ब्राह्मणों को लेकर पूर्व CM ने दिया विवादित बयान, बोले- कहते हैं खाना नहीं खाएंगे, कुछ नगदी दे दीजिए....

Update: 2021-12-19 11:00 GMT

पटना 19 दिसम्बर 2021। हिंदुस्‍तानी अवाम मोर्चा के अध्‍यक्ष व बिहार के पूर्व मुख्‍यमंत्री जीतन राम मांझी ने हिंदू धर्म व ब्राह्मणों के खिलाफ विवादित बयान देकर राजनीति को गरमा दिया है। भारतीय जनता पार्टी व जनता दल यूनाइटेड ने उन्‍हें अप्रत्‍यक्ष तौर पर नसीहत दी है तो लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास ने सीधे मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार को निशाने पर लिया है। 

जीतन राम मांझी का जो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है वो पटना में आयोजित 'भुइया मिलन समारोह' का बताया जा रहा है. जीतन राम मांझी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा- "माफ कीजिएगा, लेकिन आजकल गरीब तबके के लोगों में धर्म के प्रति लगाव होता जा रहा है। पहले हमलोग सत्यनारायण भगवान पूजा का नाम नहीं जानते थे। आज हर जगह हमलोगों के टोला में सत्यनारायण भगवान की पूजा होता है।" इस दौरान उन्होंने पंडितों को लेकर जिस शब्द का इस्तेमाल किया उसे एबीपी न्यूज लिख भी नहीं सकता है।  

मांझी के बयान के बाद सियासत गरम हो गई है। विपक्षी दल के कई नेता उन्हें घेरने में लग गए हैं। वहीं बचाव करने के लिए आए उनकी पार्टी के प्रवक्ता दानिश रिजवान  ने कहा कि मांझी के बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मांझी की सभी संप्रदाय और तमाम जातियों के प्रति उनकी आस्था है। उन्होंने स्पष्ट तरीके से कहा है कि कुछ लोग ब्राह्मण भाइयों को अपने घर में बुलाते हैं लेकिन वह ब्राह्मण उन गरीबों के घर में खाना भी नहीं खाते हैं, मगर फिर भी उन्हें पैसा दे दिया जाता है। मांझी ने ऐसे लोगों का विरोध किया है।

जीतन राम मांझी ने सफाई देते हुए कहा कि मैंने अपने समुदाय के लिए इस शब्द का इस्तेमाल किया था ना कि पंडितों के लिए। अगर कोई गलतफहमी हुई है तो मैं उसके लिए माफी मांगता हूं। मैंने अपने समुदाय के लोगों से कहा है कि आज आस्था के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं लेकिन गरीबों का कल्याण नहीं हो रहा है। पहले एससी लोग पूजा में विश्वास नहीं करते थे लेकिन अब पंडित उनके घर आते हैं, खाने से मना करते हैं लेकिन पैसे लेते हैं।



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