Supreme Court News: वेटिंग लिस्ट और नियुक्ति का अधिकार को लेकर सुप्रीम कोर्ट का आया महत्वपूर्ण फैसला.....

Supreme Court News: वेटिंग लिस्ट और नियुक्ति के अधिकार को लेकर शीर्ष अदालत ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा, वेटिंग लिस्ट की अवधि समाप्त होने के बाद इसमें शामिल उम्मीदवारों को नियुक्ति का कोई अधिकार नहीं रह जाता। तय समयावधि समाप्त होने के बाद दावा नहीं कर सकते।

Update: 2026-01-20 07:56 GMT

Supreme Court News: दिल्ली। वेटिंग लिस्ट और नियुक्ति के अधिकार को लेकर शीर्ष अदालत ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा, वेटिंग लिस्ट की अवधि समाप्त होने के बाद इसमें शामिल उम्मीदवारों को नियुक्ति का कोई अधिकार नहीं रह जाता। तय समयावधि समाप्त होने के बाद दावा नहीं कर सकते। सार्वजनिक रोजगार से जुड़े मामले में शीर्ष अदालत के इस फैसले को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

राजस्थान लोकसेवा आयोग की अपील पर सुनवाई करते हुए डिवीजन बेंच ने कहा कि चयन के बाद मेरिट लिस्ट में शामिल उम्मीदवार को भी नियुक्ति का कोई अपराजेय अधिकार नहीं होता। ऐसी स्थिति में यह मानना अनुचित होगा कि वेटिंग लिस्ट में शामिल उम्मीदवार को मेरिट के आधार पर चयन उम्मीदवारों से अधिक अधिकार प्राप्त होंगे। डिवीजन बेंच ने शीर्ष अदालत द्वारा पूर्व में पारित निर्णय का भी हवाला दिया है। डिवीजन बेंच ने राजस्थान लोकसेवा आयोग की अपील स्वीकार करते हुए हाई कोर्ट के आदेश को खारिज कर दिया है। हाई कोर्ट ने प्रतीक्षा सूची की अवधि समाप्त होने के बाद भी वेटिंग लिस्ट में शामिल उम्मीदवारों को नियुक्ति का आदेश राजस्थान लोकसेवा आयोग को दिया था। राजस्थान पीएससी ने हाई कोर्ट के इस आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में अपील पेश की थी। दरअसल राजस्थान पीएससी ने मुख्य परीक्षा की चयन सूची जारी करने के बाद प्रतीक्षा सूची जारी की थी। प्रतीक्षा सूची की अवधि छह महीने तय की थी।

क्या है नियम

प्रतीक्षा सूची की वैधता सीमित अवधि की होती है। इसकी वैधता भर्ती नियमों पर निर्भर करती है। अवधि निर्धारित न होने पर, अगली भर्ती विज्ञप्ति तक इसे बोनाफाइड रूप से संचालित किया जा सकता है। प्रतीक्षा सूची से नियुक्ति का अवसर तभी उत्पन्न होता है, जब चयन सूची की प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी रिक्तियां शेष रहें।

Tags:    

Similar News