए इस लिंक को क्लिक करें
28 जुलाई 2020 को अधिसूचना में कहा गया था कि किया था, जिसमें किसी भी सेवा या पद पर सीधी भर्ती द्वारा नियुक्त किसी भी व्यक्ति को पहले तीन साल परिवीक्षा अवधि पर रखने की बात कही गयी थी। राज्य सरकार ने ये भी साफ किया है कि जब तक सभी विभागों की तरफ से भर्ती नियमों में संशोधन नहीं किया जाता है, तब तक ये नियम ही लागू रहेंगे।
जीएडी ने कुछ भर्ती निर्देशों पर नाराजगी जतायी है, जिसमें परिवीक्षा अवधि सिर्फ 2 साल का बताया जा रहा है। जीएडी ने अपने आदेश में कहा है कि…
“3 साल की परिवीक्षा का निर्देश राजपत्र में प्रकाशन होने की तिथि से प्रभावशील हैं, उक्त प्रावधान लागू होने के पश्चात भी कतिपय विभागों, विभागाध्यक्षों, कलेक्टर कार्यालयों से नियम के विपरीत 2 साल का प्रोबेशन अवधि जारी किया गया है, जो गलत है”
जीएडी ने कहा है कि
“जिन विभागों व विभागाध्यक्षों, आयोग, बोर्ड, मंडल, निगम आदि में 28 जुलाई 2020 से की गयी नियुक्ति में शासन के नियम व निर्देशों के विपरीत 2 साल की सी परिवीक्षा अवधि पर जारी नियुक्ति आदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त करते हुए 3 साल की परिवीक्षा के साथ नियत स्टाइपेंड पर करने का आदेश जारी करें, ऐसे नियुक्ति प्राधिकारी जो उक्त निर्देश की अवहेलना करते हुए 2 वर्ष की परिवीक्षा अवधि पर नियुक्ति आदेश जारी किया जाना पाया जाता है, जो उक्त नियुक्ति प्राधिकारियों के विरूद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जायेगी”