Sakshi Malik News: साक्षी मलिक का बृजभूषण सिंह पर बड़ा आरोप, वीडियो जारी कर कहा नाबालिग के परिवार को धमकाया गया

Sakshi Malik News: भारतीय कुश्ती संघ (Wrestling Federation of India) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह (Brij Bhushan Sharan Singh) के खिलाफ प्रदर्शन लगभग खत्म हो गया है, लेकिन इस बीच आज यानी शनिवार को पहलवान साक्षी मलिक (Sakshi Malik) ने एक वीडियो जारी कर मामला को फिर से जीवित करने की कोशिश की है।

Update: 2023-06-17 15:40 GMT

Sakshi Malik News: भारतीय कुश्ती संघ (Wrestling Federation of India) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह (Brij Bhushan Sharan Singh) के खिलाफ प्रदर्शन लगभग खत्म हो गया है, लेकिन इस बीच आज यानी शनिवार को पहलवान साक्षी मलिक (Sakshi Malik) ने एक वीडियो जारी कर मामला को फिर से जीवित करने की कोशिश की है। साक्षी मलिक ने वीडियो जारी करते हुए बृजभूषण सिंह पर बड़ा आरोप लगाया है।

उन्होंने कहा कि बृजभूषण सिंह के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज कराने वाली नाबालिग महिला पहलवान (Minor Female Wrestler) के परिवार को डराया और धमकाया गया है, इसके कारण से उसने बयान बदल दिया है। नाबालिग महिला पहलवान ने पुलिस के सामने 161 और मजिस्ट्रेट के सामने 164 में बयान दिया था, लेकिन उसके परिवार को धमकी दी गई, इसके बाद उसने बयान बदल लिया।

साक्षी मलिक ने कहा कि हमारा आंदोलन राजनीति से प्रेरित नहीं है। इस आंदोलन में कांग्रेस का भी कोई हाथ नहीं है। उन्होंने कहा कि जब हमने पहली बार जनवरी में आंदोलन किया था। उस आंदोलन की परमिशन बीजेपी के 2 लीडर्स ने ही दिलाई थी, जिसका मेरे पास सबूत भी है। पहलवान ने हमेशा से कहा है कि हमारी लड़ाई सरकार के खिलाफ नहीं, बल्कि फेडरेशन के खिलाफ थी। एकता नहीं होने के कारण प्रशासन इसका फायदा उठाता है।

साक्षी मलिक ने कहा कि बृजभूषण सिंह 12 साल से महिला पहलवानों से छेड़छाड़ कर रहे थे। कुश्ती से जुड़े 90 फीसदी लोगों को इस बात की जानकारी है कि 12 साल से महिला पहलवानों से इस तरह की छेड़छाड़ की जा रही थी। कई लोग बृजभूषण सिंह के खिलाफ आवाज उठाना चाहते थे, लेकिन हमारी रेसलिंग कमेटी में एकता नहीं थी, इसके कारण से यह नहीं हो सका था।

जैसे ही कोई आवाज उठाने की कोशिश करता था, बृजभूषण सिंह तक बात पहुंचते ही उसके करियर में दिक्कत आनी शुरू हो जाती थी। हम पहले भी इसका विरोध कर सकते थे, लेकिन हम पहलवानों में एकता की कमी थी। कुश्ती में आने वाले अधिकतर खिलाड़ी गरीब परिवारों से होते हैं, उनमें इतनी हिम्मत नहीं होती थी कि पावरफुल आदमी के खिलाफ आवाज उठा सकें।

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