कुलपति प्रो0 चक्रवाल बोले…साफ-सफाई के साथ ही हमें मन, कर्म एवं वचन तीनों से स्वच्छ होने की जरूरत, गांधीजी के सत्याग्रह की तरह स्वच्छाग्रह को अभियान बनाना होगा
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बिलासपुर, 13 सितंबर 2021। गुरू घासीदास विश्वविद्यालय (केन्द्रीय विश्वविद्यालय) के कुलपति महोदय प्रोफेसर आलोक कुमार चक्रवाल ने सभी का आह्वान करते हुए कहा कि हमें स्वच्छ भारत अभियान को स्वच्छता के आग्रह में बदलना होगा। स्वच्छता के प्रति हमारा आग्रह ही इस अभियान को सफल बनाने में कारगर होगा।
प्रशासनिक भवन के सभा कक्ष में एक से 15 सितंबर 2021 तक आयोजित स्वच्छता पखवाड़ा पर राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 एवं स्वच्छ भारत अभियान विषय पर स्वच्छता विचार मंथन के अंतर्गत विमर्श किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता कुलपति प्रोफेसर आलोक कुमार चक्रवाल ने पखवाड़ा के दौरान आयोजित की गई विभिन्न गतिविधियों पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि स्वच्छता हमारे जीवन का अभिन्न अंग है जिसका हमें निरंतर संपादन करना चाहिए। प्रो0 चक्रवाल ने…
गांधी जी के सत्याग्रह की तर्ज पर स्वच्छाग्रह की परिकल्पना को साकार करने पर बल दिया। बोले…हमें लोगों से स्वच्छता बनाये रखने के लिए आग्रह करना चाहिए। हमें मन, कर्म, एवं वचन तीनों से स्वच्छ होने की आवश्यकता है। मन की स्चच्छता से संतुलन, कर्म की स्वच्छता से परोपकार एवं वचन की स्वच्छता से शांति एवं प्रसन्नता को प्राप्त किया जा सकता है।
कुलपति ने कहा कि स्वच्छता महंगी नहीं है, दिव्यता भारतीय संस्कृति का प्रतीक है। हमारे पास असीम संभावनाएं उपलब्ध हैं। हम विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को लागू करने में अग्रणी रहने के लिए निरंतर प्रयासरत है। हमें संकल्प की पूर्ति के लिए अपनी शक्ति और सामर्थ्य के अनुरूप काम करना होगा। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि स्वस्थ पर्यावरण के लिए अधिकाधिक पौधारोपण करें। स्वच्छता पखवाड़े के सफल आयोजन के लिए इससे जुड़े सभी सदस्यों को बधाई दी।
इससे पूर्व विश्वविद्यालय के स्वच्छता पखवाड़ा अभियान के नोडल अधिकारी डॉ. सुजीत कुमार मिश्रा ने पखवाड़े के दौरान विश्वविद्यालय में आयोजित विभिन्न गतिविधियों के विषय में विस्तार से जानकारी प्रदान की। साथ ही समस्त ग्यारह विद्यापीठों के अधिष्ठाताओं ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 एवं स्वच्छ भारत अभियान विषय पर स्वच्छता विचार मंथन में विचार रखे।
कार्यक्रम के अंत में कुलसचिव प्रो. शैलेन्द्र कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन किया। संचालन डॉ. रमेश गोहे सहायक प्राध्यापक हिंदी विभाग ने किया।