नितिन नवीन अभी नहीं देंगे इस्तीफा, प्रेम कुमार को बुलाया गया दिल्ली, क्या है पूरा माजरा?
Nitin Nabin News : भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन का विधायक पद से इस्तीफा देना टल गया है। वो असम रवाना हो गए हैं, जहां विधानसभा चुनाव होना है।
Bihar Political News : भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का बांकीपुर सीट से विधायक पद से इस्तीफा का कार्यक्रम अब टल गया है। वो आज सुबह अचानक असम के डिब्रुगढ़ के लिए रवाना हो गए। सूचना थी कि वह आज सुबह 9 से 10 बजे के बीच बिहार विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देंगे।
वहीं, विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार को दिल्ली बुलाया गया है। वह सुबह 10 बजे दिल्ली रवाना हो गए। प्रेम कुमार शनिवार रात ही दिल्ली से पटना पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि दिल्ली में कुछ कार्यक्रम था, उसके लिए गया था। प्रदेश अध्यक्ष ने मुझे इस्तीफे की जानकारी दी तो मैं आया। मगर, किसी इमरजेंसी की वजह से बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष असम रवाना हो गए। अब जल्द जो तारीख तय होगी, उसमें इस्तीफा होगा।
बांकीपुर सीट पर होगा उपचुनाव
हाल में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नवीन राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए हैं। अब वे संवैधानिक प्रक्रिया के तहत विधायक पद से इस्तीफा देने वाले हैं। बांकीपुर विधानसभा के 5 बार विधायक रहे हैं। उनके इस्तीफे के बाद बांकीपुर सीट पर उपचुनाव होगा, जिस पर राजनीतिक दलों की नजर रहेगी।
10 अप्रैल को नीतीश कुमार राज्यसभा की ले सकते हैं शपथ
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी राज्यसभा सदस्य के रूप में चुने जाने के बाद बिहार विधान परिषद के सदस्य (MLC) पद से इस्तीफा देंगे। इसकी आखिरी तारीख 30 मार्च तय है। 10 अप्रैल को राज्यसभा के नए निर्वाचित सदस्य शपथ ले सकते हैं। इनमें सीएम नीतीश कुमार, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, रालोमो अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा, भाजपा के शिवेश कुमार और जदयू के रामनाथ ठाकुर शामिल हैं। शपथ ग्रहण के लिए सभी 9 अप्रैल को दिल्ली रवाना होंगे। उसी दिन 10 राज्यों से निर्वाचित 37 सदस्य भी शपथ लेंगे। नवनिर्वाचित राज्यसभा सदस्य शिवेश राम ने बताया कि उन्हें शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने को कॉल आया है। वह इसकी तैयारी कर रहे हैं।
16 मार्च को हुआ था राज्यसभा का चुनाव
16 मार्च की शाम सीएम नीतीश कुमार और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन समेत 5 सदस्यों की जीत की घोषणा हुई थी। विपक्ष से अमरेंद्र सिंह धारी को उम्मीदवार बनाया गया था, लेकिन वह चुनाव हार गए।