Mahakal Bhasm Aarti Live : उज्जैन से लाइव : देखें बाबा महाकाल का अलौकिक श्रृंगार, भस्म आरती की दिव्य चमक से सराबोर हुई अवंतिका नगरी, आप भी घर बैठे करें दर्शन
Mahakal Bhasm Aarti Live : मकर संक्रांति के पावन पर्व के ठीक अगले दिन आज गुरुवार उज्जैन नगरी में आस्था का एक अनोखा नजारा देखने को मिल रहा हैं, ठंड और शीतलहर का सितम जारी है लेकिन बाबा महाकाल के दरबार में हजारों भक्तों की भारी भीड़ आज भी हैं
Mahakal Bhasm Aarti Live : उज्जैन से लाइव : देखें बाबा महाकाल का अलौकिक श्रृंगार, भस्म आरती की दिव्य चमक से सराबोर हुई अवंतिका नगरी, आप भी घर बैठे करें दर्शन
Mahakal Bhasm Aarti Live Today 15 January 2026 : उज्जैन : मकर संक्रांति के पावन पर्व के ठीक अगले दिन आज गुरुवार उज्जैन नगरी में आस्था का एक अनोखा नजारा देखने को मिल रहा हैं, ठंड और शीतलहर का सितम जारी है लेकिन बाबा महाकाल के दरबार में हजारों भक्तों की भारी भीड़ आज भी हैं, सुबह 4 बजे जब मंदिर का दरवाजा खुला, तो चारो वोर जय श्री महाकाल के जयघोष से गूंज उठा, भक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा था और वो लोग रात से ही लंबी कतारो में लगे थे
Mahakal Bhasm Aarti Live Today 15 January 2026 : बाबा महाकाल का मनमोहक श्रृंगार
रोज की तरह आज सुबह होते ही सबसे पहले भगवान महाकाल का जल से अभिषेक किया गया, इसके बाद दूध, दही, घी, शक्कर और शहद के पंचामृत से बाबा को स्नान कराया गया, आज का श्रृंगार बेहद खास था, बाबा के मस्तक पर चंदन का आकर्षक त्रिपुंड सजाया गया और उन्हें सुगंधित पुष्पों के साथ स्वर्ण आभूषणों से अलंकृत किया गया, बाबा का यह तेजस्वी रूप देख भक्तगण निहाल हो रहे थे
भस्म की वर्षा और डमरू की गूंज
यह उज्जैन बाबा के मंदिर में आरती का सबसे मुख्य आकर्षण भस्म आरती होती है जिसमें कपिला गाय के गोबर से तैयार पवित्र भस्म को बाबा पर अर्पित किया गया हलके हाथों से बाबा पर बिखेरा जाता है , जैसे ही सूती कपड़े से तैयार कर भस्म की वर्षा हुई, पूरा गर्भगृह सोंधी खुशबू से महक उठा, वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद और डमरू की थाप ने वातावरण में एक अलग ही आध्यात्मिक ऊर्जा पैदा कर दी, वहां मौजूद सभी श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूमने लगा, भस्म आरती करीब दो घंटे तक की जाती है, इस अनुष्ठान में भक्तों को साक्षात भोलेनाथ के दर्शन होते है
दिन भर चलता है भक्ति और आरती का सिलसिला
महाकाल मंदिर में दिन की शुरुआत भस्म आरती से होती है, लेकिन इसके बाद भी पूजा पाट का क्रम लगातार चलता रहता है, भस्म आरती के बाद दद्योदक आरती होती है, फिर सुबह की भोग आरती और उसके बाद दोपहर की विशेष पूजा संपन्न की जाती है, शाम को सूर्यास्त के समय होने वाली भव्य संध्या आरती भक्तों का मन मोह लेती है, और आखरी में शयन आरती के साथ बाबा को विश्राम कराया जाता है, पूरे दिन में भक्त बाबा के अलग-अलग मनोहारी रूपों के दर्शन कर धन्य हो जाते है
दर्शन पर आने वाले भक्तो के लिए खास सुविधा
मकर संक्रांति के उपलक्ष्य में उमड़ी भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर समिति ने सुरक्षा के हिसाब से खास इंतजाम किए हैं, सामान्य श्रद्धालुओं को महाकाल लोक के माध्यम से मानसरोवर गेट से प्रवेश दिया जा रहा है, वही ठंड को देखते हुए प्रतीक्षालय में पानी आदि की उचित व्यवस्था की गई है साथ ही, शीघ्र दर्शन करने वालों के लिए 250 रुपये की विशेष रसीद व्यवस्था है, जिन्हें मंदिर के दुसरे रास्ते से एंट्री दी जा रही है
जूना महाकाल का महत्व जिनके बिना महाकाल दर्शन अधुरा
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, उज्जैन की यात्रा तब तक अधूरी मानी जाती है जब तक महाकाल परिसर में स्थित जूना महाकाल के दर्शन न किए जाएं आज भी बड़ी संख्या में भक्तों ने मुख्य मंदिर में दर्शन के बाद जूना महाकाल पहुंचकर माथा टेका और अपनी महाकाल दर्शन यात्रा को पूरा किया | जय महाकाल