Ram Lala Aarti Live : अयोध्या से लाइव : रामलला की मंगला आरती के साथ प्रभु का अलौकिक श्रृंगार, कड़ाके की ठंड में उमड़ा आस्था का सैलाब, आप भी करें घर बैठे करें दर्शन
Ram Lala Aarti Live : अयोध्या की पावन धरती पर आज, 9 जनवरी शुक्रवार की सुबह एक नई ऊर्जा एक अलग ही उमंग लेकर आई सुबह से ही मंदिर में भक्तो की भारी भीड़ नजर आरही थी
Ram Lala Aarti Live : अयोध्या से लाइव : रामलला की मंगला आरती के साथ प्रभु का अलौकिक श्रृंगार, कड़ाके की ठंड में उमड़ा आस्था का सैलाब, आप भी करें घर बैठे करें दर्शन
Ram Lala Aarti Live Today 9 Jan 2026 : अयोध्या : अयोध्या की पावन धरती पर आज, 9 जनवरी शुक्रवार की सुबह एक नई ऊर्जा एक अलग ही उमंग लेकर आई सुबह से ही मंदिर में भक्तो की भारी भीड़ नजर आरही थी, यहाँ सुबह से ही जागृति आरती के साथ बालक प्रभु श्री रामलला की पूजा विधि शुरू हो जाती हैं यहाँ की आरती सिर्फ एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की भावनाओं की आस्था केंद्र भी है। भगवान राम के दर्शन मात्र से लोगो के सभी कष्ट मीट जाते हैं
Ram Lala Aarti Live Today 9 Jan 2026 : मंगला आरती से होती है दिन की शुरुआत : रामलला के दरबार में दिनचर्या की शुरुआत सुबह 6.30 बजे मंगला आरती के साथ की जाती है। मंगला आरती यानि प्रभु राम की जाग्रति आरती जिसमे प्रभु को मंत्रो और सुमधुर ध्वनियों के साथ प्रेम पूर्वक जगाया जाता हैं उसके बाद दूध, दही, घी और शहद से प्रभु का अभिषेक किया जाता है। और आगे की विधि की जाती हैं कड़ाके की ठंड और शीतलहर के बावजूद भक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा हैं लोग सुबह से ही लंबी लाइनों में लग जाते हैं
श्रृंगार और भोग की खास परंपरा : प्रभु रामलला का श्रृंगार हर दिन अलग- अलग और बेहद खास तरीके से किया जाता है। आज उन्हें विशेष मखमल और गर्म ऊनी कपड़ो के साथ और स्वर्ण जनीत आभूषणों से सजाया गया है। प्रभु को फूलो की माला पहनाया गया भगवान राम को जो माला पहनाई जाती हैं वो खास तौर पे दिल्ली से मंगाई जाती हैं सुबह की आरती के बाद उन्हें माखन-मिश्री और ताजे फलों का भोग लगाया गया। मंदिर ट्रस्ट के अनुसार , दिन भर में यहाँ पांच बार प्रभु की आरती की जाती है— मंगला, श्रृंगार, भोग, संध्या और शयन आरती। प्रत्येक आरती का अपना अलग महत्व है और सुबह से शाम तक यहाँ भक्तो की भारी भीड़ उमड़ पड़ती हैं
भक्तों का अनुभव : श्रद्धालुओं का कहना है कि यहाँ आकर समय मानो ठहर सा जाता है। जब मुख्य पुजारी रामलला की नज़र उतारते हैं, तो वह जो अनोखा दृश्य होता हैं वो बेहद भावुक कर देने वाला होता है कि कई भक्तों की आँखें नम हो जाती हैं। प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए भी विशेष व्यवस्था की है, फिर भी दोपहर की भोग आरती तक मंदिर परिसर पूरी तरह भरा रहता हैं शाम को सरयू तट पर होने वाली आरती और मंदिर की संध्या आरती के साथ ही अयोध्या की गलियाँ रोशनी से नहाय हुए प्रतीत होती हैं। फिर रात को शयन आरती के बाद प्रभु को आराम कराया जाता है