CAA News Hindi: केंद्र मार्च के पहले हफ्ते से लागू कर सकती है CAA के नियम, पोर्टल हुआ तैयार
CAA News Hindi:लोकसभा चुनाव से पहले केंद्र सरकार देश में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) लागू कर सकती है। खबर है कि मार्च के पहले हफ्ते में देशभर में CAA लागू हो जाएगा। आचार संहिता लगने से पहले केंद्र सरकार यह बड़ा फैसला लेने जा रही है।
CAA News Hindi:लोकसभा चुनाव से पहले केंद्र सरकार देश में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) लागू कर सकती है। खबर है कि मार्च के पहले हफ्ते में देशभर में CAA लागू हो जाएगा। आचार संहिता लगने से पहले केंद्र सरकार यह बड़ा फैसला लेने जा रही है। केंद्र सरकार का दावा है कि इससे पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से उत्पीड़न का शिकार होकर भारत में शरण लेने वाले हिंदू, जैन, बौद्ध और सिख धर्म के लोगों को फायदा मिलेगा।
NDTV के रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि CAA लागू करने के नियम और एकीकृत ऑनलाइन पोर्टल तैयार है। उन्होंने कहा कि आवदेकों को ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकरण करना होगा और गृह मंत्रालय द्वारा इसका ट्रायल रन किया जा चुका है। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। उन्होंने कहा कि आवेदकों को पंजीकरण के समय केवल वो साल बताना होगा, जब उन्होंने बिना दस्तावेजों के भारत में प्रवेश किया और उनसे अन्य कोई दस्तावेज नहीं मांगा जाएगा।
हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा चुनाव से पहले देश में CAA लागू करने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि CAA नागरिकता प्रदान करने के लिए है, न कि नागरिकता छीनने के लिए। उन्होंंने कहा था, "अल्पसंख्यकों और विशेष रूप से हमारे मुस्लिम समुदाय को उकसाया जा रहा है। CAA किसी की नागरिकता नहीं छीन सकता क्योंकि कानून में इसका कोई प्रावधान नहीं है। ये शरणार्थियों को नागरिकता प्रदान करने वाला कानून है।''
नागरिकता संशोधन कानून क्या है?
संसद ने दिसंबर, 2019 में CAA को संसद से पारित कराया था। इसमें पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से भारत आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई धर्म के लोगों को भारतीय नागरिकता देने का प्रावधान किया गया है। इसके तहत 31 दिसंबर, 2014 से पहले भारत आने वाले इन समुदाय के लोगों को तुरंत नागरिकता दे दी जाएगी, वहीं उसके बाद या आगे आने वाले लोगों को 6 साल भारत में रहने के बाद नागरिकता मिल सकेगी। बता दें कि मुस्लिमों को इस कानून के दायरे से बाहर रखने के लिए CAA की आलोचना होती है। सरकार की पहले इसे NRC के साथ लागू करने की योजना थी और इन दोनों कानूनों के खिलाफ देशभर में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए थे।
मोदी सरकार का देश में CAA लागू करने के पीछे एक बड़ा मकसद ये है कि भाजपा हिंदू शरणार्थियों को एक बड़े वोटबैंक के रूप में देखती है। दरअसल, कानूनन भारत की नागरिकता के लिए कम से कम 11 साल तक देश में रहना जरूरी है, लेकिन CAA में पड़ोसी देशों से आए गैर-मुस्लिम शरणार्थियों को 11 की बजाय 6 साल में नागरिकता मिलेगी। इसके विपरीत मुस्लिमों के लिए नियमों में कोई छूट नहीं है।