Makar Sankranti Vs Ekadhasi 2026 : इस वर्ष मकर संक्रांति और एकादशी एक दिन... अब कैसे होगा अन्न का दान, जानिए यहाँ आपके हर सवालों के जवाब

Makar Sankranti Vas Ekadasi 2026 : मकर संक्रांति पर एकादशी पड़ने से तिल के दान से एकादशी के नियम भी नहीं टूटते यानी तिल दान से आपको दोनों पर्वों का पूरा फल मिलता है.

Update: 2026-01-09 07:01 GMT

Makar Sankranti Vs Ekadasi 2026 :  इस वर्ष साल की पहली एकादशी षटतिला एकादशी और मकर संक्रांति एक ही दिन है. ऐसे में यह लोगों में संशय बना हुआ है की मकर संक्रांति के दिन जहाँ तिल के साथ खिचड़ी का दान अनिवार्य और महत्वपूर्ण माना जाता है, वहीँ एकादशी के दिन न अन्न खाया जाता है न ही दान की जाती है. इस विषय को लेकर अभी सभी सनातनियों के बीच भी काफी विचार-विमर्श हो रहा है, तो चलिए फिर जानते हैं की इस दिन क्या करें और क्या ना करें. 


षटतिला एकादशी 2026 में 14 जनवरी को माघ मास के कृष्ण पक्ष की षटतिला एकादशी पड़ रही है. यह भगवान विष्णु को समर्पित सबसे महत्वपूर्ण एकादशी में से एक है. संक्रांति और एकादशी का एक ही दिन होना बेहद दुर्लभ है, जो विष्णु और सूर्य देव की कृपा पाने का बहुत बड़ा अवसर भी है. मकर संक्रांति पर एकादशी पड़ने से तिल के दान से एकादशी के नियम भी नहीं टूटते यानी तिल दान से आपको दोनों पर्वों का पूरा फल मिलता है.


मकर संक्रांति 2026 में कब मनाई जायेगी

पंचांग के अनुसार, 14 जनवरी को मकर संक्रांति मनाई जाएगी, इस दिन दान-पुण्य का समय दोपहर 03 बजकर 13 मिनट पर शुरू होगा. वहीं, इसका समापन शाम 05 बजकर 45 मिनट पर होगा. इस दौरान दान-पुण्य करना अत्यंत लाभकारी रहेगा.


मकर संक्रति के महासंयोग पर करें उपाय

साल 2026 के जनवरी में मकर संक्रांति के दिन एकादशी और संक्रांति का महासंयोग बन रहा है. इस दिन गंगा या किसी पवित्र नदी में स्नान कर तिल, गुड़, गरम कपड़े और खिचड़ी का दान जरूर करें. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ऐसा करने से सात जन्मों के पापों का नाश होता है. अगर आप गंगा स्नान नहीं कर सकते हैं, तो घर में ही पानी में गंगाजल और तिल डालकर स्नान करें और पितरों की शांति के लिए इस दिन तिल से तर्पण जरुर करें. ऐसा करने से पितृ दोष से मुक्ति मिलती है.




 एकादशी और अन्न दान का नियम क्या है ?

एकादशी तिथि पर अन्न का सेवन, अन्न को छूना और अन्न का दान, तीनों की ही मनाही है यानी ये वर्जित माने जाते हैं. इसका सीधा मतलब है कि एकादशी के दिन चावल नहीं खाना चाहिए, चावल को छूना भी नहीं चाहिए और सबसे अहम चावल या खिचड़ी का दान नहीं करना चाहिए. यही वजह है कि इस बार मकर संक्रांति पर पारंपरिक खिचड़ी दान को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है.

मकर संक्रांति पर क्या करें ?

अब सवाल यह है कि जब चावल या खिचड़ी का दान नहीं करना है, तो फिर क्या दान करें. पंडित जी बताते हैं कि मकर संक्रांति पर तिल का विशेष महत्व होता है. तिल का दान, गुड़ का दान, तिल से बने लड्डू, तिल से बने अन्य पदार्थ का दान इस बार सबसे शुभ माने जाएंगे. धार्मिक मान्यता है कि मकर संक्रांति पर भगवान विष्णु को भी अक्षत (चावल) की बजाय तिल अर्पित किए जाते हैं, इसलिए एकादशी और मकर संक्रांति दोनों के नियम एक साथ निभाने का सबसे सही तरीका तिल और गुड़ का दान है.

तिल दान का धार्मिक महत्व

1. तिल को पाप नाशक माना गया है.

2. तिल दान से सूर्य देव प्रसन्न होते हैं.

3. मकर संक्रांति पर तिल दान करने से पुण्य कई गुना बढ़ता है.

4. मकर संक्रांति पर एकादशी पड़ने से तिल के दान से एकादशी के नियम भी नहीं टूटते यानी तिल दान से आपको दोनों पर्वों का पूरा फल मिलता है.





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