NetApp और Elastio की बड़ी पार्टनरशिप: अब रैनसमवेयर अटैक के बाद भी आपका डेटा रहेगा पूरी तरह सुरक्षित

NetApp Elastio Partnership: NetApp और Elastio ने नई पार्टनरशिप का ऐलान किया है ताकि रैनसमवेयर अटैक के बाद भी आपका डेटा पूरी तरह सुरक्षित रहे। दरअसल, प्रोवेबल रिकवरी कंट्रोल तकनीक अब बैकअप की गहराई से जांच करेगी। इससे कंपनियों को साइबर हमले के बाद भी क्लीन डेटा रिकवर करने में मदद मिलेगी। उम्मीद है कि यह सर्विस जल्द ही उपलब्ध होगी।

Update: 2026-03-26 14:56 GMT

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NetApp Elastio Partnership: आज के डिजिटल दौर में डेटा सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती बन गई है। साइबर अपराधी अब इतने स्मार्ट हो गए हैं कि सीधे बैकअप फाइल तक पहुंच जाते हैं। इसी वजह से NetApp और Elastio ने पार्टनरशिप की है। इस पार्टनरशिप का मुख्य उद्देश्य कंपनियों को रैनसमवेयर हमलों से बचाने के लिए एक 'लेयर्ड डिफेंस' सिस्टम देना है। अब केवल डेटा स्टोर करना काफी नहीं है, बल्कि हमले की स्थिति में उसे सही सलामत रिकवर करना भी उतना ही जरूरी हो गया है।

साइबर हमलों के खिलाफ नया सुरक्षा कवच

NetApp, जिसे इंटेलिजेंट डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर में महारत हासिल है, अब Elastio के साथ मिलकर अपनी सर्विसेज को और भी एडवांस बना रहा है। अक्सर देखा गया है कि आधुनिक रैनसमवेयर सिस्टम में बहुत खामोशी से दाखिल होते हैं। ये डिटेक्शन टूल्स की नजरों से बचते हुए धीरे-धीरे बैकअप डेटा को संक्रमित कर देते हैं। जब कोई कंपनी डेटा रिकवर करने की कोशिश करती है, तब उसे पता चलता है कि उसका बैकअप भी करप्ट हो चुका है। दरअसल, इसी जोखिम को खत्म करने के लिए दोनों दिग्गजों ने Provable Recovery Control (प्रोवेबल रिकवरी कंट्रोल) तकनीक को अपनी सर्विस का हिस्सा बनाया है।

यह नई तकनीक स्नैपशॉट्स की गहराई से जांच करती है। इसका फायदा यह है कि रिकवरी के लिए इस्तेमाल होने वाला डेटा हर हाल में साफ और सुरक्षित रहता है। यही वजह है कि अब आईटी एक्सपर्ट्स इसे डेटा सुरक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम मान रहे हैं।

बिजनेस और क्रिटिकल डेटा की सुरक्षा होगी मजबूत

NetApp के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट गगन गुलाटी (Gagan Gulati) का कहना है कि साइबर सुरक्षा की रणनीति बनाते समय स्टोरेज को प्राथमिकता देना अब अनिवार्य है। उनके अनुसार, बिजनेस की निरंतरता बनाए रखने के लिए केवल एक सुरक्षा लेयर पर भरोसा करना काफी रिस्की हो सकता है। इसीलिए Elastio के साथ मिलकर वे कंपनियों को एक ऐसा टूल दे रहे हैं जो उनके सबसे कीमती एसेट यानी डेटा की रक्षा करेगा।

क्रेन वर्ल्डवाइड लॉजिस्टिक्स के CISO मार्क क्रडजिंगटन (Marc Crudgington) ने भी इस तकनीक पर भरोसा जताया है। उन्होंने बताया कि इंफ्रास्ट्रक्चर माइग्रेशन के दौरान बैकअप सिक्योरिटी से समझौता करना उनके लिए नामुमकिन था। Elastio ने उन्हें पहले दिन से ही बैकअप की लगातार मॉनिटरिंग की सुविधा दी। इससे टीम का आत्मविश्वास बढ़ा है कि किसी भी हादसे के बाद डेटा सुरक्षित वापस मिल जाएगा।

कैसे काम करेगी यह एडवांस तकनीक

इस नई साझेदारी के बाद NetApp रैनसमवेयर रेजिलिएंस सर्विस पहले से कहीं ज्यादा स्मार्ट हो गई है। यह सिस्टम डेटा लेयर पर ही रियल-टाइम में खतरों को पहचानता है और उन्हें आगे बढ़ने से रोकता है। इसमें 'ऑटोनॉमस रैनसमवेयर प्रोटेक्शन' (ARP) फीचर दिया गया है जो सिस्टम में होने वाले किसी भी संदिग्ध व्यवहार को तुरंत भांप लेता है।

दूसरी तरफ, Elastio का 'डीप फाइल इंस्पेक्शन' बिना किसी अलग सॉफ्टवेयर या एजेंट के काम करता है। यह उन छिपे हुए मालवेयर को ढूंढ निकालता है जो शुरुआती सिक्योरिटी बाउंड्री को पार कर चुके होते हैं। सबसे राहत की बात यह है कि कंपनियों को इसके इस्तेमाल के लिए अपने मौजूदा सेटअप या आर्किटेक्चर में कोई बड़ा बदलाव करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यह सीधे मौजूदा सिस्टम के साथ फिट हो जाता है।

भविष्य की तैयारी और कब मिलेगी यह सर्विस

Elastio के CEO नाज हुसैन (Naj Husain) का मानना है कि ज्यादातर ऑर्गनाइजेशन्स को तब झटका लगता है जब वे किसी एक्टिव सायबर अटैक के बीच होते हैं। उस वक्त यह सवाल बड़ा हो जाता है कि क्या उनका बैकअप साफ है? यह नया समाधान इसी सवाल का जवाब देता है। यह डेटा को हर वक्त 'क्लीन' रखने की गारंटी देता है ताकि इमरजेंसी में काम न रुके।

जहां तक उपलब्धता की बात है, संभावना है कि यह सर्विस बहुत जल्द मार्केट में लाइव हो जाएगी। इसकी शुरुआत Amazon FSx for NetApp ONTAP से होने की उम्मीद है, जिसके बाद इसे दूसरे क्लाउड और ऑन-प्रिमाइसेस एनवायरनमेंट के लिए भी रोलआउट किया जा सकता है। जो कंपनियां अपनी रिकवरी क्षमता को अभी से परखना चाहती हैं, वे अर्ली एक्सेस के लिए प्रतिनिधियों से संपर्क कर सकती हैं।

डिजिटल सुरक्षा के इस बदलते दौर में, NetApp और Elastio का यह मेल कंपनियों के लिए एक बड़ी राहत बनकर आया है। अब देखना यह होगा कि अन्य टेक कंपनियां इस लेवल की सुरक्षा को टक्कर देने के लिए क्या नया कदम उठाती हैं।

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