स्कूली बच्चों को घर-घर मिल रहा है मध्याह्न भोजन का राशन : सोशल डिस्टेंसिंग व हेल्थ गाइडलाइन का ख्याल रख इस तरह शिक्षक बांट रहे हैं राशन….. DPI जितेंद्र शुक्ला कर रहे हैं लगातार मानिटरिंग…. CS और PS भी ले रहे हैं रिपोर्ट

Update: 2020-04-03 08:19 GMT

रायपुर 3 अप्रैल 2020। राज्य सरकार के निर्देश पर प्रदेश भर में आज स्कूली छात्रों को सूखा राशन वितरित किया जा रहा है। इस दौरान शिक्षकों और अभिभावकों के बीच सोशल डिस्टेंसिंग के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग के गाइड लाइन के सख्ती से पालन किये जाने की अद्भूत तस्वीरें भी सामने आ रही है। लॉकडाउन में बच्चों के बीच मध्याह्न भोजन की सूखी सामिग्री डोर टू टोर पहुंचाने की मुश्किल चुनौती की शीर्ष अधिकारी लगातार मानिटरिंग कर रहे हैं।

सुबह से ही डीपीआई जितेंद शुक्ला जहां सभी डीईओ से ग्राउंड रिपोर्ट ले रहे हैं, तो वहीं चीफ सिकरेट्री आरपी मंडल और स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव आलोक शुक्ला भी लगातार इस योजना पर नजर बनाये हुए हैं। आपको बता दें कि लॉकडाउन की वजह से बंद स्कूलों के मद्देनजर राज्य सरकार ने ये निर्णय लिया है कि स्कूली बच्चों को 40 दिन का सूखा राशन घर-घर जाकर शिक्षक उपलब्ध करायेंगे। पहले वितरण का ये कार्यक्रम 2 दिनों का रखा गया था, लेकिन घर पहुंच कार्यक्रम में जब तक हर बच्चे तक राशन ना पहुंच जाये, तब तक इसे जारी रखने का निर्देश दिया गया है।

आपको बता दें कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर 30 अप्रैल तक यानि कुल 40 दिन की अवधि तक के लिए मध्यान्ह भोजन की सामिग्री उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। यह मध्यान्ह भोजन 40 दिन का सूखा दाल और चावल बच्चों के पालकों को स्कूल से प्रदाय किया जाएगा। प्राथमिक शाला के प्रत्येक बच्चे को 4 किलोग्राम चावल और 800 ग्राम दाल तथा उच्चतर माध्यमिक शाला के प्रत्येक बच्चे को 6 किलोग्राम चावल और 1200 ग्राम दाल दिया जाना।

वितरण कार्यक्रम के तहत अभी तक ये कार्यक्रम सुचारू रुप से चल रहा है। डीपीआई जितेंद्र शुक्ला ने बताया कि …

“मुख्यमंत्री के निर्देश पर बच्चों को 40 दिन का सूखा राशन वितरण किया जाना है, लॉकडाउन का पूरी तरह से पालन हो और सोशल डिस्टेंसिंग के साथ-साथ हेल्थ गाइडलाइन का भी ख्याल रखा जाये, इसके लिए हमने अनाज को डोर टू डोर डिस्ट्रिब्यूट करने का निर्देश दिया है। आज पहला दिन है, इस पर अधिकारी नजर रखे हुए हैं। सीएस सर और पीएस सर भी लगातार रिपोर्ट ले रहे हैं, हमने डीईओ को निर्देश दिया है कि हेल्थ गाइडलाइन और सोशल डिस्टेंसिंग का कड़ाई से पालन हो, बच्चों को घर पहुंच राशन मिल रहा है, शिक्षक अच्छे से इस जिम्मेदारी को निभा रहे हैं”

 

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