स्थानीय भर्ती नियम में संशोधन से नाराज बेरोजगार अब करेंगे राज्यपाल से मुलाकात…. नियमित शिक्षक भर्ती में स्थानीय भर्ती नियम लागू करने की रखेंगे मांग
रायपुर 4 फरवरी 2020। राज्य सरकार द्वारा नियमित शिक्षकों के पद पर हो रही भर्ती को स्थानीय भर्ती नियम से अलग रखने का विरोध शुरू हो गया है खासतौर पर बस्तर सरगुजा संभाग और कोरबा जिले के स्थानीय निवासी इस मुद्दे को लेकर मुखर हो गए हैं जिस प्रकार पहले बस्तर सरगुजा संभाग में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर पिछली सरकार द्वारा लाए गए स्थानीय भर्ती नियम के तारीख में वृद्धि करते हुए उसे 2021 तक के लिए बढ़ाया गया और साथ ही इसमें विस्तार करते हुए कोरबा जिले को भी शामिल किया गया था, जिसके चलते पहले नियमित शिक्षक भर्ती के पद पर हो रही काउंसलिंग से 14 जिलों को बाहर रखा गया था यह वही जिले थे जो बस्तर सरगुजा संभाग के अंतर्गत आते हैं और साथ ही इसमें कोरबा जिला भी शामिल था लेकिन बाद में राजपत्र में संशोधन करते हुए नियमित शिक्षक भर्ती के लगभग 15000 पदों को इससे बाहर कर दिया गया है इस राजपत्र के प्रकाशित होते ही यहां के स्थानीय बेरोजगार अब खुद को छला हुआ महसूस कर रहे हैं और उन्होंने इसके विरुद्ध लड़ाई का बिगुल फूंक दिया है।
प्रथम चरण में उन्होंने पत्र लिखकर इस संदर्भ में मुलाकात के लिए राज्यपाल से समय मांगा है और अगर उन्हें समय मिल जाता है तो फिर वह 6 फरवरी को राज्यपाल से मुलाकात करेंगे इधर न्यायालय में भी याचिका दायर करने की तैयारी शुरू कर दी गई है और जल्द ही न्यायालय में भी याचिकाएं दायर होनी शुरू हो जाएगी । इधर इस मुद्दे को लेकर बेरोजगार भी सीधे-सीधे दो खेमे में बंट गए हैं जहां स्थानीय भर्ती के विरोधी इसे अपनी जीत बता रहे हैं और स्थानीय भर्ती के समर्थकों को अब किसी भी कीमत पर स्थानीय भर्ती न होने की बात कह रहे हैं वही स्थानीय भर्ती के पक्षधर अब धीरे-धीरे लामबंद होते जा रहे हैं और जल्दी ही उनके द्वारा भी न्यायालय में याचिका दायर होने की शुरुआत हो जाएगी ।
देखना होगा कि अब यह मामला कहां जाकर समाप्त होता है ।