देवी चित्रलेखा कौन हैं? (Devi Chitralekha Biography in Hindi)

Devi Chitralekha Koun Haiदेवी चित्रलेखा भारत की सबसे कम उम्र की आध्यात्मिक संतों में से एक हैं। वह सत्संग गौ सेवा और अपने विचारों गायन से देश दुनिया के लोगों को आध्यात्म से जोड़ती आई है।

Update: 2026-02-03 13:00 GMT

Devi Chitralekha Biography in Hindi: देवी चित्रलेखा भारत की युवा और प्रसिद्ध कथावाचक, आध्यात्मिक वक्ता और भजन गायिका हैं। वे कम उम्र में श्रीमद्भागवत कथा, गीता उपदेश और कृष्ण भक्ति से जुड़ी प्रवचनों के लिए जानी जाती हैं। अपनी ओजस्वी वाणी, सरल भाषा और युवाओं से संवाद की शैली के कारण उनकी पहचान देश-विदेश तक बनी है।

जन्म और शुरुआती जीवन

देवी चित्रलेखा का जन्म 19 जनवरी 1997 को हरियाणा के पलवल जिले में एक ब्राह्मण परिवार में हुआ। उनके परिवार का झुकाव शुरू से ही अध्यात्म की ओर रहा। प्रारंभिक शिक्षा गांव के स्कूल में और आगे की पढ़ाई एक पब्लिक स्कूल से हुई। बचपन से ही उन्हें भजन, कथा और उपदेश में गहरी रुचि थी।

परिवार के अनुसार चार वर्ष की उम्र में वे बंगाली संत श्रीश्री गिरधारी बाबा से जुड़ीं और गौड़ीय वैष्णव परंपरा में प्रशिक्षण लेना शुरू किया। इसी दौर में उन्होंने धर्मग्रंथों का अध्ययन आरंभ किया।

कथावाचन की शुरुआत

बताया जाता है कि छह वर्ष की उम्र में वे पहली बार सार्वजनिक रूप से प्रवचन देने लगीं। बृज क्षेत्र में एक संत-समागम के दौरान उन्हें बोलने का अवसर मिला, जहां उनके विचारों ने श्रोताओं का ध्यान खींचा। इसके बाद वृंदावन के पास तपोवन में उनकी पहली सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन हुआ। समय के साथ वे नियमित रूप से विभिन्न धार्मिक आयोजनों में कथा-प्रवचन देने लगीं।

पहचान और कार्य

देवी चित्रलेखा भगवद्गीता उपदेश, श्रीमद्भागवत कथा, भजन-कीर्तन और मोटिवेशनल स्पीच के लिए जानी जाती हैं। उनके प्रवचनों में राधे-कृष्ण और हरे कृष्ण मंत्रों का विशेष महत्व रहता है। कई धार्मिक टीवी चैनलों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर उनकी कथाओं का प्रसारण हुआ है।

गौ-सेवा और सामाजिक पहल

देवी चित्रलेखा का सामाजिक कार्यों में भी योगदान है। 2013 में उन्होंने अपने जन्मस्थान पलवल में गौ सेवा धाम अस्पताल की शुरुआत की, जहां घायल और बेसहारा गायों का उपचार और देखभाल की जाती है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार यहां सैकड़ों गायों की सेवा होती है।

वैवाहिक जीवन

देवी चित्रलेखा विवाहित हैं। 23 मई 2017 को उनका विवाह माधव प्रभु से हुआ। उन्हें हारमोनियम बजाने का शौक है और उनका यूट्यूब चैनल भी है, जहां कथा-प्रवचन और भजन साझा किए जाते हैं।

देवी चित्रलेखा कम उम्र में कथावाचन शुरू करने वाली उन आध्यात्मिक वक्ताओं में हैं, जिन्होंने कृष्ण भक्ति, सेवा और साधना को अपनी पहचान बनाया। कथा-प्रवचन के साथ गौ-सेवा और युवाओं को प्रेरित करने के प्रयासों के कारण वे आज भी चर्चा में रहती हैं।

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