Scout Guide Dispute, High Court: स्काउट गाइड अध्यक्ष विवाद: सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने हाई कोर्ट में दायर की याचिका, अध्यक्ष पद से हटाए जाने को बताया असंवैधानिक

Scout Guide Dispute, High Court: स्काउट गाइड अध्यक्ष का विवाद गहराने लगा है। प्रशासनिक स्तर से यह मामला अब बिलासपुर हाई कोर्ट पहुंच गया है। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। अध्यक्ष पद से हटाए जाने को असंवैधानिक करार दिया है।

Update: 2026-01-08 04:21 GMT

Scout Guide Adhyaksh Vivad: बिलासपुर। स्काउट गाइड अध्यक्ष का विवाद गहराने लगा है। प्रशासनिक स्तर से यह मामला अब बिलासपुर हाई कोर्ट पहुंच गया है। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। अध्यक्ष पद से हटाए जाने को असंवैधानिक करार दिया है।

छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में 9 से 13 जनवरी 2026 तक आयोजित होने वाले राष्ट्रीय रोवर रेंजर जंबूरी को लेकर विवाद गहराने लगा है। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने खुद को भारत स्काउट गाइड की राज्य परिषद का अध्यक्ष बताते हुए आयोजन को स्थगित करने की घोषणा कर दी है। जंबूरी को स्थगित करने की घोषणा के साथ ही सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने बिलासपुर हाई कोर्ट में याचिका दायर कर दी है। दायर याचिका में सांसद अग्रवाल ने कहा है, उनको पद से हटाया जाना असंवैधानिक है। सांसद ने अपनी याचिका में इस मामले की शीघ्र सुनवाई का आग्रह हाई कोर्ट से किया है।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल और स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के बीच स्काउट गाइड के अध्यक्ष पद की दावेदारी को लेकर विवाद शुरू हो गया है। दोनों अध्यक्ष होने का दावा कर रहे हैं। सांसद बृजमोहन अग्रवाल का दावा है कि 10 करोड़ की वित्तीय अनियमितता के कारण आयोजन को रद्द कर दिया गया है। इस आयोजन को नवा रायपुर में होना था, लेकिन गलत तरीके से आयोजन स्थल को बालोद कर दिया है। सांसद की घोषणा के विपरीत स्काउट गाइड ने जंबूरी को जारी रखने की घोषणा की है। इससे विवाद गहराने लगा है।

विवाद के बीच सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने इस पूरे मामले को लेकर हाई कोर्ट में याचिका दायर कर दी है। दायर याचिका में कहा है कि स्काउट गाइड के अध्यक्ष पद पर वे लगातार काम करते आ रहे हैं। इसके बाद भी उन्हें बिना जानकारी दिए, आयोजन किए जा रहे हैं और आयोजन स्थल को बिना वजह बदला जा रहा है। याचिका में इस बात की भी जानकारी दी है कि उनको पद से हटाने का प्रस्ताव भी लाया गया है।

याचिका में कहा है, उन्हें अध्यक्ष पद से हटाने न तो कोई सूचना दी गई और न ही कोई सुनवाई का मौका दिया गया है। पूरी कार्रवाई एकतरफा की जा रही है। सांसद ने दायर याचिका की शीघ्र सुनवाई का आग्रह हाई कोर्ट से किया है। याचिका में इस बात की भी जानकारी दी है कि उन्होंने सांसद और परिषद के वैधानिक अध्यक्ष होने के नाते 5 जनवरी को जंबूरी की बैठक भी ली थी।

स्कूल शिक्षा विभाग ने 13 दिसंबर 2025 को एक आदेश जारी कर स्कूली शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव को भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ का राज्य अध्यक्ष मनोनीत किया। यह आदेश ही विवाद की सबसे प्रमुख वजह है। क्योंकि इससे पहले बृजमोहन अग्रवाल जब शिक्षा मंत्री थे तब उन्हें स्काउट्स एवं गाइड्स का पदेन राज्य अध्यक्ष बनाया गया था।

क्या है नियम

छत्तीसगढ़ भारत स्काउट एवं गाइड्स के उपनियम 17 (1) के प्रथम पैराग्राफ में यह स्पष्ट उल्लेख है कि राज्य परिषद द्वारा अनुमोदित किए जाने के बाद एक बार जिसको मनोनीत अध्यक्ष बना दिया जाता है उसको 5 साल के लिए पदेन अध्यक्ष माना जाता है। रुल बुक III 64.2 के मुताबिक बृजमोहन अग्रवाल इस समय स्काउट्स गाइड्स के पदेन अध्यक्ष हैं। ऐसी स्थिति में 13 दिसंबर 2025 का आदेश तभी मान्य हो सकता है जब बृजमोहन अग्रवाल अपने पद से इस्तीफा दे दें। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने अपने पद से इस्तीफा नहीं दिया है और स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से उनकी सहमति के बिना गजेंद्र यादव को पदेन अध्यक्ष घोषित कर दिया है।

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