Mahakal Bhasm Aarti Live : उज्जैन से लाइव : महाकाल का महा-श्रृंगार: भस्म की सुगंध और डमरू के नाद के बीच साक्षात महादेव के दर्शन, झूम उठे भक्त

Mahakal Bhasm Aarti Live : आज 12 जनवरी 2026, सोमवार की सुबह उज्जैन का मौसम बेहद सुहावना है। हालांकि ठंड बहुत ज्यादा है, लेकिन बाबा महाकाल के भक्तों की अटूट आस्था के आगे यह ठंड फीकी पड़ गई है

Update: 2026-01-12 01:35 GMT

Mahakal Bhasm Aarti Live : उज्जैन से लाइव : महाकाल का महा-श्रृंगार: भस्म की सुगंध और डमरू के नाद के बीच साक्षात महादेव के दर्शन, झूम उठे भक्त

उज्जैन : Mahakal Bhasm Aarti Live Aaj 12 January 2026 : आज 12 जनवरी 2026, सोमवार की सुबह उज्जैन का मौसम बेहद सुहावना है। हालांकि ठंड बहुत ज्यादा है, लेकिन बाबा महाकाल के भक्तों की अटूट आस्था के आगे यह ठंड फीकी पड़ गई है, जैसे ही सुबह-सुबह मंदिर के पट खोले गए, पूरा मंदिर परिसर जय श्री महाकाल के जयघोष से गूंज उठा, वहां मौजूद सभी श्रधालुओ का रोम-रोम पुलकित हो उठा उस दिव्य वातावरण को देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो पूरी अवंतिका नगरी जाग उठी हो और साक्षात महादेव अपने भक्तों को आशीर्वाद देने आ गए हो

Mahakal Bhasm Aarti Live Aaj 12 January 2026 : बाबा का श्रृंगार

जैसे ही घड़ी में सुबह के 4 बजे, गर्भगृह के कपाट खोल दिए गए और भक्तों का लंबा इंतजार समाप्त हुआ, आज बाबा महाकाल का श्रृंगार इतना मनमोहक और अलौकिक हैं की जो भी उन्हें निहार रहा था, बस देखता ही रह गया। भोलेनाथ के माथे पर चंदन का दिव्य त्रिपुंड और सुगंधित लेपों का लेपन किया गया था। बाबा की आंखों की वह अद्भुत चमक भक्तों को निहाल कर रही थी, ताजे और सुगंधित फूलों के मालाओ के साथ-साथ दिव्य आभूषणों में सजे भगवान शिव का रूप मनोमोहक लग रहा था

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जब भस्म आरती शुरू हुई

गर्भ गृह में जब भस्म आरती शुरू हुई, कपिला गाय के गोबर से बने कंडों और पवित्र लकड़ियों की राख यानि भस्म को जब एक महीन सफेद कपड़े से छानकर बाबा पर श्रद्धा भाव से अर्पित किया गया, तो पूरी हवा उसकी पवित्र महक से सराबोर हो गई करीब 2 घंटे तक चलने वाली इस भस्म आरती के दौरान जब वैदिक मंत्रोच्चार के साथ डमरू और शंख की ध्वनि गूंजी, तो वहां मौजूद भक्तो का जनसैलाब भाव-विभोर हो उठा, उस समय की ऊर्जा और धार्मिक अहसास को केवल महसूस किया जा सकता है, उसका वर्णन नहीं किया जा सकता

भक्तो के लिए दर्शन व्यवस्था

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर ट्रस्ट ने सुरक्षा व सुविधा के बहुत ही अछे और पुख्ता इंतजाम किए हैं। आम दर्शनार्थियों के सुगम दर्शन के लिए महाकाल लोक से होते हुए मानसरोवर गेट की ओर रास्ता बनाया गया है, जहां श्रद्धालुओं के लिए पीने के शुद्ध पानी और बैठने की अच्छी व्यवस्था की गई है। इसके अलावा, जो श्रद्धालु समय की कमी के चलते जल्दी दर्शन करना चाहते हैं, उनके लिए 250 रुपये की रसीद वाली वीआईपी लाइन की भी अलग से व्यवस्था है, जिससे भगवान भोलेनाथ के दर्शन आसानी से हो सके

उज्जैन की इस पावन यात्रा में एक और महत्वपूर्ण बात का ध्यान रखना आवश्यक है। यदि आप बाबा महाकाल के दरबार में आए हैं, तो परंपरा ये भी हैं की यहाँ आप जूना महाकाल के दर्शन करना कभी न भूलें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जब तक आप जूना महाकाल के दर्शन नहीं करते तब तक आपकी उज्जैन की यह तीर्थ यात्रा अधूरी मानी जाती है। जय महाकाल

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