मथुरा नाव हादसा लेटेस्ट अपडेट: एक ही परिवार के 7 लोगों की मौत, मृतकों का आंकड़ा 11 पहुंचा, 4 श्रद्धालु अभी लापता, सेना का रेस्क्यू जारी

Mathura Boat Accident: मथुरा के यमुना नदी में हुए नाव हादसे में मरने वालों की संख्या 11 हो गई है। पुलिस ने आरोपी नाव मालिक को अरेस्ट कर लिया है और 4 लापता लोगों की तलाश के लिए सेना का रेस्क्यू जारी है।

Update: 2026-04-11 11:47 GMT

Mathura Boat Accident: उत्तर प्रदेश के मथुरा में यमुना नदी में हुए नाव हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए घटना के बाद से फरार चल रहे नाव मालिक को गिरफ्तार कर लिया है। मथुरा जिला प्रशासन और सेना की टीमें 200 से ज्यादा गोताखोरों के साथ अब भी 4 लापता श्रद्धालुओं की तलाश कर रही हैं।

पुलिस की गिरफ्त में आरोपी नाव मालिक

मथुरा पुलिस ने जानकारी दी है कि हादसे का शिकार हुई नाव को नदी से बाहर निकाल लिया गया है और अब तक 22 लोगों को सुरक्षित बचाया जा चुका है। हादसे के बाद से ही आरोपी नाव मालिक फरार था जिसे पुलिस की स्पेशल टीमों ने ट्रैक करके अरेस्ट कर लिया है।

शुरुआती जांच में हादसे के पीछे कई बड़ी लापरवाहियां सामने आई हैं। नाव में तय क्षमता से ज्यादा लोगों को बैठाया गया था और किसी भी यात्री को लाइफ जैकेट नहीं दी गई थी। एक चश्मदीद ने बताया कि तेज हवा के कारण नाव दो बार पीपा पुल से टकराने से बची थी। यात्रियों ने नाव रोकने की गुजारिश की थी लेकिन मालिक ने उनकी बात नहीं मानी।

15 किलोमीटर के दायरे में फैला रेस्क्यू ऑपरेशन

नदी में 4 लापता लोगों की तलाश के लिए कल शाम से ही सेना के जवानों को भी रेस्क्यू ऑपरेशन में उतार दिया गया है। 200 से ज्यादा गोताखोर पानी में लगातार सर्च अभियान चला रहे हैं।

प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि यमुना नदी में पानी का बहाव काफी तेज है जिसके कारण लापता लोगों के दूर तक बह जाने की आशंका बनी हुई है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए गोताखोरों और बचाव टीमों ने अपना दायरा बढ़ाकर 15 किलोमीटर तक कर दिया है।

11वें शव की हुई शिनाख्त

मथुरा प्रशासन ने बताया कि शुक्रवार को 10 लोगों के शव बरामद हुए थे। इन सभी शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है। आज शनिवार को घटनास्थल से लगभग 800 मीटर की दूरी पर एक और शव बरामद हुआ है। इस 11वें मृतक की शिनाख्त मानिक टंडन के रूप में हुई है और उनके परिजन भी मौके पर पहुंच गए हैं।

पंजाब सरकार की टीम पहुंची मथुरा

इस दर्दनाक हादसे का शिकार हुए सभी श्रद्धालु पंजाब के रहने वाले हैं। पंजाब सरकार ने तुरंत एक्शन लेते हुए अधिकारियों की एक स्पेशल टीम मथुरा भेजी है। तहसीलदार रमेश सिंह के नेतृत्व में आई इस टीम ने घटनास्थल का मुआयना किया और अस्पताल जाकर घायलों का हालचाल जाना। टीम का फोकस अस्पताल में भर्ती मरीजों की सही देखभाल सुनिश्चित करना है।

इस हादसे ने लुधियाना के जगराओं इलाके को गहरे सदमे में डाल दिया है। मृतकों में जगराओं की गीता कॉलोनी के एक ही परिवार के 7 सदस्य शामिल हैं। इनमें कविता बहल, चरणजीत, पिंकी, मधुर बहल, ईशान कटारिया, सपना और हसन की जान गई है। बताया जा रहा है कि 120 लोगों का जत्था दो बसों में सवार होकर दर्शन के लिए मथुरा आया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान भी मृतकों के अंतिम संस्कार में शामिल हो सकते हैं।

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