भिवानी हत्याकांड: जुनैद और नासिर को जिंदा जला कर मरने वाले आरोपी मोनू और गोगी गिरफ्तार, ऐसे घटना को दिया था अंजाम
हरियाणा के भिवानी में जुनैद और नासिर हत्याकांड मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। पुलिस ने इस हत्याकांड के दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। बता दें कि दोनों आरोपियों मोनू राणा और गोगी पर 10 हजार का इनाम रखा गया था, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
भिवानी हत्याकांड: हरियाणा के भिवानी में जुनैद और नासिर हत्याकांड मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। पुलिस ने इस हत्याकांड के दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। बता दें कि दोनों आरोपियों मोनू राणा और गोगी पर 10 हजार का इनाम रखा गया था, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
क्या है पूरा मामला ?
दरअसल, 16 फरवरी को हरियाणा में भिवानी जिले के बरवास में बोलेरो गाड़ी की पिछली सीट पर जुनैद और नासिर जिंदा जले मिले थे। यह जुनैद के रिश्तेदार इस्माइल ने भरतपुर जिले के गोपालपुरा पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि दोनों 15 फरवरी की शाम को बोलेरो में गांव से निकले थे। अगले दिन दोनों के शव बोलेरो सहित जले हुए मिले थे।दोनों मृतकों के स्वजनों ने इस मामले में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं का हाथ होने की बात कही थी।
इस मामले में मोनू और गोगी मुख्य आरोपी थे। जिसके बाद से दोनों ही फरार चल रहे थे। भिवानी में राजस्थान के युवकों की हत्या हुई थी, जिसको चलते हरियाणा और पंजाब पुलिस दोनों मिलकर इस मामले की जांच कर रही थी।
बता दें कि 35 साल का जुनैद और 28 वर्षीय नासिर भरतपुर के गांव घाटमीका के रहने वाले थे। हरियाणा सीमा के नजदीक सटे गांव से दोनों का अपहरण कर लिया गया था। जुनैद के चचेरे भाई इस्माइल ने 15 फरवरी को गोपालगढ़ थाने में अपहरण का केस दर्ज कराया था। अगले ही दिन जुनैद और नासिर के शव भिवानी के लोहारू में जली हुई हालत में एक बोलेरो गाड़ी में मिले थे।
आरोप लगा कि गौरक्षक दल के सदस्यों ने इस अपहरण और हत्याकांड को अंजाम दिया। पुलिस ने रिंकू सैनी, नूंह निवासी अनिल, श्रीकांत, कैथल निवासी कालू, भिवानी निवासी मोनू राणा, जींद के विकास, करनाल के शशिकांत और भिवानी के गोगी को आरोपी बनाया। मोनू इस केस का अहम किरदार बताया जा रहा है। पुलिस राजस्थान, हरियाणा समेत करीब 5 राज्यों में उसकी तलाश कर रही थी।