Preschool right age : क्या आप भी अपने दिल के टुकड़े को प्री स्कूल भेजने की तैयारी में हैं, तो यह खबर जरूर पढ़ें... कहीं बच्चा न हो जाये एंग्जायटी और असुरक्षा का शिकार

Preschool : कुछ बच्चे 2.5 साल में ही तैयार दिखते हैं, जबकि कुछ को 3.5 या 4 साल तक घर का माहौल ज्यादा सूट करता है.

Update: 2026-01-23 08:49 GMT

Preschool : आजकल ज्यादातर पेरेंट्स में एक से बढ़कर एक स्कूल में एडमिशन, यहाँ तक जल्द से जल्द प्रीस्कूल में भी एडमिशन की होड़ मची हुई है. पेरेंट्स आजकल यह जानना बिलकुल नहीं चाहते हैं की बच्चा अभी स्कूल जाने के लायक है भी या नहीं. बस देखा-देखी में अपने बच्चों को घर की दहलीज पार करा कर स्कूल पहुंचा देते हैं. फिर बच्चा वहां दिन भर बिना खाये-पीए रह रहा होता है या फिर घर और पेरेंट्स की याद में पूरा दिन उदास रहता है. रोता बिलखता है. और धीरे-धीरे शांत होकर डिप्रेशन का शिकार हो जाता है. 


कई लोग सोचते हैं कि जितनी जल्दी स्कूल भेजेंगे, बच्चा उतना स्मार्ट बनेगा. लेकिन क्या वाकई ऐसा है ? इस बारे में जब NPG न्यूज़ ने शहर के शिक्षाविदों और चाइल्ड एक्सपर्ट से बात की तो उन्होंने बताया की क्या सही है और क्या गलत है. और अपने बच्चे के लिए क्या सही निर्णय होगा. 




 3 साल की उम्र प्ले स्कूल शुरू करने के लिए सबसे बेहतर 


ज्यादातर बच्चों के लिए 3 साल की उम्र प्ले स्कूल शुरू करने के लिए सबसे बेहतर मानी जाती है. इस उम्र तक बच्चा थोड़ा समझदार हो जाता है, अपने माता-पिता से कुछ समय के लिए अलग रह सकता है और नए माहौल को अपनाने की क्षमता विकसित करने लगता है. हर बच्चा अलग होता है. कुछ बच्चे 2.5 साल में ही तैयार दिखते हैं, जबकि कुछ को 3.5 या 4 साल तक घर का माहौल ज्यादा सूट करता है. इसलिए सिर्फ समाज या रिश्तेदारों के दबाव में आकर बच्चे को जल्दी स्कूल भेजना सही नहीं है.




 

क्या जल्दी स्कूल भेजने से बच्चा ज्यादा स्मार्ट बनता है ?


नहीं... अर्ली स्कूलिंग का मतलब स्मार्ट बच्चा नहीं होता है. पढ़ाई से ज्यादा जरूरी है कि बच्चा बचपन में खेले, सवाल पूछे, कहानियां सुने और अपने माता-पिता के साथ समय बिताए. यही चीजें बच्चे के दिमागी और भावनात्मक विकास में मदद करती हैं. ऐसे में प्ले स्कूल भेजने का फैसला बच्चे की उम्र से ज्यादा उसकी तैयारी देखकर लेना चाहिए. आमतौर पर 3 साल की उम्र सही मानी जाती है, लेकिन सबसे जरूरी बात यह है कि बच्चा खुश, सुरक्षित और आत्मविश्वासी महसूस करे.


शिक्षाविदों के अनुसार अगर बच्चा प्ले स्कूल जाने के लिए भावनात्मक रूप से तैयार नहीं है, तो उसे डर, रोना, एंग्जायटी और असुरक्षा महसूस हो सकती है. एक खुश और सुरक्षित बच्चा ही सबसे अच्छा सीखता है. जब बच्चा खुद को सुरक्षित महसूस करता है, तभी वह खेलते हुए नई चीजें सीख पाता है.

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