Ram Lala Aarti Live : अयोध्या से लाइव : रामलला की मनमोहक मंगला आरती में उमड़ा भक्तों का सैलाब, आप भी घर बैठे करें दर्शन

Ram Lala Aarti Live : अयोध्या की पावन धरती पर आज, 7 जनवरी 2026 की सुबह वैसी ही अलौकिक है जैसे रोज होती हैं राम जन्मभूमि मंदिर के गर्भगृह में रामलला की पूजा पाट का शिलशिला शुरू हो जाता है।

Update: 2026-01-07 02:01 GMT

Ram Lala Aarti Live : अयोध्या से लाइव : रामलला की मनमोहक मंगला आरती में उमड़ा भक्तों का सैलाब, आप भी घर बैठे करें दर्शन

Ram Lala Aarti Live Today 7 Jan 2026 : अयोध्या : अयोध्या की पावन धरती पर आज, 7 जनवरी 2026 की सुबह वैसी ही अलौकिक है जैसे रोज होती हैं राम जन्मभूमि मंदिर के गर्भगृह में रामलला की पूजा पाट का शिलशिला शुरू हो जाता है। यहाँ की आरती सिर्फ एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की भावनाओं की आस्था केंद्र भी है।

Ram Lala Aarti Live Today 7 Jan 2026 : मंगला आरती से शुरुआत : रामलला के दरबार में दिनचर्या की शुरुआत सुबह 6. 30 बजे मंगला आरती के साथ की जाती है। कड़ाके की ठंड और शीतलहर के बावजूद भक्तों का उत्साह देखते ही बनता हैं लोग आधी रात से ही कतारों में लग जाते हैं। सबसे पहले पुजारी मंत्रोच्चार के साथ प्रभु को जगाया जाता हैं। इसके बाद दूध, दही, घी और शहद से प्रभु का अभिषेक किया जाता है।

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श्रृंगार और भोग की परंपरा : रामलला का श्रृंगार हर दिन अलग और बेहद खास होता है। आज उन्हें मखमली वस्त्रों और स्वर्ण आभूषणों से सजाया गया है। सुबह की आरती के बाद उन्हें बाल स्वरूप के अनुरूप माखन-मिश्री और ताजे फलों का भोग लगाया गया। मंदिर ट्रस्ट के मुताबिक, दिन भर में यहाँ पांच बार आरती की जाती है— मंगला, श्रृंगार, भोग, संध्या और शयन आरती। प्रत्येक आरती का अपना अलग महत्व है और हर समय भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है।

भक्तों का अनुभव : श्रद्धालुओं का कहना है कि यहाँ आकर समय मानो ठहर सा जाता है। जब मुख्य पुजारी रामलला की नज़र उतारते हैं, तो वह जो अनोखा दृश्य होता हैं वो बेहद भावुक कर देने वाला होता है कि कई भक्तों की आँखें नम हो जाती हैं। प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए भी विशेष व्यवस्था की है, फिर भी दोपहर की भोग आरती तक मंदिर परिसर पूरी तरह भरा रहता हैं

शाम को सरयू तट पर होने वाली आरती और मंदिर की संध्या आरती के साथ ही अयोध्या की गलियाँ रोशनी से नहाय हुए प्रतीत होती हैं। फिर रात को शयन आरती के बाद प्रभु को विश्राम कराया जाता है

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