CG Congress Politics: बैज-महंत एक साथ क्यों नहीं घूमते? कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट की बैठक में उठा सवाल

CG Congress Politics: कांग्रेस की अहम बैठक में यह सवाल उठा है। इसके बाद पार्टी के भीतर खलबली मच गई है। इस बैठक में कांग्रेस के छत्तीसगढ़ प्रभारी सचिन पायलट मौजूद थे।

Update: 2026-01-09 05:58 GMT

CG Congress Politics: रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस में दिग्गज नेताओं के अलग- अलग सियासी रास्तों पर पार्टी के भीतर अब खुल कर सवाल खड़ा किया जा रहा है। पार्टी के नेताओं का दौरा कार्यक्रम अलग- अलग बनता है। जनता के मुद्दों पर ये नेता अलग- अलग होकर अपनी राय रखते हैं और प्रदर्शन में भाग लेते हैं। प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट गुरुवार को पॉलटिकल अफेयर कमेटी की बैठक ले रहे थे। इसी बैठक में नेताओं के इस तरह के दौरों पर सीधे सवाल खड़ा कर दिया गया है।

पार्टी सूत्रों ने बताया कि संगठन के लिए कोर ग्रुप माने जाने वाली पॉलटिकल अफेयर कमेटी की बैठक में सभी दिग्गज नेता, पूर्व मंत्री शामिल थे। केवल पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बैठक में शामिल नहीं हो सके, क्योंकि वे पंजाब के दौरे पर थे। बताया जाता है कि बिलासपुर संभाग के एक पूर्व मंत्री ने सीधे सवाल किया कि छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज और नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत एक साथ दौरे क्यों नहीं करते। इस नेता ने यह भी कहा कि अलग- अलग दौरे की जगह एक साथ घूमे तो उसका असर पार्टी और जनता के बीच अच्छा दिखेगा। बताते हैं कि पायलट ने इस सीधे तौर पर कुछ नहीं कहा, मगर उनकी इस बात पर सहमति बनती नजर आई है। बताया जाता है कि इस सवाल के साथ पार्टी के दूसरे दिग्गज नेताओं को भी इसके घेरे में लेने का प्रयास किया गया है, जो अपने हिसाब से दौरा कार्यक्रम बनाते हैं और प्रदेश कांग्रेस के साथ कोई समन्वय नहीं बनाते, न ही दौरे की सूचना देते हैं। आलाकमान का भी साफ आदेश है कि जनता के बीच बेहतर प्रदर्शन करें और जनहित के मुद्दों को प्रभावी तरीके से बनाएं। जब तक पार्टी के दिग्गज नेताओं में एकजुटता नहीं दिखेगी, तब तक इसका असर भी नहीं दिखेगा।

महंत- बैज का दौरा था चर्चा में

करीब दो माह पहले चरण दास महंत और दीपक बैज का बिलासपुर प्रवास हुआ था। उस प्रवास में दोनों नेता एक ही दिन बिलासपुर गए थे। दोनों के दौरे में केवल डेढ़ घंटे का फर्क था। दोनों ने लाल खदान ट्रेन हादसे के घायलों से मुलाकात की थी और मृतकों के परिजनों को सांत्वना दी थी। उस दिन भी पार्टी के भीतर इस पर जमकर चर्चा हुई थी। साथ ही अंदरुनी तौर पर कहा गया था कि पार्टी नेताओं को जनता से जुड़े मसलों पर एकजुटता अवश्य दिखानी चाहिए। माना जा रहा है कि अब पार्टी नेताओं के दौरों पर लगाम कसी जाएगी और उन्हें प्रदेश कांग्रेस से समन्वय बना कर दौरा करने को कहा जाएगा।

जिला अध्यक्षों के कार्यक्रमों पर भी सवाल

पार्टी सूत्रों का कहना है कि प्रदेश में सभी नये जिला अध्यक्ष अपने- अपने हिसाब से कामकाज संभाल रहे हैं। हाल ही में सूरजपुर में जिला अध्यक्ष ने कामकाज संभाला, उसमें प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज और पूर्व सीएम भूपेश बघेल गए थे। जबकि कुछ जिलों कें दिग्गज नेता अलग- अलग जाकर कार्यक्रम कर रहे हैं। इससे संदेश जा रहा है कि दिग्गज नेता अपने समर्थकों के कार्यक्रम में ही शामिल हो रहे हैं। इसके लिए एक पार्टी नेता ने कहा है कि राजधानी में ही सभी जिला अध्यक्षों को बुला कर कामकाज का प्रभार एक साथ सौंप दिया जाना था, जिसमें सभी दिग्गज नेताओं को हाजिर होने कहा जा सकता था।

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