Ram Lala Aarti Live : अयोध्या से लाइव : कड़ाके की ठंड में मखमली कपड़ों में सजे बालक राम, दिव्य श्रृंगार देख मंत्रमुग्ध हुए भक्त, आप भी घर बैठे करे दर्शन

Ram Lala Aarti Live : आज 13 जनवरी 2026, मंगलवार की सुबह अयोध्या धाम में भक्ति और विश्वास का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है, भले ही बाहर बर्फीली हवाएं चल रही हैं और चारो तरफ कोहरा है, लेकिन राम भक्तों का जोश देखने लायक हैं

Update: 2026-01-13 02:03 GMT

Ram Lala Aarti Live : अयोध्या से लाइव : कड़ाके की ठंड में मखमली कपड़ों में सजे बालक राम, दिव्य श्रृंगार देख मंत्रमुग्ध हुए भक्त, आप भी घर बैठे करे दर्शन

Ram Lala Aarti Live Today 13 Jan : अयोध्या : आज 13 जनवरी 2026, मंगलवार की सुबह अयोध्या धाम में भक्ति और विश्वास का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है, भले ही बाहर बर्फीली हवाएं चल रही हैं और चारो तरफ कोहरा है, लेकिन राम भक्तों का जोश देखने लायक हैं जैसे ही राम मंदिर के विशाल कपाट खुले, पूरी अयोध्या नगरी जय श्री राम के उद्घोष से गूँज उठा भक्तों की लंबी कतारें यह बता रहे हैं की रामलला की एक झलक पाने के लिए भक्तों को न ठंड की फिकर है और न ही मौसम की परवाह

Ram Lala Aarti Live Today 13 Jan : मंगला आरती जब लाड़-प्यार से जगाए गए प्रभु श्री राम

प्रभु रामलला के दरबार में दिन की शुरुआत सुबह 6:30 बजे दिव्य मंगला आरती के साथ हुई, यह केवल एक आरती नहीं, बल्कि एक माँ की ममता जैसा भाव है, जहाँ बालक राम को बड़े लाड़-प्यार से जगाया जाता है, सुमधुर मंत्रोच्चार, शंख और घंटियों की मधुर गूँज के के साथ जब प्रभु की पहली झलक मिली, तो भक्तगण खुशी से झूम उठे, प्रभु को जगाने के बाद उनका दूध, दही, घी और शहद के पंचामृत से अभिषेक किया गया, जो नजारा मन को शांति दे रहा था

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मखमली और ऊनी वस्त्रों से विशेष श्रृंगार

अयोध्या की हाड़ कंपाने वाली ठंड को देखते हुए आज भी रामलला का श्रृंगार बेहद खास रहा, अपने लाडले सरकार को ठंड से बचाने के लिए उन्हें विशेष मखमल रेशमी और गुलाबी रंग के गर्म ऊनी वस्त्र पहनाए गए, स्वर्ण आभूषणों और ताजे फूलों की मालाओं से सजे प्रभु का रूप इतना मोहक लग रहा था कि भक्त अपनी सुध-बुध खो रहे थे , श्रृंगार के बाद जब रामलला को माखन-मिश्री का भोग लगाया गया, तो उनकी मंद-मंद मुस्कान भक्तों को निहाल कर रही थी

भक्तों का अनुभव, ऐसा लगता है साक्षात खड़े हैं प्रभु

मंदिर से बाहर निकल रहे श्रद्धालुओं के चेहरे पर एक अलग ही चमक दिख रही है कई भक्तों ने भावुक होकर बताया कि रामलला की मूरत इतनी जीवंत लगती है की उनके सामने से हटने का मन ही नहीं करता, विशेष रूप से जब पुजारी जी प्रभु की नजर उतारते हैं, तो वह दृश्य इतना भावुक होता है कि भक्तों की आँखों से खुशी के आंसू छलक पड़ते हैं, ऐसा लगता है मानो पत्थर की मूरत नहीं, साक्षात प्रभु राघव सामने विराजमान हैं।

दिनभर प्रभु की सेवा, मंगला से शयन आरती तक

प्रभु रामलला की सेवा का क्रम सुबह से रात तक चलता हैं, सुबह की श्रृंगार आरती के बाद दोपहर 12 बजे भोग आरती होती है, जिसके बाद प्रभु कुछ देर विश्राम करते हैं दोपहर 2 बजे उत्थापन आरती होती हैं जिसमे उन्हें फिर से जगाया जाता है, फिर शाम 7 बजे संध्या आरती में पूरा मंदिर दीपों से जगमगा उठता है, और अंत में रात 9 बजे शयन आरती होती है, जहाँ लोरी सुनाकर बालक राम को सुलाया जाता है, मंदिर प्रशासन ने ठंड को देखते हुए बुजुर्गों और बच्चों के लिए खास इंतज़ाम किए हैं ताकि किसी को भी असुविधा न हो। जय श्री राम 

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