Makar Sankranti 2026 punyakaal : इस मकर संक्रांति पुण्यकाल 14 जनवरी को ही ! दोपहर 3.03 मिनट से शाम 05 बजकर 39 मिनट तक रहेगा पुण्यकाल, जानिये क्या होता है पुण्यकाल और महत्व

इस बार मकर संक्रांति का पुण्यकाल 14 जनवरी को ही है, जो दोपहर 3.03 मिनट से प्रारंभ हो रहा है और यह सायंकाल 05 बजकर 39 मिनट तक रहेगा.

Update: 2026-01-13 17:27 GMT

Makar Sankranti 2026 punyakaal : आज मकर संक्रांति है. आज भगवान सूर्यदेव 14 तारीख को दोपहर 3.05 बजे सूर्य के मकर राशी में प्रवेश करते ही सूर्य उत्तरायण का हो जायेगा, अर्थात सूर्य पृथ्वी के उत्तरी भाग में अपना अधिकाधिक प्रकाश उत्सर्जित करेगा|


अत: 14 तारीख को संक्रांति मनाई जायेगी| और इस बार मकर संक्रांति का पुण्यकाल 14 जनवरी को ही है, जो  दोपहर 3.03 मिनट से प्रारंभ हो रहा है और यह सायंकाल 05 बजकर 39 मिनट तक रहेगा. 




ज्योतिषाचार्य डॉ.दत्तात्रेय होस्केरे अनुसार "मुहुर्त चिंतामणी" ग्रंथ के अनुसार जब सूर्य मकर राशी में प्रवेश करता है तो प्रवेश करने के पूर्व और पश्चात, 16 घटी याने लगभग 384 मिनट का पूण्य काल होता है| और यह भी लिखा है की जब दोपहर में सूर्य मकर राशी में प्रवेश करे तो सूर्यास्त तक पुण्यकाल होता है|


मकर संक्रांति 2026 पुण्यकाल


14 जनवरी को मकर संक्रांति का पुण्यकाल दोपहर 3.03 मिनट से प्रारंभ हो रहा है और यह सायंकाल 05 बजकर 39 मिनट तक रहेगा. सूर्य का यह संक्रमण शनि प्रधान अनुराधा नक्षत्र के मध्य में 7 महत्वपूर्ण योगों में हो रहा है जो की सभी के लिए अत्यंत लाभप्रद है|




 पुण्य काल क्या है ?


पुण्य काल वह विशेष समय होता है, जिसमें किए गए धार्मिक और पुण्य कर्मों का फल कई गुना बढ़ जाता है. मकर संक्रांति के दिन सूर्य के राशि परिवर्तन के कारण यह पुण्य काल बनता है. शास्त्रों के अनुसार, इस समय किया गया दान, जप-तप और स्नान जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लाता है.


पुण्य काल में स्नान का महत्व


मकर संक्रांति के पुण्य काल में पवित्र नदी में स्नान का खास महत्व है. इसे अत्यंत फलदायी माना जाता है. मान्यता है कि इस समय स्नान करने से व्यक्ति के पाप नष्ट होते हैं और उसे पुण्य की प्राप्ति होती है. हालांकि, जो लोग किसी कारणवश इस दिन नदी में स्नान नहीं कर सकते, वे घर पर ही स्वच्छ जल में गंगाजल मिलाकर स्नान कर सकते हैं.




 सूर्य देव की पूजा


मकर संक्रांति के दिन सूर्य देव की विशेष पूजा की जाती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पुण्य काल में सूर्य को अर्घ्य देने से मान-सम्मान, स्वास्थ्य और सफलता की प्राप्ति होती है.




 पुण्य काल के समय करें दान


मकर संक्रांति के दिन दान-पुण्य करना बेहद शुभ माना जाता है. शुभ फल की प्राप्ति के लिए पुण्य काल के दौरान विशेष रूप से तिल, गुड़, अन्न, वस्त्र, कंबल और धन का दान करना चाहिए. शास्त्रों के अनुसार, इस समय किया गया दान कई जन्मों तक पुण्य प्रदान करता है. ऐसा माना जाता है कि इससे आर्थिक बाधाएं दूर होती हैं और माता लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है. लेकिन इस वर्ष षट्तिला एकादशी होने के कारण अन्न दान से बचे। 

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