Vedanta Chairman Anil Agarwal: बेटे के निधन के बाद बदला जीवन का मकसद: वेदांता चेयरमैन अनिल अग्रवाल करेंगे 75% संपत्ति दान

Vedanta Chairman Anil Agarwal: वेदांता समूह के चेयरमैन और देश के जाने-माने उद्योगपति अनिल अग्रवाल ने अपने जीवन का सबसे बड़ा और भावनात्मक फैसला लिया है।

Update: 2026-01-09 09:25 GMT

Vedanta Chairman Anil Agarwal: वेदांता समूह के चेयरमैन और देश के जाने-माने उद्योगपति अनिल अग्रवाल ने अपने जीवन का सबसे बड़ा और भावनात्मक फैसला लिया है। इकलौते बेटे के आकस्मिक निधन के गहरे सदमे के बाद उन्होंने अपनी कुल संपत्ति का 75 प्रतिशत हिस्सा (करीब ₹1.5 लाख करोड़ से अधिक) समाजसेवा के लिए दान करने की घोषणा की है। उनके इस निर्णय ने कॉर्पोरेट जगत के साथ-साथ देशभर में एक नई बहस और प्रेरणा को जन्म दिया है।

दर्द ने सिखाया जीवन का सच

शून्य से शिखर तक का सफर तय करने वाले अनिल अग्रवाल का कहना है कि बेटे को खोने का दुख उनके जीवन का सबसे बड़ा मोड़ बन गया। उन्होंने कहा, “जिंदगी की सबसे बड़ी चोट ने यह एहसास करा दिया कि हम कुछ लेकर नहीं आए और कुछ लेकर नहीं जाएंगे। अब संपत्ति जमा करने से ज्यादा जरूरी है उसे सही जगह लगाना।” इस फैसले के साथ ही उन्होंने सादगी भरा जीवन अपनाने का संकल्प भी लिया है।

‘नंद घर’ बनेगा बदलाव की धुरी

दान की जाने वाली राशि का बड़ा हिस्सा वेदांता फाउंडेशन के प्रमुख सामाजिक प्रोजेक्ट ‘नंद घर’ के माध्यम से खर्च किया जाएगा। इसका उद्देश्य देश के दूर-दराज़ इलाकों में बच्चों, महिलाओं और वंचित वर्गों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है।

कुपोषण के खिलाफ अभियान: बच्चों को पोषणयुक्त आहार और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं।

महिला सशक्तिकरण: ग्रामीण महिलाओं को प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाना।

पशु कल्याण: बेसहारा पशुओं के लिए आधुनिक शेल्टर और उपचार केंद्र।

परिवार की सहमति, समाज के लिए समर्पण

अनिल अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि उनके इस निर्णय में पूरा परिवार उनके साथ है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अब वे कॉर्पोरेट बैठकों की तुलना में समाजसेवा और मानवीय कार्यों को अधिक समय देंगे।

कॉर्पोरेट जगत में जहां मुनाफा और विस्तार प्राथमिकता होते हैं, वहीं अनिल अग्रवाल का यह कदम यह संदेश देता है कि दुख से उपजा संकल्प भी समाज के लिए उम्मीद की रोशनी बन सकता है।

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