Makar Sankranti 2026 : हाथ की अंजलि में सफ़ेद तिल लेकर राशी अनुसार इन मन्त्रों का करें जाप, इनका करें दान... फिर देखिये कैसे सूर्य सी चमकती है आपकी किस्मत
Makar Sankranti 2026 : राशियों के अनुसार सफेद तिल के साथ निम्न मंत्रो का जाप करने के पश्चात निर्दिष्ट सामग्रियों का दान किया जाये तो ग्रह दशा अनुकूल होगी।
Makar Sankranti 2026 : रविवार को मकर संक्रांति है. रविवार 14 तारीख को दोपहर 3.05 बजे सूर्य के मकर राशी में प्रवेश करते ही सूर्य उत्तरायण का हो जायेगा, अर्थात सूर्य पृथ्वी के उत्तरी भाग में अपना अधिकाधिक प्रकाश उत्सर्जित करेगा| अत: 14 तारीख को संक्रांति मनाई जायेगी| लगभग पाँच माह तक यही स्थिती बनी रहेगी और उसके पश्चात मई माह में कर्क राशी में प्रवेश करते ही सूर्य दक्षिणायन का हो जायेगा|
"मुहुर्त चिंतामणी" ग्रंथ के अनुसार जब सूर्य मकर राशी में प्रवेश करता है तो प्रवेश करने के पूर्व और पश्चात, 16 घटी याने लगभग 384 मिनट का पूण्य काल होता है| और यह भी लिखा है की जब दोपहर में सूर्य मकर राशी में प्रवेश करे तो सूर्यास्त तक पुण्यकाल होता है|
ज्योतिषाचार्य डॉ दत्तात्रेय होस्केरे के अनुसार राशियों के अनुसार सफेद तिल के साथ निम्न मंत्रो का जाप करने के पश्चात निर्दिष्ट सामग्रियों का दान किया जाये तो ग्रह दशा अनुकूल होगी।
मेष
सामाजिक प्रतिष्ठा बढेगी। मई माह में विशेष लाभ होने की सम्भावना है। संतान की प्रगति को लेकर चिंताएं दूर होंगी। कैरियर के चयन को लेकर बेचैनी बढ सकती है।
मंत्र : ऊँ रवये नम:
दान सामग्री : गुड
वृषभ
स्वास्थ्य सम्बन्धी चिंताएं हो सकती हैं। समय आप परिवारिक मतभेदों में कमी करने का प्रयास करेंगे. परिवार की चिन्ताओं के कारण व्यवसायिक कार्यो प्रभावित हो सकते है।
मंत्र : ऊँ मित्राय नम:
दान सामग्री : शक्कर
मिथुन
आर्थिक क्षेत्रों के लिये यह समय आत्मविश्वास, उत्साह व उर्जा को बनाये रखने में सहायक हो सकता है। आप लिये गये निर्णय सही साबित होंगे। धन संचय में अस्थिरता रहेगी।
मंत्र : ऊँ खगाय नम:
दान सामग्री : सिंघाडा, नरियल
कर्क
व्यवसायिक क्षेत्र में धन की उपलब्धता बनी रहेगी। भाग्य आपका साथ दे रहा है, कुछ उन्नति के मार्ग भी दिखाई दे सकते हैं। अपना कुछ समय धर्म कर्म के कार्यों में लगाएं तो शांति प्राप्त होगी।
मंत्र : जय भद्राय नम:
दान सामग्री : दूध और चावल
सिंह
आर्थिक स्थिति को सुदृढ करके के लिये आप ज्यादा प्रयास कर सकते है। आपकी मेहनत, कार्यकुशलता रंग लायेगी तथा इससे पूर्व किये गये कार्यो से लाभ मिलने आरम्भ हो जायेगें।
मंत्र : ऊँ भास्कराय नम:
दान सामग्री : अनार
कन्या
नौकरी में बदलाव के संकेत मिलते हैं। कार्यक्षेत्र में अपने सम्मान संबन्धी विषयों पर आपकी चिन्ताएं बढ सकती है। आय के क्षेत्र में उतार चढाव अधिक होंगे लेकिन लाभ ही होगा।
मंत्र : ऊँ भानवे नम:
दान समग्री : हरे फल
तुला
इस दांपत्य जीवन में तनाव की स्थिति बनी रह सकती है। परिवार के साथ बातचित में कमी के कारण, संबन्ध कुछ खराब हो सकते है। परिवार में सुख- सुविधा के साधनों में वृद्धि होगी।
मंत्र : ऊँ पुष्णे नम:
दान सामग्री : चावल,खट्टे फल
वृश्चिक
नये संबन्ध आरम्भ करना सही नहीं रहेगा। परिवार की समस्याओं को सुलझाने में आप व्यस्त रह सकते हैं। इस समय संतान के स्वभाव में जिद्ध का भाव देखा जा सकता है।
मंत्र : ऊँ सूर्याय नम:
दान सामग्री : दूध और गुड
धनु
आपको अपने जीवन साथी के साथ समय व्यतीत करने के अवसर प्राप्त हो सकते है। सूर्य के उत्तरायण होने से आप दोनों के मध्य समन्वय व स्नेह भाव में वृद्धि होगी।
मंत्र : ऊँ आदित्याय नम:
दान सामग्री : चना दाल,गुड
मकर
आपको परिवार में सज्जनों के संम्पर्क में आने के अवसर प्राप्त होगें। माता के स्वास्थ्य को लेकर चिंताएं बढ सकती है। धार्मिक यात्राओं पर किये गये व्यय बढ सकते है।
मंत्र : ऊँ मरीचये नम:
दान सामग्री : मुंगफल्ली
कुम्भ
आपके आत्मविश्वास में कमी आ सकती है। अपनी बुद्धिमता से परिवार की सुख -शान्ति को बनाये रखने का प्रयास करें। सन्तान की ओर से चिंतित रह सकते हैं।
मंत्र : ऊँ सवित्रे नम:
दान सामग्री : शक्कर, उडद दाल
मीन
परिवार में किसी नये सदस्य के शामिल होने के योग बन रहे हैं। इसके अलावा कोई शुभ सूचना भी आपको प्राप्त हो सकती है। साझेदारी व्यापार में इस अवधि में लाभ के स्त्रोत बनेगें।
मंत्र : ऊँ अर्काय नम:
दान सामग्री : बेसन की मिठाई