Education News : अगर स्टूडेंट्स सात दिन नहीं गए स्कूल, तो शिक्षक खुद आएंगे घर लेने
Odisha Education News : यह आदेश ओडिशा स्टेट कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स (OSCPCR) के संचार के आधार पर जारी किया गया है.
ODISHA EDUCATION NEWS : ओडिशा में शिक्षा विभाग ने एक नेक पहल की है. एक आश्चर्यजनक कार्रवाई करते हुए यह निर्धारित किया गया है की अगर स्टूडेंट्स लगातार सात दिन स्कूल में अनुपस्थित रहते हैं तो शिक्षक खुद घर आएंगे स्टूडेंट्स को लेने या फिर स्कूल न आने की वजह का पता करेंगे. इस खास पहल का मकसद स्कूल ड्रॉपआउट रोकना, छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है.
मिली जानकारी के अनुसार ओडिशा में छात्र के स्कूलों में अनुपस्थिति को रोकने और बाल अधिकारों की रक्षा के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है. डायरेक्टरेट ऑफ एलिमेंट्री एजुकेशन (DEE) ने निर्देश जारी किया है कि जो छात्र सात दिन या उससे अधिक समय तक स्कूल से अनुपस्थित रहते हैं, तो उनके घर पर शिक्षकों जाएंगे.
यह निर्देश 8 जनवरी 2026 को जारी आधिकारिक अधिसूचना के माध्यम से सभी जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) और ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) को भेजा गया है. इसमें कहा गया है कि स्कूलों को इस दिशा में तत्काल और आवश्यक कदम उठाने होंगे. दिशा निर्देशों में इस बात पर जोर दिया गया है कि शिक्षकों या विद्यालय प्रतिनिधियों को अनुपस्थित छात्रों के घर जाकर अनुपस्थिति के कारणों को समझना चाहिए, जिनमें स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं या पारिवारिक परिस्थितियां शामिल हो सकती हैं. इसके साथ ही नियमित विद्यालय उपस्थिति को प्रोत्साहित करने के लिए आवश्यक सहायता प्रदान करनी चाहिए.
यह आदेश ओडिशा स्टेट कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स (OSCPCR) के संचार के आधार पर जारी किया गया है. अधिसूचना में स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि एक सप्ताह या उससे अधिक समय तक अनुपस्थित रहने वाले छात्रों के घर विजिट करने के लिए स्कूल प्राधिकरणों को सलाह दी जाती है. पत्र में फील्ड-स्तर के अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि अपने स्तर पर आवश्यक कदम उठाएं.
निर्देशों के अनुसार, अगर कोई छात्र लगातार सात दिनों से अधिक समय तक स्कूल से अनुपस्थित रहता है, तो स्कूल प्राधिकरण या शिक्षक को छात्र के घर जाकर अनुपस्थिति का कारण जानना होगा और आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई करनी होगी. यह आदेश OSCPCR अध्यक्ष और स्कूल एवं जन शिक्षा विभाग के अतिरिक्त सचिव को भी भेजा गया है. अधिकारियों के अनुसार इस कदम का उद्देश्य स्कूल ड्रॉपआउट रोकना, छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और जमीनी स्तर पर निगरानी मजबूत करना है.