CG Congress Politics: राहुल के मनरेगा बनाम वीबी जी रामजी पर कांग्रेस नेता ने उठाए सवाल! पार्टी मीटिंग की बातें सोशल मीडिया में वायरल
CG Congress Politics: केंद्र सरकार ने मनरेगा का नाम बदलकर वीबी जी रामजी कर दिया है। बदले नाम को लेकर कांग्रेस ने इसे राष्ट्र व्यापी मुद्दा बना दिया है। केंद्र सरकार के निर्णय के खिलाफ कांग्रेस सड़कों पर उतर आए हैं। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ की दूसरी सबसे बड़ी शहर बिलासपुर में ब्लॉकवार आंदोलन शुरू हो गया है। इसी आंदोलन के लिए बुलाई गई पार्टी मीटिंग में कांग्रेस के एक नेता ने राहुल के मुद्दे पर ही सवालिया निशान उठा दिया है।
Congress Neta Ne Uthaye Sawal: बिलासपुर। केंद्र सरकार ने मनरेगा का नाम बदलकर वीबी जी रामजी कर दिया है। बदले नाम को लेकर कांग्रेस ने इसे राष्ट्र व्यापी मुद्दा बना दिया है। केंद्र सरकार के निर्णय के खिलाफ कांग्रेस सड़कों पर उतर आए हैं। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ की दूसरी सबसे बड़ी शहर बिलासपुर में ब्लॉकवार आंदोलन शुरू हो गया है। इसी आंदोलन के लिए बुलाई गई पार्टी मीटिंग में कांग्रेस के एक नेता ने राहुल के मुद्दे पर ही सवालिया निशान उठा दिया है। पीसीसी के पूर्व प्रदेश सचिव जब अपनी बातें रख रहे थे तब मंच से लेकर सामने कुर्सी पर बैठे पदाधिकारी व कार्यकर्ता पूरे समय चुप्पी साधे बैठे रहे। पूर्व प्रदेश सचिव की बातें अब सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर तेजी के साथ वायरल भी रहा है।
मनरेगा के नाम बदलने के बीच कांग्रेस के राष्ट्रव्यापी आंदोलन के बीच बिलासपुर से बड़ी सियासी खबर आ रही है। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी दो की बीते दिनों आंदोलन को लेकर बैठक बुलाई गई थी। मीटिंग के दौरान कांग्रेस के पूर्व प्रदेश सचिव ने मनरेगा आंदोलन पर सवाल खड़ा कर दिया है। उनके तर्क के आगे मंच पर बैठे पदाधिकारी व सामने कुर्सी पर बैठे कार्यकर्ता निरुत्तर से हो गए। और कहीं से कोई इस पर प्रतिक्रिया नहीं दे पा रहा है। नवनियुक्त ब्लॉक अध्यक्ष तज्जमुल हक ने बोल बम चौक तोरवा में बैठक बुलाई थी, जिसमें वरिष्ठ नेता महेश दुबे ने बड़ी बात कह दी।
महेश दुबे बिलासपुर शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष के तगड़े दावेदार थे। प्रदेश संगठन में प्रदेश सचिव भी रहे हैं और रायपुर के प्रभारी के बतौर सेवा देते रहे हैं। महेश ने सीधे सवाल खड़ा किया कि मनरेगा पर तो हम देशव्यापी आंदोलन कर रहे हैं और इसे राष्ट्रीय मुद्दा बना रहे हैं, मगर हमारे स्थानीय मुद्दे कहां हैं? हम कहां पर स्थानीय निवासियों के मुद्दे उठा रहे हैं? कहां पर उद्योगपतियों के साथ खड़े दिख रहे हैं? उनके बोलने का अर्थ था कि कांग्रेस सीधे तौर पर जनता से दूर होती जा रही है।
उन्होंने मताधिकार और मनरेगा के आंदोलन को सराहा भी और कहा कि कांग्रेसी पूरे मन से काम कर रहे हैं। हम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर तो काम करें, पर स्थानीय स्तर पर हम विवेक से काम करें। हम शहर में गंदगी, छोटी समस्या के लिए कुछ नहीं कर रहे हैं। 13 वार्ड में पांच कांग्रेस पार्षद हैं, यह काफी है। इस इलाके में स्थानीय बड़े नेता आते हैं, हमें निगम, बिजली कंपनी, प्रशासन का घेराव करेंगे तब ही हम मजबूत होंगे। सफाई नहीं होने, व्यापारियों का सामान उठाने, अतिक्रमण में भेदभाव के मुद्दे भी बताए। साथ ही यह भी कहा कि हमें जनता का विश्वास बढ़ाना होगा।
पंचायत स्तर पर जनसंपर्क पूरा-
पार्टी के तय शेड्यूल के अनुसार जन आंदोलन के पहले दिन 11 जनवरी को उपवास रखा गया था। इसके बाद 12 से 29 जनवरी तक ग्राम पंचायत स्तर पर जनसंपर्क अभियान चलाया गया। पार्टी ने इस दौरान पंचायत में ग्रामीणों और मनरेगा मजदूरों से संपर्क कर उन्हें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष का पत्र भी देने का लक्ष्य रखा था। इस दौरान विधानसभा स्तर पर नुक्कड़ सभाएं भी की गई।
आज वार्ड स्तरपर धरना-
पार्टी ने 30 जनवरी को वार्ड स्तर पर धरना देने का फैसला किया है। इस दिन शांतिपूर्ण धरने के साथ अहिंसा और संवैधानिक मूल्यों की जानकारी दी जाएगी। 31 जनवरी से 6 फरवरी तक सभी जिलों में कलेक्टर कार्यालय के पास मनरेगा बचाओ धरना दिया जाएगा। इस दौरान विधेयक को मूल रूप में लाने के लिए ज्ञापन भी सौंपे जाएंगे।
विधानसभा घेराव भी होगा-
सात फरवरी से 15 फरवरी तक विधानसभा घेराव का शेड्यूल रखा गया है। पीसीसी के जरिए इसकी तारीख तय की जाएगी और फिर बड़ी संख्या में कांग्रेसी विधानसभा घेरने पहुंचेंगे। 16 फरवरी से 25 फरवरी तक एआईसीसी की क्षेत्रीय रैलियों का आयोजन किया जाएगा। माना जा रहा है कि प्रदेश में कम से कम चार क्षेत्रीय रैलियां अलग- अलग तारीखों में होंगी। इसमें रायपुर, बिलासपुर, बस्तर और अंबिकापुर को रखा जा सकता है।