मथुरा में चीख-पुकार: सगाई की खुशियां मातम में बदलीं, रजबहे में कार गिरने से 4 दोस्तों की जलसमाधि!

Mathura Road Accident : उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले से एक बड़े हादसे की खबर सामने आई है. यहाँ बुधवार की रात एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर रजबहे में जा गिरी. इस भयानक हादसे में कार सवार चार युवकों की मौके पर ही मौत हो गई.

Update: 2026-02-19 06:57 GMT

मथुरा में चीख-पुकार: सगाई की खुशियां मातम में बदलीं, रजबहे में कार गिरने से 4 दोस्तों की जलसमाधि!

Mathura Road Accident : मथुरा : उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले से एक बड़े हादसे की खबर सामने आई है. यहाँ बुधवार की रात एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर रजबहे में जा गिरी. इस भयानक हादसे में कार सवार चार युवकों की मौके पर ही मौत हो गई. ये सभी दोस्त एक सगाई समारोह में शामिल होने राजस्थान जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही काल ने उन्हें अपना ग्रास बना लिया.

पलक झपकते ही समा गई जिंदगी

हादसा मगोर्रा थाना क्षेत्र के नगला देविया के पास हुआ. जानकारी के मुताबिक, महावन कस्बे के रहने वाले राहुल 23 वर्ष उनका चचेरा भाई मोहित 21 वर्ष और दोस्त अमित 23 वर्ष अपने एक अन्य साथी गुल्लू के साथ राजस्थान के डीग जा रहे थे. रात का अंधेरा और सड़क पर एक  खतरनाक मोड़ था. कार चला रहे अमित को इस मोड़ का अंदाजा नहीं हो पाया और जब तक वह ब्रेक मारता, कार सीधे नहर में जा गिरी.

सिस्टम की लापरवाही पड़ी भारी

इस हादसे ने एक बार फिर प्रशासन और सड़क सुरक्षा के इंतजामों की पोल खोल दी है. जिस जगह यह हादसा हुआ, वहाँ का मोड़ इतना खतरनाक है कि जरा सी चूक जानलेवा साबित हो सकती है. स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि प्रशासन ने यहाँ न तो कोई स्पीड ब्रेकर बनाया है और न ही कोई चेतावनी बोर्ड लगाया है. रात के अंधेरे में अनजान चालकों को यह पता ही नहीं चलता कि आगे नहर है. अगर यहाँ रिफ्लेक्टर या चेतावनी बोर्ड होता, तो शायद यह हादसा नही होता.

ग्रामीणों ने की बचाने की कोशिश

जैसे ही कार नहर में गिरी, पास के ग्रामीण तुरंत मौके पर दौड़े. लोग रजबहे के ठंडे पानी में उतरे और कड़ी मशक्कत के बाद कार के शीशे तोड़कर युवकों को बाहर निकाला. लेकिन तब तक देर हो चुकी थी. कार पानी में पूरी तरह डूब गई थी और दम घुटने के कारण चारों युवकों की मौत हो चुकी थी. मौके पर पहुंची पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है.

परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल

मरने वालों में तीन युवक महावन के थे, जबकि चौथा युवक गुल्लू फरीदाबाद से अपने दोस्तों से मिलने आया था. परिजनों ने बताया कि चारों युवकों की अभी शादी नहीं हुई थी. घर में सगाई की खुशियां मनाई जा रही थीं, लेकिन इस हादसे की खबर मिलते ही पूरे गांव में मातम पसर गया और परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है. स्थानीय लोगों ने मांग की है कि इस खूनी मोड़ पर तुरंत सुरक्षा इंतजाम किए जाएं ताकि भविष्य में ऐसी बड़ी दुर्घटना न हो.

कुछ दिन पहले ही मथुरा में और हुआ था भीषण हादसा 

इस हादसे से कुछ दिन पहले मथुरा के यमुना एक्सप्रेसवे पर एक भीषण सड़क दुर्घटना हुई थी. उस दौरान घने कोहरे और लो विजिबिलिटी के कारण एक के बाद एक कई गाड़ियाँ आपस में टकरा गई थीं. इस हादसे में तेज रफ्तार बसों और कारों के परखच्चे उड़ गए थे. उस वक्त भी प्रशासन की ढिलाई और एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा उपायों की कमी को लेकर काफी गुस्सा देखा गया था, क्योंकि कोहरे के दौरान वाहनों की रफ्तार पर लगाम लगाने का कोई पुख्ता इंतजाम नहीं था.

एक अन्य घटना में मथुरा के ही छाता इलाके के पास एक तेज रफ्तार ट्रक ने अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े लोगों को अपनी चपेट में ले लिया था. उस हादसे में भी कई लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी. इन लगातार हो रहे हादसों ने यह साफ कर दिया है कि जिले की सड़कों पर ब्लैक स्पॉट्स की पहचान करना और वहां चेतावनी बोर्ड या रिफ्लेक्टर लगाना कितना जरूरी है. बार-बार होती ये मौतें सिस्टम को चेतावनी दे रही हैं कि अगर सड़कों को सुरक्षित नहीं बनाया गया, तो मासूम जिंदगियां यूं ही खत्म होती रहेंगी.

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