14.9 करोड़ Passwords हुए लीक! Gmail, Facebook और Instagram यूजर्स तुरंत बदलें अपना लॉगिन पासवर्ड, कहीं आप भी तो नहीं लिस्ट में?

149 Million Password Leak January 2026 News: जनवरी 2026 में सामने आए बड़े डेटा लीक में 14.9 करोड़ यूजर्स के पासवर्ड एक्सपोज हो गए हैं। Gmail, Facebook, Instagram और बैंकिंग अकाउंट्स खतरे में हैं। जानिए कौन-कौन से प्लेटफॉर्म प्रभावित हुए, डेटा कैसे लीक हुआ और खुद को सुरक्षित रखने के जरूरी उपाय।

Update: 2026-01-25 18:12 GMT

Photo: AI-Generated Representational Image

149 Million Password Leak January 2026: इंटरनेट की दुनिया में आज एक बड़ी हलचल मच गई है जब जनवरी 2026 के इस आखिरी हफ्ते में साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स ने एक भयानक डेटा लीक का खुलासा किया। एक अनसिक्योर्ड डेटाबेस में 149 मिलियन यानि करीब 14.9 करोड़ लोगों के यूजरनेम और पासवर्ड्स ऑनलाइन एक्सपोज हो गए हैं। यह डेटा पूरी तरह से ओपन था, जिसे कोई भी ब्राउज़र के जरिए एक्सेस कर सकता था। इस लीक ने डिजिटल वर्ल्ड में हड़कंप मचा दिया है क्योंकि इसमें आपकी पर्सनल ईमेल से लेकर बैंकिंग और सोशल मीडिया तक की जानकारी शामिल है। अगर आप भी इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके लिए खतरे की घंटी है।

किस-किस प्लेटफॉर्म का डेटा हुआ लीक?

इस बड़े डेटाबेस में लगभग 96 GB डेटा मौजूद था, जिसमें दुनिया के सबसे बड़े प्लेटफॉर्म्स के लॉगिन क्रेडेंशियल्स शामिल हैं। आंकड़ों के मुताबिक, इसमें सबसे ज्यादा 4.8 करोड़ Gmail अकाउंट्स प्रभावित हुए हैं। इसके अलावा 1.7 करोड़ Facebook, 65 लाख Instagram और 7.8 लाख TikTok अकाउंट्स का डेटा भी इस लिस्ट में मिला है। हैरानी की बात यह है कि सिर्फ सोशल मीडिया ही नहीं, बल्कि 4.2 लाख Binance (क्रिप्टो एक्सचेंज) और 34 लाख Netflix अकाउंट्स की जानकारी भी पब्लिक हो गई है। यह डेटा इतना विस्तृत है कि इसमें Yahoo, Outlook और iCloud जैसे बड़े नाम भी शामिल हैं।

कैसे चोरी हुई आपकी निजी जानकारी?

साइबर एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह डेटा किसी एक कंपनी के सर्वर को हैक करके नहीं निकाला गया है। इसके पीछे 'Infostealer Malware' का हाथ है। यह एक खतरनाक सॉफ्टवेयर होता है जो चुपके से आपके फोन या कंप्यूटर में घुस जाता है। एक बार डिवाइस में आने के बाद, यह आपके कीबोर्ड पर टाइप किए गए हर शब्द को रिकॉर्ड कर लेता है जिसे कीलॉगिंग कहते हैं। इस मालवेयर ने लंबे समय तक अलग-अलग यूजर्स के डिवाइसेस से डेटा चुराया और एक जगह जमा किया। इस डेटाबेस में जिस तरह से इंडेक्सिंग की गई है, उससे साफ पता चलता है कि हैकर्स इसे डार्क वेब पर बेचने की तैयारी में थे।

यूजर के लिए क्यों बढ़ा है खतरा?

इस लीक का सबसे खतरनाक पहलू 'Credential Stuffing' है। अक्सर लोग एक ही पासवर्ड का इस्तेमाल कई जगह करते हैं। हैकर्स अब इस लीक हुए डेटा का इस्तेमाल आपके दूसरे अकाउंट्स जैसे बैंक या डिजिटल वॉलेट्स को खोलने के लिए करेंगे। इसके अलावा, आपकी निजी जानकारी का इस्तेमाल करके आपको फिशिंग ईमेल भेजे जा सकते हैं, जो दिखने में बिल्कुल असली लगेंगे लेकिन उनका मकसद आपके अकाउंट का गलत इस्तेमाल करना होगा। पहचान की चोरी यानी Identity Theft का खतरा भी अब पहले से कई गुना ज्यादा बढ़ गया है।

बचाव के लिए तुरंत करें ये जरूरी काम

अगर आप चाहते हैं कि आपका डिजिटल अकाउंट सुरक्षित रहे, तो सबसे पहले अपने सभी जरूरी पासवर्ड्स को तुरंत बदल दें। एक मजबूत पासवर्ड बनाएं जिसमें लेटर्स, नंबर्स और स्पेशल कैरेक्टर्स का मिश्रण हो। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अपने हर अकाउंट पर टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) ऑन कर लें। इससे अगर हैकर के पास आपका पासवर्ड चला भी जाए, तो भी वह बिना आपके फोन पर आए कोड के लॉगिन नहीं कर पाएगा। साथ ही, अपने सभी डिवाइसेस को एक अच्छे एंटी-वायरस से स्कैन करें ताकि अगर कोई 'Infostealer' छिपा हो, तो उसे डिलीट किया जा सके। सतर्क रहें और अनजान लिंक्स पर क्लिक करने से बचें।

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