CG में अफीम की खेती: पीसीसी ने बनाई जांच कमेटी, कुसमी पहुंची जांच टीम, पूर्व विधायक डॉ. प्रीतम राम की अगुवाई में बनी कमेटी..
CG Congress politics: छत्तीसगढ़ में अफीम की अवैध रूप से की जा रही खेती को लेकर अब मामला गरमा गया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने सीजीएमएससी के पूर्व अध्यक्ष व पूर्व विधायक डॉ प्रीतम राम की अगुवाई में 10 सदस्यीय जांच दल का गठन किया है। जांच दल को अविलंब गांव का दौरा कर रिपोर्ट पेश करने कहा है।
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रायपुर। 11 मार्च 2026|छत्तीसगढ़ में अफीम की अवैध रूप से की जा रही खेती को लेकर अब मामला गरमा गया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने सीजीएमएससी के पूर्व अध्यक्ष व पूर्व विधायक डॉ. प्रीतम राम की अगुवाई में 10 सदस्यीय जांच दल का गठन किया है। जांच दल को अविलंब गांव का दौरा कर रिपोर्ट पेश करने कहा है।
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री संगठन मलकीत सिंह गैंदू के हस्ताक्षर से जारी 10 सदस्यीय जांच दल में पूर्व विधायक, पूर्व महापौर के अलावा जिला व ब्लाॅक कांग्रेस कमेटी के पूर्व व वर्तमान अध्यक्षों को शामिल किया गया है। महामंत्री संगठन ने जारी पत्र में जांच दल के सदस्यों से शीघ्र अवैध तरीके से जिन दो गांव में अफीम की खेती की जा रही थी वहां का दौरा करने और ग्रामीणों से बातचीत करने कहा है। जांच दल को जल्द रिपोर्ट पेश करने का आग्रह भी किया गया है।
ये है पीसीसी की जांच कमेटी
- संयोजक डॉ. प्रीतम राम पूर्व विधायक, सदस्य
- भानुप्रताप सिंह पूर्व विधायक, डॉ. अजय तिर्की पूर्व महापौर, हरिहर प्रसाद यादव जिला अध्यक्ष, राजेन्द्र तिवारी
- पूर्व जिला अध्यक्ष, हरीश मिश्रा ब्लाक अध्यक्ष, कुसमी, विजय पैकरा
- ब्लाक अध्यक्ष, शंकरगढ़, अब्दुल्ला खान
- ब्लाक अध्यक्ष, चांदो, राजेन्द्र भगत
- अध्यक्ष-न.पंचायत, कुसमी, फिलोमिना टोप्पोअध्यक्ष ब्लाक महिला कांग्रेस
पीसीसी महामंत्री संगठन के पत्र में यह सब
दुर्ग जिले के ग्राम-समोदा में बड़े पैमाने पर अवैध अफीम की खेती पाये जाने के बाद बलरामपुर जिले के कुमसी विकासखण्ड अंतर्गत ग्रामपंचायत त्रिपुरी के घोसरापारा में लगभग 6.30 एकड़ जमीन पर अवैध अफीम की खेती का मामला प्रकाश में आया है, प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने पूर्व विधायक डॉ. प्रीतम राम के संयोजकत्व में 10 सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। जांच समिति के सदस्यों से आग्रह है कि, वे अविलंब संबंधित गांव का दौरा कर खेत का मुआयना करते हुए ग्रामवासियों से भेंट/चर्चा कर प्रकरण की वस्तुस्थिति से अवगत होकर अपना प्रतिवेदन प्रदेश कांग्रेस कमेटी को प्रेषित करें।
फूलों की आड़ में अफीम की खेती, एक्शन में कांग्रेस
दुर्ग के बाद अब बलरामपुर में भी अफीम की खेती पकड़ाई है। बलरामपुर के त्रिपुरी क्षेत्र के सरनाटोली गांव में तकरीब न 5 एकड़ में अफीम की फसल मिली है। मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया है, आज रायपुर से नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो NCB और फोरेंसिक टीम जांच के लिए पहुंचेगी।
पुलिस ने खेतों में काम कर रहे झारखंड के पांच लोगों को हिरासत में लिया है और मुख्य सरगना की तलाश की जा रही है। छापेमारी के दौरान बड़ी मात्रा में चीरे लगे अफीम के डोडे सूखते मिले, जिनमें से करीब पांच बोरी डोडा जब्त किया गया है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक झारखंड के एक व्यक्ति ने जशपुर के ग्राम राझाडीपा निवासी भाजपा नेता और पूर्व सरपंच जिरमल राम के जरिए किसानों से संपर्क कर जमीन लीज पर ली थी। फूलों की खेती की आड़ में अफीम उगाई जा रही थी। सरगना गांव नहीं आता था, जबकि खेती की देखभाल के लिए झारखंड से लोगों को बुलाया गया था और खेत की निगरानी जिरमल राम करता था।
झारखंड के लोग कर रहे थे अफीम की खेती
दुर्ग में अफीम की खेती पर हुई कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी थी। कुसमी SDOP आशीष कुंजाम, पुलिस और प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की और आसपास के लोगों से पूछताछ की।
स्थानीय ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि, उन्हें अफीम उगाने की जानकारी थी, लेकिन यह नहीं पता कि यह अवैध है। दुर्ग में विनायक ताम्रकार के खिलाफ अफीम की खेती किए जाने पर कार्रवाई हुई तो हमें पता चला कि यह गैर कानूनी है। इसके बाद थाने में सूचना दी। जहां अफीम की फसल मिली वह इलाका झारखंड से लगा हुआ है। खेत गांव के रूपदेव भगत और कौशल भगत का है। जमीन को किराए पर लेकर झारखंड के लोगों ने अफीम की खेती कर रहे थे। खेत से कुछ दूर फॉरेस्ट के चूहीदाह नाले में बनाए गए स्टाप डेम से पंप लगाकर सिंचाई करते थे।