CG Congress News: 308 कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्षों का फैसला जल्द, सचिन पायलट कल लेंगे नए जिला अध्यक्षों की क्लास

CG Congress News: कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट गुरुवार को रायपुर आ रहे हैं, इस बीच छत्तीसगढ़ में जिला स्तर पर नियुक्तियों का क्रम खत्म होने के बाद अब निचले स्तर पर कवायद शुरू हो गई है। उम्मीद की जा रही है कि इसी सप्ताह कांग्रेस में लंबी सूची जारी हो जाएगी। उधर, प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट कल नए जिला अध्यक्षों की बैठक लेने जा रहे हैं।

Update: 2026-01-07 07:02 GMT

CG Congress News: रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस में प्रदेश स्तर पर महिला कांग्रेस को छोड़ कर बाकी सभी नियुक्तियों का काम लगभग समाप्त हो चुका है। इसके बाद निचले स्तर पर नियुक्तियों के तेजी ला दी गई है। जिला अध्यक्षों की नियुक्तियों के बाद ब्लॉक और मंडल अध्यक्षों का फैसला होना है। इसकी सूची पुराने जिला अध्यक्षों की निगरानी में बन गई थी, नए जिला अध्यक्षों से राय ली गई है और उसके बाद प्रस्तावित सूची को लगभग फाइनल कर दिया गया है। ब्लॉक अध्यक्षों के 308 पदों की सूची बनाई गई है और इसे फाइनल कर मुहर लगने के लिए आलाकमान को भेज दिया गया है। प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट की मौजूदगी में लंबित नियुक्तियों पर चर्चा हो सकती है।

पार्टी सूत्रों ने बताया कि संगठन महामंत्री के द्वारा इस सूची का परीक्षण किया जा रहा है और सब- कुछ सही रहा तो इसी सप्ताह सूची जारी हो जाएगी। इसके लिए प्रदेश के दिग्गज नेताओं ने भी अपने समर्थकों की लॉबिंग की है। कुछ दिग्गज नेता लगातार दिल्ली प्रवास पर भी रहे हैं, उसी दौरान दिल्ली में भी इन नियुक्तियों को यथाशीघ्र करने पर सहमति बनी है। इसके अलावा मंडल स्तर पर भी 3700 से अधिक नामों की सूची बना कर प्रस्ताव भेज दिया गया है। कांग्रेस में पहली बार मंडल का ढांचा खड़ा किया गया है। शहरों में हर मंडल में चार से पांच वार्ड आएंगे, जबकि ग्रामीण स्तर पर छोटे गांवों के समूहों को मिला कर मंडल तैयार किया गया है। इस तरह से अब कांग्रेस में मंडल अध्यक्ष ज्यादा पावरफुल रहेंगे और यही कारण है कि मंडल बनने के लिए ज्यादा दावेदार सामने आए हैं। शहरों में हर मंडल अध्यक्ष के नीचे तीन से चार पार्षद रहेंगे। माना जा रहा है कि चुनावों के वक्त मंडल अध्यक्षों की भूमिका प्रभावी हो जाएगी। प्रत्याशी चयन से लेकर प्रचार तक में भूमिका निभा सकेंगे। यही एक वजह है कि भावी टिकट दावेदारों ने मंडल और ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्ति में अपनी पसंद का ख्याल रखा है। उन्हें लगता है कि पदों में जितने ज्यादा समर्थक रहेंगे, उतना ही टिकट पाने में आसानी होगी और चुनाव लड़ने के लिए फौज तैयार रहेगी।

पर्यवेक्षकों की सूची बदलेगी?

ज्ञात हो कि पार्टी में जिला अध्यक्षों की नियुक्ति सितंबर 2024 तक हो जानी थी। इसमें विलंब होने के कारण बाकी नियुक्तियां भी प्रभावित हुई हैं। पुराने जिला अध्यक्षों की सहमति से ब्लॉक और मंडल अध्यक्षों की सूची बना दी गई थी, जिस पर पार्टी के भीतर ही विरोध किया गया था। पार्टी नेताओं का कहना था कि जब नए जिला अध्यक्षों की नियुक्ति होनी ही है तो फिर पुराने जिला अध्यक्षों की राय क्यों ली गई। नए जिला अध्यक्षों के आने के बाद कुछ जिलों में उनकी राय ली गई है। पार्टी पर्यवेक्षकों ने दौरा कर दावेदारों की सूची बना कर दी थी और उसी में से ब्लॉक व मंडल अध्यक्ष बनाए जाएंगे। पार्टी में ब्लॉक अध्यक्षों पर पार्टी नेता ज्यादा माथापच्ची कर रहे हैं। नए जिला अध्यक्षों के आने के बाद क्या पर्यवेक्षकों की सूची बदल जाएगी या यथावत रहेगी, इस पर ज्यादा नजर है।

नए कांग्रेस जिला अध्यक्षों की क्लास कल

छत्तीसगढ़ के सभी नए जिला कांग्रेस अध्यक्षों की गुरुवार को रायपुर में क्लास लगने जा रही है। पार्टी के प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट बैठक लेकर पार्टी की रीति- नीति और नए सिस्टम के हिसाब से काछत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट के साथ पार्टी के सभी दिग्गज नेता गुरुवार को रायपुर में रहेंगे। इस दौरान पार्टी पदाधिकारियों की मौजूदगी में संगठन से संबंधित मुद्दों पर भी चर्चा की जाएगी। नए जिला अध्यक्षों की बैठक लेकर पार्टी काफी आशान्वित है और चाहती है कि जनहित से संबंधित मुद्दों को लगातार उठाया जाए। पार्टी आलाकमान ने इस बार जिला अध्यक्षों की भूमिका बदल दी है और हर चुनाव में उनकी भागीदारी सुनिश्चित कर दी है। इस हिसाब से देखा जाए तो जिला अध्यक्षों का पावर ज्यादा रहेगा।

पार्टी सूत्रों ने बताया कि आलाकमान ने जिला, ब्लॉक और मंडल स्तर पर संगठन को सक्रिय करने कहा है। इससे पहले जिला स्तर पर नए अध्यक्षों की नियुक्तियां कर दी गई हैं। अब ब्लॉक और मंडल अध्यक्षों की सूची आने के बाद कार्यकारिणी के गठन पर जोर दिया जाएगा। कार्यकारिणी बनने से पहले ही जिला अध्यक्षों की प्रदेश प्रभारी पायलट के साथ बैठक होगी। इस बैठक में जिला अध्यक्षों को भी जिला स्तर पर समन्वय बना कर काम करने कहा जाएगा और कार्यकारिणी में सभी समीकरण का ख्याल रखने के निर्देश दिए जाएंगे। हाल ही में बिजली से लेकर अन्य मुद्दों पर कुछ जिलों में कांग्रेस ने अच्छा प्रदर्शन किया है। जिन जिलों में अध्यक्षों ने कामकाज नहीं संभाला है, वहां भी प्रदर्शन हुए हैं।

मनरेगा बनेगा मुद्दा

पार्टी ने मनरेगा का नाम केंद्र सरकार द्वारा बदलने को मुद्दा बनाने का फैसला किया है। बताया जाता है पायलट को इसी मुद्दे पर पूरे छत्तीसगढ़ में आंदोलन का कार्यक्रम बनाने के लिए भेजा गया है। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा इस आंदोलन के लिए चरणबद्ध तरीके से कार्यक्रम प्रस्तावित किया गया है और इसे ही पायलट की मौजूदगी में मंजूर किया जा सकता है। मनरेगा पर जिला अध्यक्षों को भी आंदोलन, धरना और प्रदर्शन का कार्यक्रम दिया जाएगा। मनरेगा के बहाने कल आ रहे पायलट प्रदेश के दिग्गज नेताओं से भेंट करेंगे। इसी दौरान पार्टी में शेष नियुक्तियों की प्रक्रिया पर भी चर्चा हो सकती है। उनके प्रवास को देखते हुए पार्टी के सभी बड़े नेताओं को रायपुर बुलाया गया है।

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