Shiv Mandir se lautate waqt Ye galtiyan Na Karen: शिव मंदिर से लौटते समय भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां, वरना अधूरी रह सकती है पूजा की कृपा...
Shiv Mandir se lautate waqt Ye galtiyan Na Karen: शिव मंदिर से लौटते वक्त इन नियमों का पालन बहुत जरूरी होता है अन्यथा आपकी पूजा का कोई भी परिणाम नहीं निकलेगा। आइए जानते हैं वह कौन-कौन से कार्य हैं जिन्हें शिव मंदिर से लौटते वक्त नहीं करना चाहिए।
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Shiv Mandir se lautate waqt ye galtiyan Na Karen: महाशिवरात्रि, सावन सोमवार या हरितालिका तीज ये सभी पर्व किसी भी शिव भक्त के लिए अत्यंत पवित्र माने गए हैं। इन दिनों सभी शिव मंदिरों में जलाभिषेक करने के लिए भक्तों की लंबी कतारें लगीं होती है। लोग अपने-अपने तरीकों से पूजा पाठ करते हैं और भगवान शिव को कुछ न कुछ अर्पित भी करते हैं, लेकिन कई धार्मिक ग्रंथो के अनुसार मंदिरों में भगवान शिव की पूजा के पश्चात घर लौटते वक्त कुछ ऐसे कार्य हैं जिन्हें करने पर कर्म का फल आधा हो जाता है। अक्सर लोग इन छोटी-छोटी चीजों को नजरअंदाज कर देते हैं लेकिन शिव मंदिर से लौटते वक्त इन नियमों का पालन बहुत जरूरी होता है अन्यथा आपकी पूजा का कोई भी परिणाम नहीं निकलेगा। आइए जानते हैं वह कौन-कौन से कार्य हैं जिन्हें शिव मंदिर से लौटते वक्त नहीं करना चाहिए।
शिवलिंग को बार-बार मुड़कर नहीं देखना चाहिए
शिवलिंग के सामने आपकी पूजा पूरी होने के बाद बाहर निकलते वक्त बार-बार पीछे मुड़कर शिवलिंग को नहीं देखना चाहिए। जब आप ऐसा करते हैं तो आपको मिलने वाली कृपा बाधित हो जाती है और इसे अशुभता का प्रतीक भी माना गया है इसलिए एक बार शिवलिंग के दर्शन करिए और शांत मन से बाहर निकल जाइए।
शिवालय से खाली हाथ घर न पहुंचे
जब भी शिव मंदिर में पूजा के लिए जाएं तो वहां से लौटते वक्त कभी खाली हाथ घर नहीं आना चाहिए। ऐसा करने पर भगवान शिव की पूरी कृपा घर तक नहीं पहुंचती। जो भी आप पूजा के लिए सामान लेकर जाते हैं जैसे लोटा, फूल, बेलपत्र या प्रसाद तो इन्हीं में से कम से कम कोई एक चीज घर जरूर लेकर आए हैं और घर पहुंचते ही इन चीजों को अपने स्थान पर रखने के बाद ही अन्य कार्य करें।
शिव मंदिरों में पूजा के बाद मुख्य द्वार के सामने ना बैठे
कई शिव भक्तों से अनजाने में यह गलती हो जाती है कि वे पूजा करने के पश्चात थोड़ी और शांति प्राप्त करने के लिए मंदिर के मुख्य द्वार के सामने या फिर सीढ़ियों में ही कुछ समय के लिए बैठ जाते हैं लेकिन धार्मिक दृष्टि से इस चीज को अशुभ माना गया है। मंदिर का मुख्य द्वार या सीढ़ियां सकारात्मक ऊर्जा के आवागमन का साधन होती है जो आपके बैठ जाने पर बाधित हो सकती है।
मंदिर से लौटने पर तुरंत हाथ पैर न धोए
जब भी शिवालयों में पूजा अर्चना की जाती है तो शिवलिंग की कुछ सकारात्मक ऊर्जा भक्तों के अंदर भी समाहित होती है और यदि मंदिर से निकलते वक्त आपने कहीं रास्ते में हाथ पैर धो लिए तो वह ऊर्जा भी कई दिशाओं में फैल जाती है। अतः आप अपने घरों में शिवलिंग की सकारात्मक ऊर्जा बनी रहना चाहते हैं तो मंदिर से लौट के 1.5 से 2 घंटे बाद ही हाथ पैर धोए।
मंदिर से लाए प्रसाद को तुरंत नहीं खाना चाहिए
शिव मंदिरों में पूजा के बाद जो भी प्रसाद घर लाया जाता है उसे तुरंत आते ही नहीं खाना चाहिए। धार्मिक ग्रंथो में ऐसा करने को अशुभ माना गया है। बाहर से आए प्रसाद को सेवन से पहले घर में स्थापित भगवानों में पुनः समर्पित करना चाहिए फिर सभी सदस्यों को बांटते हुए अच्छे से बैठकर प्रसाद का सेवन करना चाहिए।