पेंशन को लेकर हाईकोर्ट का महत्वपूर्ण फैसला: EPFO के आदेश को किया रद्द, कोर्ट ने कहा...
Bilaspur High Court: पेंशन निर्धारण और प्रति महीने भुगतान को लेकर हाई कोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। जस्टिस एनके व्यास के सिंगल बेंच ने कहा, कर्मचारी कोई भी विकल्प चुने, उसे उच्च पेंशन प्राप्त करने का अधिकार है।

फोटो सोर्स- NPG News
बिलासपुर। 03 मार्च 2026| पेंशन निर्धारण और प्रति महीने भुगतान को लेकर हाई कोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। जस्टिस एनके व्यास के सिंगल बेंच ने कहा, कर्मचारी कोई भी विकल्प चुने, उसे उच्च पेंशन प्राप्त करने का अधिकार है। इस टिप्पणी के साथ कोर्ट ने EPFO द्वारा निर्धारित पेंशन को रद्द करते हुए उच्च पेंशन प्रदान करने का आदेश दिया है। कोर्ट के आदेश की प्रति प्राप्त करने के 90 दिनों के भीतर अमल करना होगा।
यदि किसी कर्मचारी ने सेवानिवृत्ति से पूर्व कर्मचारी पेंशन योजना, 1995 (संशोधन पूर्व) के पैरा 11(3) के अंतर्गत किसी भी विकल्प का प्रयोग किया है, तो वह उच्च पेंशन प्राप्त करने का अधिकारी है, क्योंकि मूल योजना के अंतर्गत उच्च पेंशन के लिए विकल्प चुनने हेतु कोई कट-ऑफ तिथि निर्धारित नहीं थी। इस आशय का निर्देश देते हुए हाई कोर्ट ने डेयरी फेडरेशन समेत सहकारी कर्मचारियों की याचिकाओं को मंजूर कर लिया ।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन EPFO का वह आदेश निरस्त कर दिया जिसमें कर्मचारियों की पेंशन घटा दी गई थी। जस्टिस एन के व्यास ने सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट के आदेश की प्रति मिलने के 90 दिन के भीतर कर्मचारियों को लंबित देयकों का भुगतान करने को कहा है। नहीं देने की स्थिति में 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से अलग भुगतान भी करना होगा।
क्या है मामला?
डेयरी फेडरेशन और केन्द्रीय सहकारी बैंक से सेवा निवृत्त हुए लालमन साहू, गणेश प्रसाद व अन्य कर्मचारियों ने रिटायर्ड होने से पहले ही पेंशन को लेकर निर्धारित फार्म भरकर अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी थी। EPFO ने पहले दो हजार रुपये प्रति महीने पेंशन देना शुरू किया बाद में इसे बढाकर 18 हजार कर दिया। कुछ समय बाद EPFO ने इसे फिर कम कर दिया। इस निर्णय को चुनौती देते हुए कर्मचारियों ने अधिवक्ता नीरज चौब व अन्य अधिवक्ताओं के माध्यम से हाई कोर्ट में अलग-अलग याचिका दायर की। याचिका की सुनवाई जस्टिस एनके व्यास के सिंगल बेंच में हुई।
याचिकाकर्ता के अधिवताओं ने कोर्ट के सामने रखा पक्ष
याचिका की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ताओं ने कोर्ट के समक्ष पैरवी करते हुए कहा, याचिकाकर्ताओं ने अपनी पेंशन के लिए अतिरिक्त राशि जमा कराई थी, लिहाजा सभी बढ़े हुए पेंशन का हकदार हैं।
हाई कोर्ट ने ऐसा दिया फैसला
याचिका की सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है, पहले रिटायर्ड होने के आधार पर पेंशन कम नहीं की जा सकती। याचिकाकर्ता कर्मचारी उच्च पेंशन प्राप्त करने के अधिकारी हैं। कोर्ट ने कहा, मूल योजना के अंतर्गत उच्च पेंशन के लिए विकल्प चुनने हेतु कोई कट-ऑफ तिथि निर्धारित नहीं की गई थी। हाई कोर्ट ने EPFO के पेंशन को कम करने के आदेश को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने EPFO को आदेश की प्रति प्राप्त होने के 90 दिनों के भीतर एरियर्स सहित लंबित देयकों का भुगतान करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने साफ कहा, आदेश का परिपालन ना करने की स्थिति में याचिकाकर्ताओं को 6 प्रतिशत की दर से वार्षिक ब्याज का भुगतान करना होगा।
