CG Jamboree Controversy: जंबूरी विवाद पर अनिल जैन का बड़ा बयान, बृजमोहन को कन्फ्यूजन, स्काउट में पांच वर्ष वाली कोई व्यवस्था नहीं
CG Jamboree Controversy: छत्तीसगढ़ में जंबूरी विवाद गहरा गया है। भारत स्काउट गाइड के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल जैन ने पदेन अध्यक्ष को लेकर बड़ी बात कही है। उन्होंने कहा कि बृजमोहन जी को कन्फ्यूजन है कि वो पांच वर्ष अध्यक्ष रहेगा। पांच वर्ष वाली कोई व्यवस्था ही नहीं है...
CG Jamboree Controversy: रायपुर। छत्तीसगढ़ में रोवर-रेंजर जंबूरी पर छिड़ी जंग के बीच देश का पहला रोवर-रेंजर जंबूरी का आयोजन बालोद में आज से शुरू हो गया है। इन सब के बीच भारत स्काउट गाइड के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल जैन का बड़ा बयान सामने आया है...
अनिल जैन ने कहा... ''देश में रोवर-रेंजर वाली यह पहली जंबूरी है। इसके आयोजन का सौभाग्य छत्तीसगढ़ को मिला है। हमने तय करके छत्तीसगढ़ को ये जंबूरी दी है। ये भारत स्काउट गाइड का डायमंड जुबली वर्ष है, हमारे 75 वर्ष पूरे होने पर पहली जंबूरी तमिलनाडू में की थी और उसके बाद ऐसी ही जंबूरी लखनऊ में हुई थी। अब रेंजर-रोवर जंबूरी छत्तीसगढ़ में हो रही हैं।''
अनिज जैन ने राज्य अध्यक्ष को लेकर विवाद पर कहा कि ''इसमें कोई कंट्रोवर्सी का विषय नहीं है। यहां के नियमों के अनुसार, जो छत्तीसगढ़ के नियम हैं, इसमें पदेन अध्यक्ष होता है, जो शिक्षा मंत्री होता है। बृजमोहन जी जब शिक्षा मंत्री थे, तब वो अध्यक्ष थे। अब गजेंद्र जी शिक्षा मंत्री हैं, सरकार ने नोटिस निकाला हैं तो वो ही अध्यक्ष है। इसमें कोई कंट्रोवर्सी की बात नहीं है। बृजमोहन जी को कन्फ्यूजन है कि वो पांच वर्ष अध्यक्ष रहेगा। पांच वर्ष वाली कोई व्यवस्था ही नहीं है।''
अनिल जैन ने पदेन अध्यक्ष को लेकर सांसद बृजमोहन के हाई कोर्ट जाने पर कहा कि ''कई जगह पर इस तरह के मामले आते हैं, उनकों अगर कोई समस्या हैं तो कोर्ट में जाने का रास्ता तो सबके लिए खुला है, वो जा सकते हैं।''
अनिल जैन से जब पूछा गया कि क्या आप शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव को अध्यक्ष मान रहे हैं?
''उन्होंने कहा कि मेरी सरकार से गर्वनर और सीएम से बात हुई है। जब सरकार का नोटिस निकला हैं और छत्तीसगढ़ के नियमों भी है तो इसकों नहीं मानने का कारण नहीं है, लेकिन फिर भी कोर्ट में जाने की सभी को स्वतंत्रता हैं, लोकतांत्रिक देश हैं, जाएं कोर्ट में।''
जानिए विवाद का कारण
दरअसल, 13 दिसंबर 2025 को प्रदेश स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव की ओर से एक आदेश जारी हुआ था, जिसमें उन्हें राज्य स्काउट्स एंड गाइड का पदेन अध्यक्ष मनोनीत बताया गया था। साथ ही राज्य में 9 से 13 जनवरी तक बालोद के दुधली में राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी के आयोजन की जानकारी दी गई थी।
इस आदेश के बाद से सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने भी खुद को पदेन अध्यक्ष होने का दावा किया था। साथ ही आयोजन में वित्तीय अनियमित्ता का दावा करते हुये आयोजन को स्थगित करने की मांग की थी।
भाजपा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने इसको लेकर याचिका भी हाईकोर्ट में दायर की। इसमें उन्होंने कहा था कि उन्हें इस पद से हटाने का प्रस्ताव असंवैधानिक है। पद से हटाने की न तो उन्हें कोई सूचना दी गई और न कोई सुनवाई का मौका दिया गया। उन्होंने याचिका में यह भी कहा कि उन्होंने सांसद और परिषद के वैधानिक अध्यक्ष की हैसियत से 5 जनवरी को जंबूरी की बैठक भी ली थी। उन्होंने बैठक में आरोपी लगाया कि प्रशासनिक विवादों और गंभीर वित्तीय अनियमिततओं के कारण जंबूरी को स्थगित करने की मांग की थी।