फिर दिखा शिक्षाकर्मियों के ट्विटर अभियान का असर…91 करोड रुपए की राशि शिक्षाकर्मियों के वेतन के लिए हुई जारी… मुख्यमंत्री से लेकर पंचायत मंत्री तक शिक्षाकर्मियों ने लगाई थी गुहार

Update: 2020-04-05 14:08 GMT

रायपुर 5 अप्रैल 2020। प्रदेश के शिक्षाकर्मियों ने शासन प्रशासन तक अपनी बात पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया को अपना हथियार बनाया है और उसका असर लगातार दिखाई दे रहा है। एक बार फिर वेतन के लिए शिक्षाकर्मियों ने अपनी बात मुख्यमंत्री और पंचायत मंत्री तक ट्विटर और फेसबुक के जरिए पहुंचाई और उन्हें अवगत कराया कि बीते दो-तीन महीनों से उन्हें वेतन नहीं मिला है अलग-अलग ब्लॉक में वेतन की अलग-अलग स्थिति है ।

साथ ही अधिकारियों को भी व्हाट्सएप के जरिए जिन जिलों में वेतन भुगतान नहीं हुआ है उनकी जानकारी दी थी। ऐसे में जहां नगरीय निकाय ने पत्र जारी कर के समस्त निकायों से अब तक की दी गई राशि का प्रमाण पत्र और वर्तमान में वेतन के लिए जरूरी राशि का मांग पत्र मंगाया है।

वही पंचायत विभाग ने 91 करोड़ 90 लाख रुपए की राशि शिक्षाकर्मियों के वेतन के लिए जारी कर दी है साथ ही अधिकारियों को इस बात का भी स्पष्ट निर्देश दे दिया गया है कि दी गई राशि से केवल शिक्षाकर्मियों का वेतन का भुगतान करना है किसी भी प्रकार की एरियर्स राशि का भुगतान दी गई राशि से नहीं करना है।

दरअसल विभाग समय पर वेतन के लिए राशि जारी कर देता है किंतु निचले स्तर पर जिला पंचायत में बैठे अधिकारी कर्मचारी एरियर्स राशि के तौर पर रुपयों की बंदरबांट कर देते हैं जिसे लेकर अधिकारियों में गहरी नाराजगी है और बार-बार चेतावनी देने के बावजूद ऐसी चूक नजर आती है।

प्रदेश में शिक्षा कर्मियों का जुलाई में संविलियन भी होना है इसलिए विभाग ने स्पष्ट तौर पर आदेश जारी कर दिया है कि दी गई राशि से केवल वेतन भुगतान किया जाना है अब उम्मीद है कि शिक्षाकर्मियों को जल्द ही उनका वेतन भुगतान हो जाएगा ।

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