Mahakal Bhasm Aarti Live : उज्जैन से महाकाल लाइव : तड़के 3 बजे से गूँजा हर-हर महादेव, देखें महाकाल की पहली भस्म आरती की अनोखी झलक
Mahakal Bhasm Aarti Live : भस्म आरती के दौरान श्रद्धालु भोलेनाथ की एक झलक पाने के लिए बेकरार दिखे। वे आधी रात से ही लंबी कतारों में लगे थे, हर कोई बाबा की एक झलक का इंतजार कर रहा था।
Mahakal Bhasm Aarti Live : उज्जैन से महाकाल लाइव : तड़के 3 बजे से गूँजा हर-हर महादेव, देखें महाकाल की पहली भस्म आरती की अनोखी झलक
Mahakal Bhasm Aarti Live 7 january 2026 : उज्जैन : 7 जनवरी : आज बुधवार सुबह उज्जैन में स्थित बाबा महाकाल के दरबार में भक्तों को बाबा के दिव्य दर्शन हुए। आज सुबह भस्म आरती के दौरान श्रद्धालु भोलेनाथ की एक झलक पाने के लिए बेकरार दिखे। वे आधी रात से ही लंबी कतारों में लगे थे, हर कोई बाबा की एक झलक का इंतजार कर रहा था।
जब सुबह 4 बजे बाबा महाकाल के कपाट खुले
जब सुबह 4 बजे बाबा महाकाल के कपाट खुले। तो आज का बाबा का शृंगार कुछ खास था एक आभा दिखाई दे रही थी क्योंकि इस बार शृंगार के दौरान उनके मस्तक पर चमकता त्रिपुंड, बीच में त्रिनेत्र और पूरा शरीर पवित्र भांग से सजा हुआ था, जिसे देख मानो ये प्रतीत हो रहा था कि जैसे स्वयं त्रिकालदर्शी आ गए हों। उनकी आंखों में चमक ऐसी थी जो भाव विभोर कर रही थी
पूरे मंदिर परिसर में जय श्री महाकाल, और हर हर महादेव की गूंज
इसके बाद पूरे मंदिर परिसर में जय श्री महाकाल, हर हर महादेव के जयकारो से गूंज उठा। इस वातावरण से पूरा मंदिर परिसर एक अलग ही उमंग में नजर आया बाबा महाकाल की भस्म आरती के बाद भी भक्तों के दर्शन का सिलसिला जारी रहा। उज्जैन महाकाल मंदिर में पूरे दिन 6 प्रकार की आरती होती है, जिसमें भस्म आरती सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है। वहीं इसे देखने के लिए देश-विदेश से लोग आते हैं और सुबह से ही महाकाल की आरती का लाभ उठाते हैं।
मान्यता ऐसी की महाकाल के दर्शन के बाद जूना महाकाल के दर्शन जरुरी
बाबा भोलेनाथ पर चढ़ाई जाने वाली कपिला गया के गोबर से बने कंडे और पीपल, पलाश, बड़, अमलतास और बेर के पेड़ की लकड़ियों को जलाकर तैयार की जाने वाली भस्म को एक सूती कपड़े में बांधा जाता है और उसे शिवलिंग पर हलके हाथो से बिखेर दिया जाता है। मान्यता ये भी है की महाकाल के दर्शन करने के बाद जूना महाकाल के दर्शन जरूर करने चाहिए। भस्म आरती दो घंटे करीब तक की जाती है। इस दौरान वैदिक मंत्रों का उच्चारण किया जाता है। साथ ही, आरती के दौरान ही भोलेनाथ का मनमोहक शृंगार भी किया जाता है।