अस्पताल संचालक अपहरण मामले में मुरादाबाद कोर्ट में पेश किया गया 5 आरोपियों को, प्रेस कांफ्रेंस में इस तरह से दिखाई गई LIVE पेशी
नईदिल्ली 24 सितम्बर 2021। अस्पताल संचालक के अपहरण कर्ताओ को बिलासपुर पुलिस ने मुरादाबाद से गिरफ्तार कर वही के कोर्ट में पेश करते हुए वीडियो कांफ्रेंसिंग से प्रेस कांफ्रेंस कर मीडिया के सामने पेश किया,प्रदेश में आरोपियो को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से प्रेस कांफ्रेंस करने का सम्भवतः यह पहला मामला हैं। गिरफ्तार आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड में ले कर बिलासपुर लाने की तैयारी हैं, आरोपियो को पकड़ने वाली टीम को बिलासपुर आईजी रतन लाल डांगी ने 30 हजार नकद इनाम देने की घोषणा की है तो वही बिलासपुर एसपी ने टीम को इंद्रधनुष पुरुस्कार देने के लिए प्रस्ताव डीजीपी को भेजा हैं।
गौरतलब हैं कि बिलासपुर में स्काई हास्पिटल का संचालन करने वाले प्रदीप अग्रवाल का पैसो के लेन देन के विवाद के चलते उनके ही हास्पिटल में काम करने वाले डॉक्टर शैलेन्द्र मसीह, डॉक्टर मोहम्मद आरिफ,टेक्नीशियन फिरोज व उनके दो साथी आलम व रिजवान ने रविवार रात किडनैप कर लिया था,पर पुलिस के दबाव के चलते 24 घण्टे में ही दिल्ली एयरपोर्ट के सामने छोड़ कर फरार हो गए थे,प्रार्थी के बयान के आधार पर पाँचो के खिलाफ जुर्म दर्ज कर 4 सदस्यीय पुलिस टीम को उन्हें गिरफ्तार करने मुरादाबाद भेजा गया था,जहां पुलिस ने पहुँच कर आरोपियो को गिरफ्तार करने के लिए पतासाजी की और कई अस्पतालों में पता किया जिसमे पता चला कि टेक्नीशियन फिरोज एक हास्पिटल में काम करता हैं, उस हास्पिटल में जा कर पता करने पर पता चला कि फिरोज की शिफ्ट खत्म हो चुकी है, और वहां आस पास तस्दीक करने पर आरोपियो को भनक लगने कि आशंका थी,लिहाजा पुलिस टीम आरोपी को पकड़ने के लिए मरीज बन कर अस्पताल में भर्ती हो गई,दूसरे दिन जब फिरोज ड्यूटी पर पहुँचा तो पुलिस टीम ने उसे दबोच लिया फिर कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए सारे आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए।गिरफ्तार आरोपियो से एक होंडा कार व अर्टिगा कार के साथ स्टाम्प व चेक भी बरामद किए गए हैं, कल तक पुलिस टीम आरोपियो को ले कर बिलासपुर पहुँच जाएगी।
30 से अधिक अस्पताल कर्मियों से पुछ ताछ व 500 सीसीटीवी का किया गया अवलोकन:-
गुमशुदगी के बाद पुलिस टीम ने अस्पताल में कार्यरत 30 से अधिक अधिकारी कर्मचारियों से बारीकी से पूछताछ की और हास्पिटल संचालक के व्यापार व्यवसाय से जुड़ी जानकारियां व पूर्व लेन देन सम्बंधित विवाद की जानकारी हासिल की,तथा छतीसगढ़, मध्यप्रदेश, एवम उत्तरप्रदेश के रास्तों के 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों का अवलोकन कर जानकारी जुटाई,तथा 3 दिनों तक चौबीसों घण्टे,आरोपियो की निगरानी व साक्ष्य संकलन हेतु टेक्निकल टीम लगी रही।
ये थे टीम में शामिल जवान व गिरफ्तार आरोपी
एसपी दीपक झा के निर्देशन व एडिशनल एसपी निमेष बरैया की मॉनिटरिंग में बाहर भेजे जाने के लिए बनाई गई टीम में सब इंस्पेक्टर धर्मेंद्र वैष्णव,प्रधान आरक्षक विनोद यादव,आरक्षक सतीश यादव,व अविनाश कश्यप थे।एसपी दीपक झा ने टीम की कामयाबी पर एडीशनल एसपी निमेष बरैया सरकंडा थाना प्रभारी परिवेश तिवारी,व सब इंस्पेक्टर धर्मेंद्र वैष्णव को बधाई दी हैं।एसपी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से ही सार्वजनिक तौर पर धर्मेंद्र वैष्णव और उनकी टीम को बधाई दी और हौसला आफजाई किया।
गिरफ्तार आरोपियों में डॉक्टर शैलेन्द्र मसीह ,डॉक्टर मोहम्मद, टेक्नीशियन फिरोज,व ड्राइवर रिजवान व आलम को गिरफ्तार किया है। अपना पैसा पाने डॉक्टर बने डकैत,डॉक्टरों ने पूर्व में दी थी अस्पताल संचालक के खिलाफ पुलिसमें
शिकायत,एसपी बोले पुलिस ने उसे भी जांच में
विवाद की जड़ में कोरोना काल में की गई मोटी कमाई हैं, जिसमे डॉक्टरों की हिस्सेदारी होने की बात कही जा रही है और एसा अग्रीमेंट की भी बात आ रही है, अस्पताल संचालक ने जब पैसे देने से मना किया तब डॉक्टरों ने इसकी शिकायत थाने में कि थी,आज एसपी ने प्रेस कांफ्रेस में पत्रकारों को बताया कि उस शिकायत को भी पुलिस जांच में लेगी, औऱ मामले में आगे तफ्तीश करेगी।