क्लर्क के घर छापेमारी में मिला कुबेर का खजाना……3 करोड़ कैश, सोने-चांदी और जेवहरात से भरी थी तिजोरी….नोट गिनने की मशीन भी मिली….रिश्वत मामले में हुई थी गिरफ्तारी

Update: 2021-05-29 04:43 GMT

भोपाल 29 मई 2021। मध्यप्रदेश में भ्रष्टाचार का ऐसा खुलासा हुआ है कि जांच करने वाले अफसरों की आंखें भी चौधिंया गयी। एक क्लर्क के घर से CBI को 3 करोड़ रूपये कैश और बेशुमार सोने-चंदी और गहने मिले हैं। माना जा रहा है कि ये रकम और जायदाद अभी और भी कई करोड़ों में जायेगी। इस मामले में सीबीआई ने FCI गोडाउन के क्लर्क और तीन अफसरों को गिरफ्तार किया गया है। क्लर्क के घर से नोट गिनने की मशीन भी मिली है। क्लर्क का नाम किशोर मीणा बताया जा रहा है।

दरअसल सीबीआई ने शुक्रवार को सिक्योरिटी एजेंसी का 11 लाख रुपए का बिल पास करने के लिए एक लाख की रिश्वत लेते एफसीआई के चार अफसरों को गिरफ्तार किया है। इनमें से दो अफसरों को रंगे हाथों पकड़ा। जबकि एक संभागीय मैनेजर और क्लर्क को बाद में गिरफ्तार किया गया है।

गिरफ्तारी के बाद आज से जांच शुरू की गयी। तीन अफसरों के घर से तो ज्यादा कुछ नहीं मिला, लेकिन जैसे ही क्लर्क किशोर मीणा के छोला स्थित घर की तलाशी ली गयी, अफसर हैरान रह गये। किशोर मीणा के घर पर एक बड़ी सी तिजोरी मिली। तिजोरी खोलने पर वहां 3 करोड़ रूपये कैश मिले हैं, जबकि 670 ग्राम चांदी और 387 ग्राम सोना भी मिला है। इसके अलावे संपत्ति के भी कई कागजात मिले थे। जानकारी के मुताबिक सभी अधिकारी अपनी काली कमाई क्लर्क के उसी तिजोरी में रखते थे। नोट गिनने की मशीन भी घर पर रखी गयी थी।

जानकारी के मुताबिक एफसीआई में गुड़गांव की एक सिक्योरिटी कंपनी कैप्टन कपूर एंड संस का ठेका है। जिसका साल का 11 लाख रुपए का बिल बनता है। एफसीआई के डिवीजनल मैनेजर हर्ष हिनायना, अकाउंट मैनेजर अरुण श्रीवास्तव और सिक्योरिटी मैनेजर मोहन पराते 10 प्रतिशत कमीशन मांग रहे थे। बाद में यह तय हुआ कि पुराने बिल का 50 हजार और नए बिल के 70 हजार रुपए देने होंगे।

इस संबंध में सिक्योरिटी कंपनी ने सीबीआई में शिकायत की थी। शुक्रवार को योजनाबद्ध तरीके से अकाउंट मैनेजर अरुण और सिक्योरिटी मैनेजर मोहन को माता मंदिर कमीशन की राशि देने बुलाया था। यहां जैसे ही उन्होंने एक लाख रुपए लिए वैसे ही सीबीआई की टीम ने उन्हें रंगे हाथ पकड़ लिया। उन्होंने टीम को बताया कि यह राशि वह संभागीय मैनेजर के इशारे पर लेने आए थे तो उन्हें फोन कराया गया। हर्ष हिनायना ने बताया कि रकम क्लर्क के पास पहुंचा दो। इसके बाद सीबीआई ने संभागीय मैनेजर और क्लर्क को भी गिरफ्तार कर लिया है।

 

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