CG Politics News: छत्तीसगढ़ के चूहे भूखे नहीं, नागपुर या गुजरात के आए चूहों ने खाए धान, पूर्व CM भूपेश ने ली चुटकी
CG Politics News: समर्थन मूल्य पर खरीदे गए धान के शार्टेज को लेकर अब मामला गरमाने लगा है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा, छत्तीसगढ़ के चूहे भूखे नहीं, नागपुर या फिर गुजरात के आए चूहों ने खाए होंगे धान। अब इन चूहों की अगली मंजिल बस्तर है।
CG Politics News: रायपुर। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी और समितियों में शार्टेज को लेकर भ्रष्टाचार से ऊपर उठते हुए मामला पूरी तरह सियासत में बदल गई है। चूहों को निशाना बनाकर कहीं और निशाना साधने का काम हो रहा है। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के ताजा बयान और चूहों के अगले निशाने को लेकर जो कुछ उन्होंने कहा आने वाले दिनों में छत्तीसगढ़ की सियासत में सरगर्मी बढ़े तो अचरज की बात नहीं होनी चाहिए। धान शार्टेज और चूहों के बहाने पूर्व ने नागपुर व गुजरात की ओर निशाना साधा है। पूर्व सीएम ने कहा कि नागपुर या फिर गुजरात से आए भूखे चूहों ने ही धान खाए होंगे। उनका इशारा किस ओर है, सियासत में नजर रखने वाले साफतौर पर समझ रहे हैं।
कवर्धा के चाराभाठा और बर्घरा खरीदी केंद्र में धान के बड़े पैमाने पर शार्टेज ने चूहों को सामने ला दिया है। विभाग से जुड़े अफसर ने धान शार्टेज के पीछे चूहों को कारण बता दिया। बस फिर क्या था, छत्तीसगढ़ की सियासत भी इसी अंदाज में गरमा गया है। कांग्रेसजनों ने चूहे का पिंजरा प्रशासन के आला अफसरों को भेंट कर विरोध दर्ज कराया। बात यहीं रुकी नहीं, राजनीति ने तेजी के साथ करवट बदली। पूर्व सीएम ने चूहों के जरिए भाजपा पर तीखा हमला किया है। उन्होंने गुजरात और नागपुर के चूहों की ओर इशारा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ तो धान का कटोरा है। यहां के चूहे भूखे नहीं है। गुजरात और नागपुर के चूहे धान खा गए। पूर्व सीएम ने कहा बीते कुछ दिनों से छत्तीसगढ़ सहति देशभर में चूहों की खूब चर्चा हो रही है। ये चूहे इतने भूखे हैं कि ना सिर्फ 30 करोड़ के धान चट कर गए, प्रदेश को भी कुतर-कुतर कर खाने लगे हैं और खोखला कर रहे हैं। पूर्व सीएम ने सवाल उछाला और खुद ही जवाब भी दिए। वे बोले अब सवाल यह उठता है कि ये भूखे चूहे छत्तीसगढ़ में आए कहां से। फिर बोले क्या नागपुर या गुजरात से आए हैं। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि कवर्धा, महासमुंद, जशपुर सहित कई जिलों में अब तक ना जाने कितनी बेशकीमती जमीनें चूहों ने निगल ली है। छत्तीसगढ़ की राजनीति में जो कुछ चल रहा है और जैसा दिखा रहा है,उससे साफ है कि अब इन चूहों की अगली मंजिल बस्तर ही है। फिर बोले, इन्हीं चूहों ने पहले जल-जंगल-जमीन को निगल लिया अब बस्तर निगलने की बारी है।
यहां से उठी चूहों की बात
छत्तीसगढ़ के कवर्धा में चारभांठा और बघर्रा धान खरीदी केंद्र में खरीफ विपणन साल 2024-25 के दौरान MSP में खरीदे गए 26 हजार क्विंटल धान का शॉर्टेज मिला। जांच में इसकी कीमत करीब 7 करोड़ रुपए आंकी गई है। अधिकारियों का दावा है कि 26 हजार क्विंटल धान चूहों ने खाया है।