Mahakal Bhasm Aarti Live Today : उज्जैन से लाइव : दिव्य भस्म से महके बाबा महाकाल : आज सुबह का मनमोहक स्वरूप देख निहाल हुए भक्त
Mahakal Bhasm Aarti Live Today : 10 जनवरी 2026 : आज सुबह उज्जैन में बाबा महाकाल के दरबार में जो नज़ारा था, उसे शब्दों में बयान करना मुश्किल है।
Mahakal Bhasm Aarti Live Today : उज्जैन से लाइव : दिव्य भस्म से महके बाबा महाकाल : आज सुबह का मनमोहक स्वरूप देख निहाल हुए भक्त
Mahakal Bhasm Aarti Live Today 10 January 2026 : उज्जैन | 10 जनवरी 2026 : आज सुबह उज्जैन में बाबा महाकाल के दरबार में जो नज़ारा था, उसे शब्दों में बयान करना मुश्किल है। कड़ाके की ठंड होने के बावजूद बाबा के भक्तों के जोश में कोई कमी दिखाई नही दी । सुबह-सुबह जब मंदिर के पट खुले, तो पूरा परिसर जय श्री महाकाल और हर-हर महादेव के जयकारो से गूंज उठा। ऐसा लग रहा था जैसे पूरी उज्जैन नगरी भोलेनाथ की भक्ति में डूब गई हो।
Mahakal Bhasm Aarti Live Today 10 January 2026 : सुबह 4 बजे जब मंदिर का दरवाजा खुला : जैसे ही सुबह के 4 बजे मंदिर के कपाट खुले, भक्तों की आंखें बाबा की एक झलक पाने के लिए बेचैन हो उठीं। आज बाबा का शृंगार वाकई दिल जीत लेने वाला था। महादेव के माथे पर चमकता हुआ चंदन का त्रिपुंड, पूरे शरीर पर सुगंधित लेप और ताजे फूलों की सजावट सब कुछ इतना सुंदर था कि लग रहा था जैसे बाबा साक्षात सामने बैठे हो। उनकी आंखों में एक अलग ही चमक दिखाई दे रही थी, जिसमें भक्तों के लिए ढेर सारा प्यार झलक रहा था।
कैसे होती हैं दिव्य भस्म आरती
भगवान महाकाल की भस्म आरती का अपना ही एक अलग महत्व है। इसके लिए खास तौर पर कपिला गाय के गोबर से बने कंडे और पीपल, पलाश, बड़ जैसे पवित्र पेड़ों की लकड़ियों को जलाकर भस्म बनाया जाया हैं, आरती के दौरान एक सफेद सूती कपड़े में इस पवित्र भस्म को बांधकर बड़े ही प्यार से शिवलिंग पर बिखेरा जाता है। करीब 2 घंटे तक चलने वाली इस पूजा में जब पंडित जी वैदिक मंत्रों का जाप करते हैं और डमरू बजते हैं, तो ऐसा महसूस होता है जिसे सब्दो में बता पाना मुश्किल हैं भक्तगण भाव विभोर हो जाते हैं
मंदिर ट्रस्ट द्वारा भक्तो के लिए खास इंतज़ाम
भीड़ को देखते हुए मंदिर ट्रस्ट ने काफी अच्छे इंतजाम किए हैं। आम भक्तों को महाकाल लोक से होते हुए मानसरोवर गेट के रास्ते एंट्री दी जा रही है। लाइन में लगे लोगों को दिक्कत न हो, इसके लिए वहां पंखे, पानी और बैठने की जगह बनाई गई है। जो लोग जल्दी दर्शन करना चाहते हैं, उनके लिए 250 रुपये की रसीद वाली अलग लाइन भी है। उनको अलग गेट से एंट्री दी जाती हैं
एक और मान्यता : उज्जैन में मान्यता है कि अगर आप महाकाल दर्शन पर आये हैं, तो आपको जूना महाकाल के दर्शन जरूर करने चाहिए, इस दर्शन के बिना आपकी यात्रा अधूरी मानी जाती है।