कुलपति प्रो. चक्रवाल ने शिक्षकों से किया आव्हान: राष्ट्र को श्रेष्ठ बनाने विद्यार्थियों में जीवन मूल्यों को प्रवाहित करें, बोले..व्यक्ति शरीर से नहीं चरित्र से महान बनता है
0 हमें प्रतिद्वंदिता, असत्य और लालच से बचना चाहिए
बिलासपुर, 2 अक्टूबर 2021। गुरू घासीदास विश्वविद्यालय (केन्द्रीय विश्वविद्यालय) के कुलपति प्रो0 आलोक चक्रवाल ने आज कहा कि व्यक्ति शरीर से नहीं चरित्र से महान बनता है। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि वे राष्ट्र को महान बनाने के लिए छात्रों में जीवन मूल्यों को प्रवाहित करें।
वे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 152वीें एवं राष्ट्रनिर्माता पूर्व प्रधानमंत्री स्व. लाल बहादुर शास्त्री की 118वीं जयंती पर आयोजित समारोह में बोल रहे थे। कुलपति के नेतृत्व में प्रबंध अध्ययन विभाग से रजत जयंती सभागार तक अंतरराष्ट्रीय अंहिसा दिवस एवं राष्ट्रीय एकता रैली में विश्वविद्यालय परिवार ने पूरे उमंग, उत्साह एवं उल्लास के वातावरण में मनाया।
मुख्य अतिथि के रूप में कुलपति प्रो. चक्रवाल ने सभा को संबोधित किया कि हमें जीवन के मूल्यों को समझना होगा साथ ही परिश्रम, त्याग एवं अंहिसा के मार्ग पर चलकर हम श्रेष्ठ बन कर राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं। हम सभी को सत्य, अहिंसा, प्रेम, संयम, परिश्रम, त्याग और
प्रतिब्धता के गुणों को अपने जीवन में आत्मसाथ करना चाहिए। व्यक्ति शरीर से नहीं बल्कि चरित्र से महान बनता है। शास्त्री जी हमें सादा जीवन एवं उच्च विचार की सीख देते हुए जय जवान, जय किसान का नारा दिया था। उन्होंने शिक्षकों से आव्हान किया कि राष्ट्र को श्रेष्ठ बनाने शिक्षक विद्यार्थियों में राष्ट्रीय मूल्यों को प्रवाहित करें।कुलपति ने कहा कि हमें प्रतिद्वंदता, असत्य एवं लालच से बचना चाहिए। अपने संबोधन में उन्होंने महात्मा गांधी एवं शास्त्री जी से जुड़े विभिन्न प्रेरक प्रसंगों की भी चर्चा की।
कार्यक्रम में समस्त विद्यापीठों के अधिष्ठातागण,
विभागाध्यक्षगण, शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी एवं विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया।