Ram Lala Mangala Aarti Live Today : अयोध्या से लाइव : कड़ाके की ठंड में रामलला का हुआ शाही श्रृंगार, मखमली कपड़ों में दिखे बालक राम, दर्शन के लिए उमड़ा भक्तों का सैलाब
Ram Lala Mangala Aarti Live Today : रामनगरी अयोध्या में आज सोमवार की सुबह भक्ति और अटूट आस्था का एक ऐसा सैलाब उमड़ा है की पूरी नगरी ही राम भगवान के रंग में रंगी हुई नजर आ रही है, हालांकि आज भी सुबह से ही काफी ठंड है और घने कोहरे की चादर छाई हुई है
Ram Lala Mangala Aarti Live Today : अयोध्या से लाइव : कड़ाके की ठंड में रामलला का हुआ शाही श्रृंगार, मखमली कपड़ों में दिखे बालक राम, दर्शन के लिए उमड़ा भक्तों का सैलाब
अयोध्या : Ram Lala Mangala Aarti Live Today 19 Jan 2026 : रामनगरी अयोध्या में आज सोमवार की सुबह भक्ति और अटूट आस्था का एक ऐसा सैलाब उमड़ा है की पूरी नगरी ही राम भगवान के रंग में रंगी हुई नजर आ रही है, हालांकि आज भी सुबह से ही काफी ठंड है और घने कोहरे की चादर छाई हुई है, लेकिन राम भक्तों की भीड़ और उनके जोश के आगे मौसम बेअसर साबित हो रहा है, जैसे ही दिन की शुरुआत हुई, सरयू तट से लेकर भव्य मंदिर के प्रवेश द्वार तक केवल जय श्री राम के जयघोष की गूंज सुनाई देने लगी, हजारों श्रद्धालु इस ठंड की परवाह किए बिना रात से ही अपने आराध्य बालक राम की एक झलक पाने के लिए लाईनो में लगे थे
Ram Lala Mangala Aarti Live Today 19 Jan 2026 : मंगला आरती के साथ जब जागे बालक राम
प्रभु रामलला के दरबार में दिन की शुरुआत सुबह 6:30 बजे मंगला आरती के साथ की जाती है, मंगला आरती का नजारा किसी बड़े उत्सव जैसा होता है आज भी परंपरा के अनुसार मुख्य पुजारी ने बड़े ही लाड प्यार के साथ वैदिक मंत्रोच्चार करते हुए बालक राम को नींद से जगाया, शंखों की मधुर गूंज और घंटियों की आवाज के बीच जब गर्भगृह का पर्दा हटा और प्रभु की पहली दिव्य झलक भक्तों के सामने आई, तो पूरा मंदिर परिसर जयकारों से गूंज उठा, सबसे पहले दूध, दही, घी, शक्कर और शहद के पंचामृत से रामलला का अभिषेक किया गया, जिसके बाद उन्हें शुद्ध जल से स्नान कराया गया
मखमली और ऊनी वस्त्रों के साथ प्रभु का शाही श्रृंगार
अयोध्या के इस भव्य मंदिर में रामलला की सेवा बिल्कुल वैसे ही की जाती है जैसे किसी घर में छोटे बालक की देखभाल होती है, कड़ाके की ठंड को देखते हुए आज प्रभु को विशेष गर्म वस्त्र धारण कराए गए, अपने लाडले सरकार को ठंड से बचाने के लिए पुजारियों ने उन्हें मखमल के रेशमी और हल्का गुलाबी ऊनी बेहद सुंदर वस्त्र पहनाये सोने के भव्य मुकुट, कीमती रत्नों से जड़े आभूषण और ताजे सुगंधित फूलों के हार से सजे प्रभु का मुखमंडल इतना सजीव और तेजस्वी लग रहा था की भक्त अपनी सुध बुध खोकर उन्हें बस एकटक निहारते ही रह गए, आपको बता दे की प्रभु राम के लिए जो फूलों की माला आती है, वह खास तौर से दिल्ली से मंगाई जाती है, श्रृंगार के बाद जब रामलला को उनका सबसे प्रिय माखन मिश्री का भोग लगाया गया, तो उनकी मंद मंद मुस्कान देखकर भक्तगण निहाल हो गए
मौसम के अनुसार रामलला की विशेष सेवा
मंदिर के पुजारी बताते हैं की प्रभु की दिनचर्या में मौसम के हिसाब से बदलाव किए जाते है, जैसे गर्मियों में उन्हें हल्के सूती कपड़े पहनाए जाते हैं, वैसे ही अभी ठंड के मौसम में उन्हें गर्म तासीर वाले भोग और ऊनी कपड़े पहनाये जा रहे है, आज आरती के समय जब पुजारी जी ने बालक राम की नजर उतारी, तो वह पल इतना भावुक कर देने वाला था की वहा मौजूद कई श्रद्धालु भाउक हो गए, भक्तों का कहना है की प्रभु की प्रतिमा को देखकर ऐसा लगता है जैसे वे अभी बोल पड़ेंगे
मंगला से शयन आरती तक प्रभु की सेवा
रामलला के दरबार में सेवा का यह अलौकिक क्रम सुबह से देर रात तक चलता रहता है, मंगला और श्रृंगार आरती के बाद दोपहर 12 बजे भोग आरती होती है, जिसमें प्रभु को मौसम के अनुकूल विशेष पकवानों का भोग लगाया जाता है, इसके बाद प्रभु विश्राम के लिए जाते है और दोपहर 2 बजे उन्हें फिर से जगाकर उत्थापन आरती की जाती है, और फिर शाम 7 बजे की संध्या आरती में हजारों दीपों की रोशनी से पूरा राम मंदिर जगमगा उठता है आपको बता दे शाम की जो आरती होती वो बेहद खास होती है और पूरा महोल दिवाली त्यौहार जैसा लगता है, और अंत में रात 9 बजे शयन आरती होती है, जहाँ मधुर लोरी सुनाकर बालक राम को बड़े प्रेम से सुलाया जाता है
श्रद्धालुओं के लिए मंदिर ट्रस्ट के विशेष इंतजाम
ठंड को देखते हुए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं की सुविधा का पूरा ख्याल रखा है, खासकर बुजुर्गों और बच्चों के लिए दर्शन वाले रास्तों और प्रतीक्षालयो में हीटर लगाए गए है, साथ ही श्रद्धालुओं के लिए गर्म पानी और चाय की व्यवस्था भी की गई है ताकि उन्हें दर्शन में कोई असुविधा न हो, मंदिर प्रशासन और सुरक्षाकर्मी लगातार भीड़ को नियंत्रित करते हुए भक्तों को सुगम दर्शन कराने में जुटे हुए है, जय श्री राम