BJP सांसद रूपकुमारी चौधरी का जीवन परिचय (Biography in Hindi)
BJP Sansad RupKumari Choudhary Biography in Hindi: महासमुंद लोकसभा सीट से रूप कुमारी चौधरी सांसद चुनी गई हैं। उन्हें भाजपा ने अपने सिटिंग सांसद चुन्नीलाल साहु का टिकट काट कर प्रत्याशी बनाया था। अघरिया समाज से आने वाली रूप कुमारी चौधरी दो बार जिला पंचायत सदस्य रहने के अलावा बसना विधानसभा से विधायक भी रह चुकी हैं। वर्तमान में वे जिला भाजपा अध्यक्ष महासमुंद है।
Biography of BJP MP Rupkumari Chaudhary (in Hindi): रूपकुमारी चौधरी छत्तीसगढ़ की महासमुंद लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी की सांसद चुनी गई हैं। वे अघरिया समाज से आती हैं और जमीनी राजनीति की मजबूत पहचान रखती हैं। इससे पहले वे बसना विधानसभा सीट से विधायक रह चुकी हैं और लंबे समय तक संगठन में सक्रिय भूमिका निभाती रही हैं। वर्तमान में वे महासमुंद जिला भाजपा अध्यक्ष भी हैं।
शुरुआती जीवन और पारिवारिक पृष्ठभूमि
रूपकुमारी चौधरी का जन्म 5 जुलाई 1976 को बसना ब्लॉक के ग्राम धनापाली, जिला महासमुंद में हुआ। उनके पिता का नाम स्वर्गीय क्षेमराज पटेल है। उन्होंने दसवीं कक्षा तक शिक्षा प्राप्त की है।
उनका विवाह 1 अप्रैल 1993 को सरायपाली ब्लॉक के ग्राम हर्राटार निवासी ओमप्रकाश चौधरी से हुआ। उनके पति भूमि विकास बैंक के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं और वर्तमान में व्यवसाय से जुड़े हैं।
रूपकुमारी चौधरी स्वयं भी कृषि व्यवसाय (चौधरी सा मिल, सांकरा) से जुड़ी हैं। उनके एक पुत्र और दो पुत्रियां हैं। वे वर्तमान में ग्राम हर्राटार, पोस्ट सरायपाली, जिला महासमुंद की निवासी हैं।
राजनीतिक सफर की शुरुआत
रूपकुमारी चौधरी ने राजनीति की शुरुआत 2005 में की, जब वे सरायपाली विधानसभा क्षेत्र से जिला पंचायत सदस्य चुनी गईं। इसके साथ ही वे सहकारिता एवं उद्योग समिति की सभापति बनीं।
इसके बाद उनका संगठनात्मक और जनप्रतिनिधि सफर लगातार आगे बढ़ता गया:
- 2006: भाजपा कार्यकारिणी सदस्य
- 2007: प्राथमिक सोसायटी केजुवा की सदस्य
- 2009: जिला सहकारी संघ की संचालक एवं राज्य सहकारी संघ रायपुर की प्रतिनिधि
- 2010: बसना विधानसभा क्षेत्र से दोबारा जिला पंचायत सदस्य निर्वाचित
- 2011: भाजपा महिला मोर्चा, महासमुंद की जिला महामंत्री
विधायक से सांसद तक का सफर
2013 विधानसभा चुनाव में रूपकुमारी चौधरी ने बसना सीट से भाजपा प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा और कांग्रेस के सिटिंग विधायक देवेंद्र बहादुर सिंह को हराकर पहली बार विधायक बनीं। उन्हें 77,137 वोट मिले, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी को 70,898 वोट प्राप्त हुए।
विधायक रहते हुए वे छत्तीसगढ़ विधानसभा की सुविधा एवं सम्मान समिति, पुस्तकालय समिति और महिला एवं बाल कल्याण समिति की सदस्य रहीं। मई 2015 से दिसंबर 2018 तक उन्होंने संसदीय सचिव के रूप में भी जिम्मेदारी निभाई। साथ ही 2014 में भाजपा प्रदेश मंत्री भी बनीं।
संगठन में भूमिका और उतार-चढ़ाव
रूपकुमारी चौधरी का आरएसएस से भी जुड़ाव रहा है और संगठन में उनकी पकड़ मजबूत मानी जाती है। 2018 विधानसभा चुनाव में उनका टिकट काटकर भाजपा ने दुर्गाचरण पटेल को मौका दिया, लेकिन पार्टी को वहां सफलता नहीं मिली। इसके बावजूद वे संगठन में सक्रिय रहीं और नवंबर 2019 से लगातार महासमुंद जिला भाजपा अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रही हैं।
लोकसभा में एंट्री
2023 विधानसभा चुनाव में उन्होंने टिकट की मांग की थी, लेकिन पार्टी ने उन्हें विधानसभा की बजाय सीधे लोकसभा चुनाव में उतारा। महासमुंद लोकसभा सीट से जीत दर्ज कर वे अब भाजपा की सांसद बन चुकी हैं।
रूपकुमारी चौधरी का राजनीतिक सफर ग्राम पंचायत और जिला पंचायत से शुरू होकर विधानसभा और अब लोकसभा तक पहुंचा है। संगठनात्मक अनुभव, जमीनी पकड़ और महिला नेतृत्व के तौर पर उनकी पहचान उन्हें छत्तीसगढ़ भाजपा की अहम नेताओं में शामिल करती है।