Ramlala In Foreign Media: विदेशी मीडिया में छाया राम मंदिर: जाने... पाकिस्तान से लेकर इंग्लैंड और अमेरिका के न्यूज में रामलला को लेकर क्या कहा...
Ramlala In Foreign Media: अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम भारतीय मीडिया में करीब पखवाड़ेभर से छाया हुआ है।भारतीय मीडिया लगातार कवरेज कर रहा है। लेकिन यह आयोजन केवल भारत की ही सीमित नहीं है। राम मंदिर की चर्चा पड़ोसी देश पाकिस्तान से लेकर इंग्लैंड और अमेरिका तक हो रही है।
Ramlala In Foreign Media: एनपीजी न्यूज डेस्क
500 साल के लंबे इंतजार के बाद आज भगवान रामलला अपने जन्म स्थान पर स्थापित हो गए हैं। करीब 11 दिनों तक चले अनुष्ठान के बाद आज रामलला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की गई। इसके साथ ही देश में आज एक नया इतिहास लिखा गया, जिसकी चर्चा सदियों तक होगी। यही वजह है कि देश से लेकर विदेश में जहां-जहां भारतीय और हिंदु रहते हैं, वहां उत्सव का माहौल है। थाईलैंड, इंडोनेशिया, म्यांमार और मलेशिया सहित कई देशों में आज उत्सव मनाया जा रहा है। यही वजह है कि यह आयोजन विदेशी मीडिया में भी छाया हुआ है।
जानिए...राम मंदिर को लेकर क्या कहा पाकिस्तानी मीडिया ने
पाकिस्तान के प्रमुख मीडिया समूह डॉन ने राम मंदिर के उद्घाटन को प्रमुखता से स्थान दिया है। डॉन ने राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम से विपक्षी पार्टियों की दूरी का उल्लेख करते हुए लिखा है कि कार्यक्रम में फिल्म अभिनेताओं, क्रिकेटरों और प्रमुख उद्योगपतियों के अयोध्या पहुंचे हैं। आयोध्या में सुरक्षा के कड़े इंतजाम के बीच मुस्लिम आबादी की सुरक्षा पर सवाल खड़ा किया है। डॉन के अनुसार मुस्लिम लोगों ने हिंसा के डर से अपने बच्चों और महिलाओं को पड़ोसी शहरों में रिश्तेदारों के पास भेज दिया।आयोजन को लोकसभा चुनाव से भी जोड़ने का प्रयास किया गया है।
जानिए...राम मंदिर को लेकर अमेरिका की मीडिया ने क्या लिखा
अमेरिका की द वॉशिंगटन पोस्ट ने लिखा कि अयोध्या में 22 जनवरी को दशकों पुरानी हिंदू राष्ट्रवादी प्रतिज्ञा को पूरा किया। एनबीसी न्यूज ने लिखा है कि यह मंदिर अयोध्या का कायापलट कर उसे एक पर्यटक स्थल बनाने में अहम भूमिका बनाएगा। एबीसी न्यूज ने लिखा कि भारत की तरह मॉरीशस में भी राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के दौरान हिंदू सरकारी कर्माचिरयों को दो घंटे की छुट्टी दी गई। अमेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल ने खिला है कि उत्तरी भारत में विवादित भूमि पर एक हिंदू पूजा स्थल का उदय भारत के पहले प्रधानमंत्री द्वारा समर्थित बहुलवाद का प्रतीक है। मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राम मंदिर के उद्घाटन को एक प्रकार से चुनाव प्रचार अभियान के तौर पर देखा जा रहा है। जो कि देश में रहने वाले करोड़ों हिन्दुओं का सालों पुराना सपना पूरा करेगा।
ब्रिटेन की मीडिया में भी राम मंदिर की चर्चा
ब्रिटिश न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने राम मंदिर उद्घाटन को ऐतिहासिक बताते हुए लिखा कि ब्रिटेन में रह रहे भारतीय लोगों ने अपने घरों और मंदिरों में दीये जलाकर दीवाली जैसा त्योहार मनाया। गार्डियन ने लिखा कि भारत में दो-तीन महीने बाद चुनाव होने हैं। इसमें मोदी और उनकी भाजपा, सरकार में तीसरी बार सत्ता में आने की कोशिश करेगी। बीबीसी वर्ल्ड ने लिखा, 'अयोध्या में राम मंदिर 16वीं शताब्दी में बनी एक मस्जिद की जगह लेगा, जिसे हिंदुओं की एक भीड़ ने वर्ष 1992 में तोड़ दिया था।