नईदिल्ली 25 जनवरी 2021. टीम इंडिया के विकेटकीपर बल्लेबाज ऋद्धिमान साहा और ऋषभ पंत के बीच तुलना पिछले काफी समय से की जा रही है। साहा ने इसको लेकर खुलकर बात की है। उन्होंने माना है कि वह पंत से बेहतर बल्लेबाज हैं और साथ ही टीम इंडिया के टेस्ट प्लेइंग इलेवन कॉम्बिनेशन को लेकर भी अपनी बात रखी है। इंटरव्यू में साहा ने कहा कि वह शुरू से खुद को पहले विकेटकीपर के तौर पर और फिर बल्लेबाज के तौर पर देखते हैं। साहा ने साथ ही कहा कि एडिलेड टेस्ट में उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह मिली है, इसके बारे में उन्हें मैच से कुछ देर पहले ही पता चला था।
सवालः आपके प्रदर्शन पर आते हैं, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले टेस्ट में जब ऋषभ पंत की जगह आपको प्लेइंग इलेवन में जगह मिली थी, तो क्या आपको हैरानी हुई थी?
जवाबः देखिए, यह कप्तान और मैनेजमेंट की कॉल होती है। एडिलेड में मैच से पहले ही मुझे बताया गया था कि मैं प्लेइंग इलेवन का हिस्सा हूं। लेकिन इसका क्या कारण था और क्या इसको लेकर कोई चर्चा हुई थी, इसके बारे में मुझे कुछ नहीं पता। मेरा काम था कि मैं अपना बेस्ट दूं जब भी मुझे टीम में चुना जाए और मैं ऐसा नहीं कर पाया, प्रोफेशनल खेल में ऐसा हो जाता है।
सवालः पंत अच्छे बल्लेबाज हैं और आप बेहतर विकेटकीपर, आप इस बारे में क्या सोचते हैं?
जवाबः यह सच है और आप इस बात से मुकर नहीं सकते हैं। बचपन से ही मैंने खुद को पहले विकेटकीपर और फिर बल्लेबाज की तरह देखा है। मुझे नहीं पता कि ऋषभ इस बारे में क्या सोचते हैं। लेकिन जब वह बीच के ओवरों में खेलता है और अपनी स्टाइल से खेलता है, तो अलग ही कॉन्फिडेंस आ जाता है। उसे इस तरह से खेलकर सफलता मिलती है। एक बार यह फिर से टीम मैनेजमेंट का कॉल होगा कि क्या वह एक अतिरिक्त बल्लेबाज को खिलाना चाहेंगे या फिर एक स्पेशलिस्ट विकेटकीपर को।
सवालः क्या इससे आपके खुद के कॉन्फिडेंस और लय पर फर्क नहीं पड़ता?
जवाबः यह किसी और देश में नहीं होता है। टीम फॉर्मैट के हिसाब के विकेटकीपर बदलती हैं। लेकिन एक ही फॉर्मैट में दो विकेटकीपर को बदलते रहना ऐसा नहीं होता है, लेकिन हम सभी प्रोफेशनल क्रिकेटर्स हैं और हमें टीम मैनेजमेंट पर भरोसा बनाए रखना चाहिए। अगर उन्हें लगता है कि एक ही मैच के बाद बदलाव होना चाहिए तो एक खिलाड़ी के तौर पर हमें यह स्वीकार करना होता है।
सवालः क्या आपने कभी पंत से इस बारे में चर्चा की है?
जवाबः सच कहूं तो ज्यादा नहीं। इसको लेकर मुझे कोई दिग्गत नहीं है, मुझे भरोसा है कि पंत को भी नहीं होगी। मैं चाहता हूं कि वह अच्छा करें जब भी वह खेलें और मुझे लगता है कि वह भी ऐसा ही चाहते होंगे। अंत में हम दोनों ही भारत को जिताने के लिए खेलते हैं।
सवालः क्या पंत आपके पास किसी सलाह के लिए आते हैं?
जवाबः नहीं, मैं उन्हें ऐसी कोई सलाह नहीं देता हूं, प्रैक्टिस के दौरान छोटी-मोटी बातें होती रहती हैं। अगर मुझे लगता कि किसी खास विकेट पर विकेटकीपिंग के दौरान किसी खास बात का ध्यान रखना है तो मैं कोशिश करता हूं कि वह उन्हें बता दूं। जब हम फील्डिंग कोच के साथ कीपिंग ड्रिल्स करते हैं तो हम कई सारी बातों पर चर्चा करते हैं। कई बार हम इस पर भी बात करते हैं कि पिछले मैच में कहां चूक हुई थी और फिर अगले मैच के लिए रणनीति बनाते हैं। इससे हम दोनों को मदद मिलती है।