यहां भी तालिबानः भागलपुर के गर्ल्स हॉस्टल में बुर्का पहनने की फारमान, हॉस्टल में लागू किया जा रहा शरिया कानून, विरोध में लड़कियों ने किया पथराव

Update: 2021-09-12 01:24 GMT

भागलपुर, 12 सितंबर 2021। अंखफोड़वा कांड से चर्चा में विश्वव्यापी चर्चा में रहा भागलपुर में एक और ऐसी घटना सामने आई है, जिससे लगता है तालिबानी सोच अफगानिस्तान में ही नहीं, बल्कि भारत में भी है। ऐसा ही एक मामला भागलपुर में स्थित एक गर्ल्स हॉस्टल में जमकर हंगामा देखने को मिला। यहां रहने वाली अल्पसंख्यक समुदाय की छात्राओं ने कल दोपहर को हॉस्टल सुप्रीटेंडेंट पर कैंपस के अंदर बुर्का पहनने का निर्देश दिए जाने को लेकर नाराजगी जताई। छात्राओं ने हॉस्टल के गेट पर पथराव किया। उन्होंने आरोप लगाया कि हॉस्टल सुप्रीटेंडेंट कैंपस में तालिबान शरिया कानून लागू करने की कोशिश कर रही हैं।
एक छात्रा दरक्शा अनवर ने कहा, ’जब भी हम पैंट पहनते हैं तो अधीक्षक छात्राओं को गाली देती हैं। वह हमारे माता-पिता को भी गलत जानकारी देती हैं कि हम लड़कों से बात करते हैं।’
एक रिसर्च स्कॉलर नेदा फातिमा ने कहा, ’बिहार में गर्मी के मौसम में बुर्का पहनना आसान नहीं है, इसलिए, हम कभी-कभी परिसर के अंदर पैंट और टी-शर्ट पहनती हैं। जब भी वह पैंट में किसी छात्रा को देखती हैं तो डांटती-फटकारती हैं।’
घटना की सूचना मिलने पर नाथ नगर की सर्कल ऑफिसर स्मिता झा पुलिस टीम के साथ गर्ल्स हॉस्टल पहुंचीं और मामले को संभाला। छात्रावास अधीक्षक ने छात्राओं की ओर से उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों से इनकार किया। मामला जिला शिक्षा अधिकारी तक भी पहुंच चुका है। स्मिता झा ने कहा, ’हमने छात्राओं और अधीक्षक के बयान ले लिए हैं। फिलहाल जांच चल रही है। हम जल्द ही जिला शिक्षा अधिकारी को जांच रिपोर्ट सौंपेंगे।’

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